छोटे बच्चों को किस उम्र से खिला सकते हैं अचार? जानें बच्चों को अचार खिलाने के फायदे और नुकसान

स्वादिष्ट और चटपटा अचार सभी को अच्छा लगता है। लेकिन क्या इसे बच्चों को खिलाना सुरक्षित है? डॉक्टर से जानें बच्चों को अचार खिलाने के फायदे और नुकसान।

 

Monika Agarwal
परवरिश के तरीकेWritten by: Monika AgarwalPublished at: Oct 09, 2021
छोटे बच्चों को किस उम्र से खिला सकते हैं अचार? जानें बच्चों को अचार खिलाने के फायदे और नुकसान

अचार फर्मेंटेड फूड होता है और यह किसी भी साधारण खाने में एक स्वाद और एक फ्लेवर बढ़ाता है। अगर किसी भी खाने की चीज की उम्र बढ़ानी हो यानी उसे खराब होने से बचाना हो तो आप उसका अचार बना सकती हैं। अचार से आपको प्रोबायोटिक्स मिलते हैं, जोकि आपके पेट में अच्छे बैक्टीरिया को बढ़ाते हैं। लेकिन सवाल यहां यह है कि क्या आप अपने बच्चे को भी अचार दे सकती हैं? अगर हां तो बच्चे के लिए कितना अचार खाना सुरक्षित होगा? मदरहुड हॉस्पिटल, सीनियर पीडियाट्रिशियन एवं नियोनेटालॉजिस्ट डॉक्टर अमित गुप्ता के अनुसार आप चाहें तो 6 महीने की उम्र के बाद से ही बच्चे को अचार खिलाना शुरू कर सकती हैं। यह बच्चे के लिए सुरक्षित होता है और अगर आप इसे अलग अलग स्वाद के अचार चखाती रहेंगी तो यह उसके स्वाद के लिए भी अच्छा होगा। लेकिन आपको इस विषय में कोई रिस्क नहीं लेना चाहिए। इसलिए देने से पहले एक बार डॉक्टर से कन्फर्म कर सकती हैं। यदि चिकित्सक की राय हो तब आप अपने बच्चे को छोटे-छोटे टुकड़ों में आचार दे सकती हैं खासकर कि जब उसके दांत निकल रहे हों। ताकि उसके मसूड़ों की सूजन उतर सके और उसको राहत भी मिल सके।

क्या अचार खाने से बच्चों को किसी प्रकार का लाभ मिलता है (Benefits Of Eating Pickles)

अचार में बहुत सारे ऐसे पौष्टिक तत्त्व और अच्छे बैक्टीरिया जैसे प्रोबायोटिक्स होते हैं। जो आपके बच्चे के पेट और पाचन तंत्र के लिए बहुत लाभदायक हो सकते हैं।

अचार खाने से बच्चे की इम्यूनिटी भी बढ़ सकती है और वह काफी इंफेक्शन आदि से बच सकते हैं।

कुछ हेल्दी माइक्रो ऑर्गेनिज्म जोकि अचार में पाए जाते हैं, वह कुछ ऐसे तत्त्व एक्टिव कर सकते हैं जिससे बच्चे के शरीर को लाभ मिल सकता है। जैसे लैक्टिक एसिड से मेटाबोलाइट्स एक्टिव होते हैं, जिससे शरीर को लाभ पहुंचता है।

क्या अचार से डाइपर रैश की समस्या उत्पन्न होती है? (Pickle Can Cause Diaper Rashes)

अचार में मौजूद लैक्टिक एसिड शुगर को सोख लेता है। इससे अचार काफी एसिडिक बन जाता है। अगर आप का बच्चा बहुत ही सेंसिटिव होता है तो इससे उन्हें कई बार एलर्जी जैसी समस्या देखने को मिल सकती है। उनके होंठों, हिप्स और स्किन के आस पास की स्किन पर रैश भी देखने को मिल सकता है। अगर अचार का सेवन करने से उन्हें ऐसे साइड इफेक्ट्स देखने को मिलते हैं तो उन्हें अचार न दें।

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क्या बच्चे को अचार देने की वजह से कोई चिंता का विषय भी उत्पन्न होता है (Can Pickles Create Any Health Risk)

अचार में नमक की मात्रा बहुत अधिक होती है और बच्चों की किडनी बहुत नाजुक और परिपक्व नहीं होती है। जिससे उनकी किडनी प्रभावित हो सकती हैं।

अगर आप बचपन से और इतनी कम उम्र से उन्हें अधिक नमक वाली चीजें खाने के लिए देने लगेंगे तो इससे उन्हें आगे भी अधिक नमक वाली चीज ही पसंद आएगी। जिससे उन्हें डायबिटीज, थायरॉयड और ब्लड प्रेशर जैसी समस्या का सामना भी करना पड़ सकता है।

आपको बच्चों को बहुत ही कम मात्रा में अचार का सेवन करने देना चाहिए। याद रखें कि उन्हें रोजाना अचार न दें। बल्कि कभी कभार जैसे हफ्ते में एक या दो बार अचार खाने के लिए दे सकती हैं।

कई बार कुछ बच्चों को अचार देने से एलर्जी भी हो जाती है और वह अचार जैसी चीजों को पचा नहीं पाते हैं। अगर ऐसा होता है तो आपको तुरंत अपने बच्चे को अचार देना बंद कर देना चाहिए। यह सुनिश्चित करना चाहिए कि इससे उनके पेट में दर्द न हो रहा हो। उनको अधिक चिड़चिड़ापन न हो रहा हो।

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