पीएम मोदी की अपील: 21 दिन तक पूरे भारत में लॉक-डाउन, 21 दिनों तक घर में रहें वर्ना 21 साल पीछे चले जाएगा देश

पूरे भारत में संपूर्ण लॉक-डाउन घोषित। 21 दिनों तक घर में रहें वर्ना 21 साल पीछे चले जाएगा देश।

Anurag Anubhav
Written by: Anurag AnubhavPublished at: Mar 24, 2020Updated at: Mar 24, 2020
पीएम मोदी की अपील: 21 दिन तक पूरे भारत में लॉक-डाउन, 21 दिनों तक घर में रहें वर्ना 21 साल पीछे चले जाएगा देश

भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश भर में बढ़ते कोरोना वायरस के खतरों को देखते हुए आज रात 12 बजे से संपूर्ण देश में संपूर्ण लॉक-डाउन की घोषणा की है। प्रधानमंत्री ने कहा कि हिंदुस्तान के नागरिकों को बचाने के लिए और आपके परिवार को बचाने के लिए ये एक जरूरी फैसला है। ये लॉक-डाउन 21 दिनों यानी 3 सप्ताह तक चलेगा। उन्होंने बताया कि ये एक तरह से कर्फ्यू ही है, जनता कर्फ्यू से जरा ज्यादा सख्त है। कोरोना वायरस से निर्णायक लड़ाई के लिए ये एक जरूरी कदम है।

अगर नहीं संभले तो देश 21 साल पीछे चला जाएगा

प्रधानमंत्री ने कहा कि मैं हाथ जोड़कर प्रार्थना करता हूं कि आप इस समय जहां भी हैं, वहीं रहें। देश के हालात को देखते हुए ये लॉक-डाउन 21 दिन का होगा। आने वाले 3 सप्ताह बहुत महत्वपूर्ण हैं। एक्सपर्ट्स की मानें तो कोरोना वायरस के साइकिल को तोड़ने के लिए 21 दिन लगते हैं। अगर ये 21 दिन नहीं संभले तो देश 21 साल पीछे चला जाएगा।

बाहर निकलना क्या होता है ये 21 दिनों के लिए भूल जाइए

कई बार कोरोना से संक्रमित व्यक्ति बिल्कुल स्वस्थ लगता है। वो संक्रमित है, इसका पता भी नहीं लगता है। इसलिए एहतियात बरतिए और घर में रहिए। प्रधानमंत्री ने अपील की है कि 21 दिन के लिए घर से निकलना भूल जाइए। उन्होंने कहा मैं ये बात एक प्रधानमंत्री के तौर पर नहीं, आपके परिवार के सदस्य के नाते कह रहा हूं। बाहर निकलना क्या होता है, ये 21 दिन के लिए भूल जाइए। आज के फैसले ने, देश व्यापी लॉक-डाउन ने आपके घर के बाहर एक लक्ष्मण रेखा खींच दी है। आपका एक गलत कदम कोरोना जैसी गंभीर बीमारी को आपके घर ला सकता है।

अपने से कोई दवा न लें- सेहत पर पड़ सकती है भारी

मेरी आपसे प्रार्थना है कि इस बीमारी के लक्षणों के दौरान बिना डॉक्टर की सलाह के कोई भी दवा न लें। किसी भी तरह का खिलवाड़ आपके जीवन को और भी खतरे में डाल सकता है। मुझे विश्वास है कि हर भारतीय इस संकट की घड़ी में सरकार के निर्देशों का पालन करेगा। 21 दिन का समय लंबा समय है। मगर ये समय आपके परिवार की रक्षा के लिए और आपकी रक्षा के लिए बेहद महत्वपू्र्ण है। मुझे विश्वास है कि हर भारतवासी इस मुश्किल की घड़ी से विजयी होकर निकलेगा।

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सोशल डिस्टेंसिंग है एकमात्र विकल्प

कोरोना वैश्विक महामारी पर पूरी दुनिया की स्थिति को आप देख रहे हैं और सुन रहे हैं। दुनिया के समर्थ से समर्थ देशों को भी कैसे इस महामारी ने बिल्कुल बेबस कर दिया है। ऐसा नहीं है कि ये देश प्रयास नहीं कर रहे हैं, या उनके पास संसाधनों की कमी है। लेकिन कोरोना वायरस इतनी तेजी से फैल रहा है कि तमाम तैयारियों और प्रयासों के बावजूद इन देशों में चुनौती बढ़ती ही जा रही है। इन सभी देशों के 2 महीनों के अध्ययन से जो निष्कर्ष निकल रहा है और एक्सपर्ट्स भी यही कह रहे हैं कि कोरोना वायरस से मुकाबले के प्रभावी उपाय के लिए एकमात्र विकल्प सोशल डिस्टेंसिंग है। कोरोना से बचने का इसके अलावा कोई तरीका, कोई रास्ता नहीं है।

कोरोना के साइकिल को तोड़ना होगा

कोरोना को फैलने से रोकना है, तो उसके संक्रमण के साइकिल को तोड़ना होगा। कुछ लोग इस गलतफहमी में हैं कि सोशल डिस्टेंसिंग केवल बीमार लोगों के लिए आवश्यक है। ये सोचना गलत है। सोशल डिस्टेंसिंग हर नागरिक, हर परिवार, परिवार के हर सदस्य यहां तक कि प्रधानमंत्री के लिए भी है। कुछ लोगों की गलत सोच आपके परिवार और पूरे देश को बहुत बड़ी मुश्किल में झोंक देगी। अगर ऐसी लापरवाही जारी रही, तो भारत को इसकी बहुत बड़ी कीमत चुकानी पड़ सकती है। ये कीमत कितनी चुकानी पड़ेगी, इसका अंदाजा लगाना मुश्किल है।

डॉक्टर्स के लिए मंगल कामना कीजिए

भारत आज उस स्टेज पर है, जहां हमारे आज के एक्शन तय करेंगे कि इस बड़ी आपका को हम कैसे लड़ सकते हैं। ये समय कदम-कदम पर संयम बरतने का है। आपको याद रखना है कि जान है, तो जहान है। ये धैर्य और अनुशासन की घड़ी है। जब तक देश में लॉक-डाउन की स्थिति है, तब तक हमें अपना संकल्प, अपना वचन निभाना है। मेरी आपसे हाथ जोड़कर प्रार्थना है कि आप घरों में रहकर उन लोगों के बारे में सोचिए, मंगल कामना कीजिए जो अपने आपको खतरे में डालकर इस महामारी से एक-एक जीवन को बचाने के लिए अस्पताल में काम कर रहे हैं।

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1 व्यक्ति से सैकड़ों में फैल सकता है

अगर किसी व्यक्ति में कोरोना वायरस पहुंचता है, तो उसके लक्षण दिखने में कई-कई दिन लग जाते हैं। इस दौरान वो कई लोगों को संक्रमित कर देता है। who की रिपोर्ट बताती है कि इस वायरस से संक्रमित एक व्यक्ति सैकड़ों लोगों में इस बीमारी को 1 हफ्ते में फैला सकता है। WHO के अनुसार कोरोना वायरस के संक्रमण को पहले एक लाख की संख्या तक पहुंचने में 67 दिन लगे थे, उसके बाद सिर्फ 11 दिन में 2 लाख हो गए, ये और भी भायवह है कि 2 लाख संक्रमित लोगों से 3 लाख लोगों तक ये बीमारी पहुंचने में सिर्फ 4 दिन लगे। अब आप अंदाजा लगा सकते हैं कि कोरोना वायरस कितनी तेजी से फैलता है। यही वजह है कि अनेक देशों में जब कोरोना वायरस ने फैलना शुरू किया, तो हालात बेकाबू हो गया। इटली-अमेरिका की स्वास्थ्य सेवाएं पूरी दुनिया में बेहतरीन मानी जाती हैं। लेकिन ये देश कोरोना वायरस को रोक नहीं पाएं।

भारत में कोरोना वायरस की क्या है स्थिति?

भारत में कोरोना वायरस के मामले पिछले 3 सप्ताह में काफी बढ़ गए हैं। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार भारत में अब तक कोरोना वायरस के 519 संक्रमित मामले सामने आ चुके हैं। इनमें से 40 लोगों को ठीक किया चुका है, जबकि 9 लोगों की मौत हो चुकी है। कोरोना वायरस के बढ़ते प्रसार को देखते हुए पहले ही देश के सभी 30 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को लॉक डाउन कर दिया गया है। इनमें से कुछ राज्यों में कंप्लीट लॉकडाउन के साथ कर्फ्यू भी लगा दिया गया है, तो कई राज्यों में आंशिक लॉकडाउन हुआ है।

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