बचपन में ही डाल दें बच्चों में ये 4 आदतें, हमेशा रहेंगे अनुशासन में

ऐसे में अगर आप भी चाहते है कि आपका बच्चा बीमारियों से दूर रहें तो बचपन में ही उन्हें कुछ खास आदतें डलवाएं। आज हम आपको 5 ऐसी बातें बता रहे हैं जो बचपन

सम्‍पादकीय विभाग
Written by: सम्‍पादकीय विभागUpdated at: Jun 08, 2020 19:56 IST
बचपन में ही डाल दें बच्चों में ये 4 आदतें, हमेशा रहेंगे अनुशासन में

बच्चे बड़े होकर कैसी आदतें अपनाते हैं या कैसा लाइफस्टाइल फॉलो करते हैं ये काफी हद तक उनकी बचपन की आदतों पर निर्भर करता है। बचपन में सिखाई गई बातें उनके जीवन में ताउम्र भूमिका निभाती है। ये बातें उनके शारीरिक स्वास्थ्य के साथ ही उनके मानसिक स्वास्थ्य पर भी गहरा प्रभाव डालती है। इस बात में कोई दोराय नहीं है कि हर पेरेंट्स चाहते हैं कि उनके बच्चे नियमित जीवनशैली अपनाएं और हमेशा हेल्दी रहें। मगर उन्हें हेल्दी रखने के लिए मां-बाप को बहुत कोशिशें करनी पड़ती है। ऐसे में अगर आप भी चाहते है कि आपका बच्चा बीमारियों से दूर रहें तो बचपन में ही उन्हें कुछ खास आदतें डलवाएं। आज हम आपको 5 ऐसी बातें बता रहे हैं जो बचपन में सिखाने पर बच्चों को जिंदगी भर अनुशासन में रहने में मदद करती है।

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योगा 

योग एक बेहतरीन अभ्यास है जो न केवल आपके मानसिक स्वास्थ्य को बढ़ाता है बल्कि लंबे समय में आपके संतुलन और मुद्रा को भी बेहतर बनाता है। अपनी मुख्य मांसपेशियों को मजबूत करने के लिए, आप कक्षा में किए गए विभिन्न स्ट्रेच और पोज़ करते हैं, जो आपके शरीर को फिट रखने में बहुत महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। ऐसी स्थिति में, यह आपके बच्चे के दिमाग को शांत करने और उनकी आदतों को सही करने में मदद करेगा। यह उनमें होने वाले हार्मोनल बदलावों को ठीक करने में भी उनकी मदद कर सकता है। इसके लिए बच्चों को बचपन से ही योगा क्लास में भेजें। उन्हें इसकी आदत डालें और उन्हें बताएं कि यह महत्वपूर्ण क्यों है।

हाइड्रेट रहना सिखाएं

ज्यादातर लोगों को हाइड्रेट रहने का मतलब ही पता नहीं होता है। लेकिन यदि बच्चों को बचपन में ही हाइड्रेट रहने के फायदे सिखाएं जाए तो वह कई बीमारियों से बच सकते हैं। यह बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य के लिए भी बहुत फायदेमंद होता है। बहुत सारा पानी पीने से आपके अंगों के नियमित कामकाज में मदद मिलती है और निर्जलीकरण के कारणों को भी रोका जा सकता है। हाइड्रेटेड रहने के लिए महत्वपूर्ण है कि आप बच्चों केा अनावश्यक कैलोरी और मीठे पेय पदार्थों के सेवन से बचने के लिए कहें। क्योंकि मीठे पदार्थ अतिरिक्त कैलोरी को बढ़ा सकते हैं।

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पोस्ट वर्कआउट डाइट

नियमित कसरत के बाद आप अपने शरीर को स्ट्रॉंग करने के लिए किस चीज का सेवन करते हैं यह बहुत महत्वपूर्ण होता है। क्योंकि इससे ही बच्चों की मांसपेशियों को फिर से भरने और शरीर को ऊर्जा मिलने में मदद मिलती है। प्रोटीन और कार्ब्स आपको ऊर्जा को बहाल करने और मजबूत मांसपेशियों का निर्माण करने के लिए पोस्ट-वर्कआउट के बाद कुछ खाने की आदत पड़नी चाहिए। अपने भोजन में अपने पसंदीदा प्रोटीन और कार्ब्स को शामिल करके मज़े करें, आप पूर्ण भोजन या नाश्ते के लिए जा सकते हैं।

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घर का खाना खाने की आदत

बच्चे की सेहत के लिए उन्हें सभी पोषक तत्व मिलना बहुत जरूर है। इसके लिए उन्हें जंक फूड्स की जगह घर का सिंपल खाना खिलाने की आदत डाले। उनकी डाइट का खास ध्यान रखते हुए उनकी डाइट में हरी- सब्जियां, दाल, ड्राई- फ्रूट्स, चने, राजमा, अंकुरित अनाज, विटामिन सी युक्त फल, रायता, चटनी, सलाद आदि को शामिल करें। अगर बच्चे फास्ट फूड्स खाने की जिद्द करते है तो उन्हें हफ्ते में बस 1 बार इसे खाने की परमिशन दें।

 

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