Coronavirus: बूढ़ों ही नहीं जवानों को भी है कोरोना वायरस से खतरा, 20-40 की उम्र वालों में भी दिखे गंभीर मामले

अगर आप भी सोचते हैं कि कोरोना वायरस सिर्फ बूढ़ों को बीमार करने वाला है, तो ये रिपोर्ट पढ़ें। इटली में 28,000 मरीज नौजवान उम्र के पाए गए।

Anurag Anubhav
Written by: Anurag AnubhavPublished at: Mar 19, 2020Updated at: Mar 19, 2020
Coronavirus: बूढ़ों ही नहीं जवानों को भी है कोरोना वायरस से खतरा, 20-40 की उम्र वालों में भी दिखे गंभीर मामले

पिछले कुछ दिनों से एक चर्चा जोरों पर है कि कोरोना वायरस के कारण सिर्फ बूढ़ों को खतरा है, जबकि जवान लोग इसके प्रभाव से बच जाएंगे या गंभीर रूप से बीमार नहीं पड़ेंगे। चूंकि चीन से सामने आए आंकड़ों में यही दिख रहा है, इसलिए एक्सपर्ट्स और दूसरे स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने भी इस बात को सच मान लिया। मगर यूरोप (खासकर इटली) और युनाइटेड स्टेट्स से आए ताजा मामले बताते हैं कि बिल्कुल नई उम्र के नौजवान भी इस वायरस की चपेट में आने के बाद गंभीर रूप से बीमार पड़ रहे हैं। इन देशों के डाटा अनुसार 20 साल से 40 साल की उम्र के लोग, जो कोरोना वायरस की चपेट में आए हैं, उनमें भी काफी गंभीर लक्षण देखे जा रहे हैं। इटली और फ्रांस की रिपोर्ट्स के अनुसार हजारों की तादाद में क्रिटिकल कंडीशन वाले नौजवान अस्पतालों में भर्ती हो रहे हैं। इनमें से सैकड़ों की जानें भी जा चुकी हैं।

इटली में 28000 नौजवानों में मिला कोरोना वायरस

यूरोप की बात करें, तो इस समय इटली के हालात सबसे बुरे हैं। पूरे देश को लॉकडाउन कर दिया गया है। बीती 18 मार्च की रात तक महज 24 घंटों में इटली में कोरोना वायरस के कारण 475 लोगों की जान गई हैं।  इटली में कुल मौतों का आंकड़ा 3000 के लगभग पहुंच गया है। 6 करोड़ की आबादी वाले इस छोटे से देश में चीन से भी ज्यादा बुरे हालात हैं। पूरे देश को बंद कर दिया है और इटली में नैशनल लॉकडाउन हो चुका है। Statista द्वारा जारी डाटा बताता है कि इटली में कोरोना वायरस के शिकार करीब 28,000 लोग वो हैं, जिनकी उम्र 19 से 50 साल के भीतर है।

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अमेरिका में भी ज्यादातर मामले नौजवानों में

अमेरिकी व्हाइट हाउस के कोरोना वायरस रिस्पॉन्स कोऑर्डिनेटर Dr Deborah Birx कहते हैं, "ये हमारी अगली पीढ़ी के लोग हो सकते हैं, हमारे यहां की सबसे बड़ी (आबादी के लिहाज से) जेनरेशन, हमारे भविष्य की जेनेरेशन, जो हमें अगले कई दशकों तक आगे ले जाने वाली है, यहां इस समूह में भी बड़ी तादाद में इंफेक्शन पाया जा रहा है।" CDC के अनुसार यूएस में भी शुरुआती 2500 मामलों में से 705 लोग ऐसे थे, जिनकी उम्र 20 साल से 44 साल के बीच थी। इनमें से लगभग 20 प्रतिशत लोगों को गंभीर रूप से बीमार होने के कारण अस्पतालों में भर्ती कराया गया है, जिनमें से कई की मौत हो गई।

"जवान हूं फिर भी आईसीयू में हूं"- प्रोफेसर Chow

University of Utah में जेनेटिक्स के प्रोफेसर और नौजवान Clement Chow का ट्वीट इस बात का गवाह है कि नौजवान भी इस वायरस से सुरक्षित नहीं है। रविवार को प्रोफेसर Chow ने ट्वीट किया और लिखा, "मैं जवान हूं इसलिए मुझे इस वायरस से खतरा नहीं होना चाहिए था, मगर फिर भी मैं यहां आईसीयू में बेहद गंभीर हालात में हूं। हम सच में इस वायरस के बारे में बहुत अधिक नहीं जानते हैं। यहां (मेरी उम्र के) और भी लोग हैं।"

बूढ़ों के साथ नौजवान भी रहें सावधान

अलग-अलग देशों का डाटा बताता है कि कोरोना वायरस किसी को भी अपनी चपेट में ले सकता है और गंभीर रूप से बीमार कर सकता है। इसलिए किसी का यह सोचना कि वो जवान है या उसकी इम्यूनिटी अच्छी है, उसकी भूल है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) और सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन (CDC) दोनों ने ही ऐसी कोई बात नहीं कही है कि इस वायरस का खतरा युवाओं को नहीं है। इसलिए इन अफवाहों से दूर रहें और सतर्क रहें। एक्सपर्ट्स के अनुसार युवा अगर इस वायरस को कमजोर समझकर और खुद को मजबूत समझकर गलती करते हैं, तो मामला गंभीर हो सकता है। इसलिए सुरक्षा के बताए गए उपायों का पालन करना सभी के लिए जरूरी है।

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