शकरकंद कब खाना चाहिए और कब नहीं? एक्सपर्ट से जानें

शकरकंद खाने का सही समय: शकरकंद जहां, डायबिटीज में खाना फायदेमंद है तो, वहीं इसे ज्यादा मात्रा में खाना तेजी से वजन भी बढ़ा सकता है। 

Pallavi Kumari
Written by: Pallavi KumariPublished at: Dec 05, 2021Updated at: Dec 05, 2021
शकरकंद कब खाना चाहिए और कब नहीं? एक्सपर्ट से जानें

शकरकंद सर्दियों के मौसम का आलू है जिसे लोग बड़े चाव से खाते हैं। इसकी तासीर गर्म होती है और हाई कैलोरी के मामले में ये एक कंप्लीट फूड है। शकरकंद को लोग कई प्रकार से बनाते और खाते हैं। जैसे कि शकरकंद को कुछ लोग भाजी बना कर खाते हैं, तो कुछ उबाल कर खाते हैं तो, कुछ लोग आग में पका कर खाते हैं। इसके अलावा भी शकरकंद से लोग कई अलग-अलग प्रकार की रेसिपी तैयार करते हैं, जैसे कि शकरकंद का हलवा, शकरकंद का खीर, शकरकंद की सब्जी और शकरकंद का भरता। शकरकंद खाने के जितने फायदे हैं उतने ही नुकसान भी हो सकते हैं, अगर आप इसे गलत समय पर और गलत तरीके से खाएं। जैसे कि रात में शकरकंद खा कर सोना आपका वजन बढ़ा सकता है, तो वहीं इसका अधिक मात्रा में सेवन कब्ज या दस्त की समस्या भी दे सकता है। तो, प्रश्न ये उठता है कि आखिरकार कब हमें शकरकंद का सेवन करना चाहिए (when to eat sweet potato)? इसी बारे में हमें डॉ शुभम वात्स्या (Dr Shubham Vatsya)सलाहकार- गैस्ट्रोएंटरोलॉजी, फोर्टिस एस्कॉर्ट्स अस्पताल, फरीदाबाद ने बताया। साथ ही उन्होंने शकरकंद के फायदे और नुकसानों से भी अवगत करवाया। लेकिन उससे पहले जान लेते हैं शकरकंद के कुछ खास पोषक तत्व।

insidesweetpotato

शकरकंद के खास पोषक तत्व-Nutritional value of Sweet potato

डॉ शुभम वात्स्या (Dr Shubham Vatsya) की मानें, तो शकरकंद सैकड़ों प्रकार के होते हैं। कुछ में सफेद या क्रीम रंग का मांस होता है। अन्य पीले, लाल या बैंगनी हैं। एक शकरकंद में

  • कैलोरी: 112
  • फैट: 0.07 ग्राम
  • कार्बोहाइड्रेट: 26 ग्राम
  • प्रोटीन: 2 ग्राम
  • फाइबर: 3.9 ग्राम
  • विटामिन बी
  • विटामिन सी
  • विटामिन डी
  • कैल्शियम
  • आयरन
  • मैगनीशियम
  • फास्फोरस
  • पोटैशियम
  • थायमिन
  • जिंक 

इसे भी पढ़ें : हमें कब ठंडा दूध पीना चाहिए और कब गर्म? एक्सपर्ट से जानें दूध पीने का सही समय और तरीका

शकरकंद कब खाना चाहिए? 

1. नाश्ते में 

नाश्ता शकरकंद खाने का सबसे सही समय (Right time to eat sweet potato) है। दरअसल, सिर्फ एक शकरकंद आपको हर दिन जरूरी विटामिन ए का 400% देता है। जो कि आपकी आंखों को स्वस्थ रखने के साथ-साथ आपकी प्रतिरक्षा प्रणाली, आपके शरीर की कीटाणुओं से रक्षा करने में मदद करता है। यह आपके प्रजनन तंत्र और आपके हृदय और गुर्दे जैसे अंगों के लिए भी अच्छा है। इसके अलावा इसका हाई कैलोरी वाला होना दिन भर एनर्जेचिक बनाए रखने में मदद करता है। साथ ही इसमें कैरोटीनॉयड भी होता है जो कि ऐसा एंटीऑक्सीडेंट है जो आपकी कोशिकाओं को दिन-प्रतिदिन क्षति से बचाने में मदद करता है। इसलिए आप नाश्ते में शकरकंद खाएं।

2. डायबिटीज में 

शकरकंद का ग्लाइसेमिक इंडेक्स कम होता है और इसका सेवन इंसुलिन के प्रोडक्शन और कार्यप्रणाली को नियंत्रित करने में मदद कर सकता है। शकरकंद में उच्च मात्रा में फाइबर होता है जो टाइप 1 मधुमेह से पीड़ित लोगों में  ब्लड शुगर के स्तर को बढ़ाने में मदद करता है। वही फाइबर सामग्री टाइप 2 डायबिटीज वाले लोगों में ब्लड शुगर, लिपिड और इंसुलिन के स्तर में सुधार करने में भी मदद करती है।

3. पाचन समस्याओं में फायदेमंद 

शकरकंद पाचक फाइबर से भरपूर होता है और इसमें मैग्नीशियम जैसे खनिज भी होते हैं जो पाचन में सुधार करने में मदद करते हैं। स्टार्च की उपस्थिति के कारण, शकरकंद पचने में बहुत आसान होता है और यह कब्ज और अन्य पाचन समस्याओं से बचाव में भी मददगार है।

इसे भी पढ़ें : गर्म पानी में नींबू का रस पीने से सेहत को हो सकते हैं ये 5 फायदे, एक्सपर्ट से जानें इनके बारे में

शकरकंद कब नहीं खाना चाहिए? 

शकरकंद में मौजूद पोषक तत्वों की मात्रा के कारण इसे सुपरफूड कहा जाता है। लेकिन ये कई स्थितियों में नुकसानदेह भी है। जैसे कि

1. रात को 

रात को शकरकंद खाना शरीर के लिए नुकसानदेह होता है। ये वजन बढ़ा सकता है। दरअसल, शकरकंद में हाई कैलोरी वाला है जो कि स्टार्च से भरपूर है। ये पोषक तत्व पचाने में बहुत आसान होते हैं और आपके शरीर में बॉडी मॉस जोड़ते हैं।

2. बीटा-ब्लॉकर्स दवा के साथ

हृदय रोग और बीटा-ब्लॉकर्स दवा वाले लोगों को इसके सेवन से बचना चाहिए। दरअसल, बीटा-ब्लॉकर्स पोटेशियम के स्तर को बढ़ाते हैं और पोटेशियम युक्त शकरकंद का अधिक सेवन जटिलताएं पैदा कर सकता है। 

3. गुर्दे की समस्या में

गुर्दे की समस्या वाले लोगों को शकरकंद से बचना चाहिए क्योंकि ये खून में पोटेशियम की मात्रा बढ़ा सकता है और  गुर्दे की अन्य समस्याओं का कारण बन सकता है। 

ध्यान रहे कि शकरकंद में कार्बोहाइड्रेट की मात्रा अधिक होती है। खाना पकाने के कुछ तरीके, जैसे पकाना, भूनना और तलना, इसके ग्लाइसेमिक इंडेक्स को बढ़ा देते हैं जो कि ब्लड शुगर बढ़ा सकता है। साथ ही आपको टाइप 2 डायबिटीज है, तो इस सब्जी को अपने भोजन में सुरक्षित रूप से कैसे शामिल करें, इस बारे में अपने डॉक्टर या आहार विशेषज्ञ से बात करें।

All images credit: freepik

Disclaimer