किडनी डायलिसिस के बाद मरीज जरूर बरतें ये 5 सावधानियां, नहीं पहुंचेगा सेहत को नुकसान

Post Precautions For Kidney Dialysis: किडनी डायलिसिस के बाद रोगियों को कुछ बातों को बहुत ख्याल रखने की जरूरत है, जानें 5 जरूरी सावधानियां।

 

Vineet Kumar
Written by: Vineet KumarUpdated at: Dec 08, 2022 17:35 IST
किडनी डायलिसिस के बाद मरीज जरूर बरतें ये 5 सावधानियां, नहीं पहुंचेगा सेहत को नुकसान

Post Precautions For Kidney Dialysis: हमारे शरीर में मौजूद एक महत्वपूर्ण अंग हैं। जिसका आकार राजमा के जैसा होता है। यह हमारी पसलियों ठीक नीचे स्थिति होती है। किडनी हमारे शरीर को फिल्टर करने का काम करती है, यह अपशिष्ट और तरल पदार्थों को फिल्टर करने, साथ ही उनमें से टॉक्सिन्स को बाहर निकालने का काम करती है। हमारे शरीर से सभी हानिकारक कणों को बाहर निकालने के लिए किडनी का स्वस्थ होना बहुत जरूरी है। जब हमारी किडनी अपना का ठीक से नहीं करती है, तो हमारे शरीर में टॉक्सिन्स इकट्ठे होने लगते हैं। आपके शरीर में ब्लड प्रेशर के सामान्य स्तर को बनाए रखने, साथ ही रक्त में पोटेशियम और सोडियम या नमक की सही मात्रा को सुनिश्चित करने में भी किडनी अहम भूमिका निभाती है। सिर्फ इतना ही नहीं, हमारी किडनी कुछ ऐसा हार्मोन्स बनाने में भूमिका निभाती है, जो लाल रक्त कोशिकाओं के निर्माण में मदद करते हैं और हीमोग्लोबिन के स्तर को बढ़ाते हैं।

लेकिन इन दिनों खराब खान-पान और जीवनशैली की खराब आदतों के चलते बहुत से लोग किडनी से जुड़ी समस्याओं से जूझ रहे हैं, जिनमें किडनी स्टोन और किडनी फेलियर जैसी समस्याएं बहुत आम हैं। आमतौर पर यह समस्याएं सही उपचार के साथ आसानी से ठीक हो जाती हैं, लेकिन अगर एक्यूट किडनी फेलियर की स्थिति में आपकी किडनी काम करना बिल्कुल बंद कर देती है। एक्यूट किडनी फेलियर की स्थिति में या तो किडनी ट्रांसप्लांट की आवश्यकता होती या फिर डॉक्टर डायलिसिस की मदद से किडनी फंक्शन ठीक किया जाता है। हालांकि किडनी ट्रांसप्लांट के बाद किडनी को स्वस्थ रखने के लिए कुछ जरूरी सावधानियां बरतने की जरूरत होती है, जिसके बारे में हम इस लेख में आपको विस्तार से बता रहे हैं।

Post Precautions For Kidney Dialysis

आइए पहले समझते हैं किडनी डायलिसिस क्या है- kidney dialysis in hindi

WebMD के अनुसार किडनी डायलिसिस एक ऐसा उपचार या प्रक्रिया है, जिसकी मदद से किडनी के कार्यों और भार को संभाला जाता है, जब किडनी काम करना बंद कर देती है। डायलिसिस दो प्रकार के होते हैं:

पहला हेमोडायलिसिस, जिसमें आपके रक्त को एक फिल्टर के माध्यम से साफ किया जाता है और बाहर निकाला जाता है, उसके बाद फिर से अंदर वापस लौटा दिया जाता है।

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दूसरा पेरिटोनियल डायलिसिस, जिसमें रक्त को आपके शरीर के अंदर ही साफ किया जाता है। इसके लिए आपके एब्डोमिनल कैविटी में ऐसे खास तरल पदार्थ डाला जाता है, जो अपशिष्ट पदार्थों को अवशोषित करने में मदद मिलती है।

डायलिसिस की जरूरत कब पड़ती है?

डायलिसिस की जरूरत उन लोगों को पड़ती है जो गंभीर किडनी से जुड़ी स्थितियों से जूझ रहे होते हैं।  साथ ही उनकी स्थिति ऐसे स्टेज को पार कर जाती है, जहां उनसे शरीर का काम पर्याप्त नहीं हो पाता है। ऐसे में रोगी को ट्रांसप्लांट या डायलिसिस की जरूरत होती है। 

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किडनी डायलिसिस के बाद क्या-क्या सावधानियां बरतनी चाहिए?- Post Precautions For Kidney Dialysis Patients

  1. शराब और स्मोकिंग से सख्त परहेज करें
  2. स्वस्थ और पोषक तत्वों से भरपूर आहार लें, जिसमें नमक या सोडियम बहुत सीमित मात्रा में हो
  3. अधिक पोटेशियम वाले फल, साग-सब्जियों या अन्य फूड्स का कम से कम सेवन करें। पैकेज्ड, प्रोसेस्ड, जंक और सोडा ड्रिंक्स का कम से कम सेवन करें।
  4. डॉक्टर द्वारा दी गई दवाएं समय पर लें। साथ ही डॉक्टर से समय-समय पर अगली बार डायलिसिस कब होगा इस पर बात करते हैं।
  5. डॉक्टर की सलाह के बिना या बिना पूछे, डायलिसिस लेना बंद नहीं करना चाहिए।

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