Mother's Day 2020 : व्यस्त समय के बीच आसान और हेल्दी हैक्स, जो आपके रखेंगे फिट

मूवमेंट की कमी, तनाव और खुद के लिए समय की कमी आपके लिए कई स्वास्थ्य समस्याओं का कारण बन सकती है।

 

Jitendra Gupta
Written by: स्वाती बाथवालPublished at: May 08, 2020Written by: Jitendra Gupta
Mother's Day 2020 : व्यस्त समय के बीच आसान और हेल्दी हैक्स, जो आपके रखेंगे फिट

मां अक्सर बच्चों के बाद अपनी ओर देखती है। उनकी नजर में अपनी सेहत दूसरी प्राथमिकता होती है? लेकिन माताओं के लिए अपनी सेहत पर ध्यान बहुत ही जरूरी होता है। किसी भी आयु में माताएं चाहे आप 20 की हों, 30 की हों या फिर 40 की आपका स्वास्थ्य महत्वपूर्ण है। एक महिला का स्वास्थ्य कई मायनों में अनूठा होता है और पुरुषों के स्वास्थ्य से अलग है। गर्भावस्था, स्तनपान, रजोनिवृत्ति और पोस्ट मेनोपॉज के कारण महिलाओं के शरीर में पोषण परिवर्तन की आवश्यकता होती है। वजन बढ़ना, हार्मोन असंतुलन, थाइरॉयड असंतुलन, जोड़ों में सूजन, पीसीओडी, हाई कोलेस्ट्रॉल, शुगर, आयरन की कमी कुछ स्वास्थ्य संबंधी गंभीर समस्याएं हैं। इनमें से ज्यादातर समस्याएं जीवनशैली में बदलाव के कारण होती हैं। मूवमेंट की कमी, तनाव और खुद के लिए समय की कमी आपके लिए कई स्वास्थ्य समस्याओं का कारण बन सकती है।

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तो, आइए जानते हैं कि हम इस व्यस्त जीवन शैली में अपना वजन कैसे कम कर सकते हैं।

वजन की समस्या

वजन बढ़ने के सबसे सामान्य कारण हार्मोन असंतुलन, स्नैक का अधिक प्रयोग, मेटाबॉलिक दर में बदलाव और मूवमेंट की कमी है। गर्भावस्था के बाद वजन बढ़ने को कंट्रोल न करने पर स्वास्थ्य संबंधी दीर्घकालिक समस्याएं हो सकती हैं। हालांकि, गर्भावस्था और स्तनपान के दौरान वजन घटाने के लिए एक्सरसाइज करने की सलाह नहीं दी जाती है। हमारे पूर्वज सप्ताह में एक बार या महीने में 2-3 बार तक उपवास करते थे। उपवास एक तरह से क्लींजिंग एक्सरसाइज है, जो न केवल कुशलता से किए जाने पर कैलोरी की मात्रा को कम करती है बल्कि यह शरीर को डिटॉक्स करने में भी मदद करती है। जब हम उपवास करते हैं तो हमारे शरीर रिपेयर होना शुरू हो जाता है। आप किसी भी दिन उपवास और किसी भी प्रकार के उपवास को चुन सकते हैं, खासकर जो आपकी जीवन शैली के अनुकूल हो।

मूवमेंट 

अगर आपके पास पूरे दिन बैठे रहने का काम है, तो हिलने-डुलने का समय निकालें। हर घंटे कुछ मिनटों के लिए टहलें या डांस करें या अपने घर का अधिकांश काम खुद करें। याद रखें, कैसे हमारे दादी रसोई में सिल-बट्टे और मसाले पीसा करती थीं । मसालों का पीसना  एक सुगंधित और अच्छी एक्सरसाइज है। यह एक अरोमाथेरेपी भी है। इन मसालों की खुशबू घर के अंदर की हवा को शुद्ध करती है और मूड को भी ठीक करती है। डांस, वॉक, योग का अभ्यास करें। ये कुछ अच्छी मूवमेंट हैं। 

भोजन के अपने हिस्से के आकार को कम करें

अपनी थाली में आधी सब्जियों को रखने का लक्ष्य रखें। इसके अलावा 1⁄4 प्लेट अनाज होना चाहिए, जैसे बाजरा या चावल या चपाती या ओट्स। इसके अलावा आपकी थाली में एक चौथाई भाग प्रोटीन होना चाहिए जैसे दाल, पनीर और चिकन व अंडे। यह पूरी थाली प्रति व्यक्ति 1 चम्मच तेल में तैयार की जाना चाहिए। आपकी थाली में मौजूद अलग-अलग रंग की सब्जियां आपकी प्रतिरक्षा यानी की इम्यूनिटी को बढ़ाने में मदद करेंगी।

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अपने स्नैक्स और पेय पदार्थों पर ध्यान दें 

प्रति कप चाय और कॉफी स्नैक के बराबर है क्योंकि इसमें दूध और शुगर मौजूद होती है। कुछ आसान स्नैक आइडिया में अलसी या अलसी के लड्डू, फल, घर का बना भेल, कद्दू और सूरजमुखी के बीज, चिया सीड्स, नारियल पानी, रागी बिस्कुट, कोकम शर्बत, छाछ, लस्सी, मखाना, भुने चना कुछ हेल्दी स्नैक्स हैं। ब्लैक टी, सफेद चाय को अपनी आम चाय के साथ बदले। इसके अलावा आप हर्बल अदरक या हल्दी की चाय भी पी सकते हैं।

माइंडफुलनेस का अभ्यास करें

माइंडफुलनेस का मतलब होता है कि आप अपने खाने की मात्रा को नियंत्रित करने के लिए आपके दिमाग की क्षमता बढ़ाएं। हममें से कई लोग तनावग्रस्त या चिंतित होने पर खाने से परहेज करते हैं। जप, प्राणायाम या कोई भी अभ्यास जो आपके तनाव को कम करता है या आराम दिलाता है, वजन घटाने में महत्वपूर्ण है। 

अच्छी नींद की शक्ति 

दोपहर में झपकी लेने की शक्ति और रात में 7-8 घंटे की नींद लेने की शक्ति को कम न समझें। यह आपके विकास और तनाव हार्मोन को संतुलित करेगा और आपके बेहतर स्वास्थ्य में मदद करेगा।

30 साल की उम्र के बाद गर्भावस्था या किसी भी समय, मां को विटामिन बी 12, विटामिन डी, आयरन, फोलेट की कमी का खतरा हो सकता है। क्या आपको गिरते बाल, नाजुक नाखून की शिकायत रहती है? आपको मासिक धर्म के दौरान भारी रक्त स्त्राव या फिर प्रसव के बाद आयरन की कमी हो सकती हैं। आयरन, जिंक, मैग्नीशियम, विटामिन डी और विटामिन बी 12 कुछ सामान्य कमियां हैं।  अपने शरीर में विटामिन और मिनरल्स की कमी की भरपाई के लिए बीजों का सेवन करें। मिश्रित बीज के 2 बड़े चम्मच (अलसी, कद्दू के बीज, सूरजमुखी के बीज, चिया के बीज, तरबूज के बीज) हर रोज आपके स्वास्थ्य के लिए अद्भुत काम करेंगे। हर दिन सुबह 20 मिनट के लिए धूप में रहें।   

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आप घर पर इन क्लींज का अभ्यास कर सकते हैं 

  • अपनी नाभि और पेल्विक हिस्से के चारों ओर एप्पल कैस्टर ऑयल लगाएं और अपने पेट पर ठंडे कपड़ा लपेट लें। यह पैक आपके दर्द को कम करने में मदद करता है और पेल्विक हिस्से के आसपास की मांसपेशियों को बेहतर तरीके से टोन बनाने में भी मदद करेगा। 
  • दही तैयार करते समय अपने दूध (500 मिलि दूध) में 10 ग्राम सीलोन दालचीनी मिलाएं। दही जमाने की प्रक्रिया के दौरान दालचीनी से यौगिक अवशोषित होते हैं और यह दही के पोषण को बढ़ाते हैं। यह दही शुगर की क्रेविंग को कम करने में मदद करेगा और वजन घटाने में भी मदद करेगा। रोजाना 250 ग्राम दही का सेवन करें।
  • 1 चम्मच मेथी के बीज को 1 गिलास पानी में रात को भिगो दें। अगले दिन सुबह खाली पेट इस पानी का सेवन करें। यह पानी एक स्वास्थ्य टॉनिक है, यह शरीर में किसी भी सूजन को कम करता है और थायराइड संतुलन, हार्मोन संतुलन, जोड़ों के दर्द और दर्द में मदद करता है। इतना ही नहीं ये कोलेस्ट्रॉल और शुगर लेवल को भी कम कम करता है।
  • गेंदे के फूल की ताज़ी पंखुड़ियों का 1 बड़ा चम्मच या सूखी पंखुड़ियों की 1 बड़ी चम्मच गर्म पानी में 15 मिनट के लिए छोड़ दें। मासिक धर्म की शुरुआत से ठीक पहले 3-4 दिनों के लिए इस चाय को दिन में 2 बार पीएं। यह सूजन को कम करने में मदद करेगा।
  • एप्पल साइडर विनेगर की 5 एमएल मात्रा एक गिलास पानी में भोजन के बाद पीने से इंसुलिन प्रतिरोध को कम करने में मदद मिलती है और शुगर क्रैविंग कम होती है। आप 1 महीने तक  दिन में 2 बार ऐसा कर सकते हैं। 

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