कोरोना के चक्कर में हाई बीपी की दवाईयां बंद करने से बढ़ेगा इन 3 रोगों का खतरा, जानें बीपी कम करने के 5 टिप्स

coronavirus: दुनियाभर में कोरोना के चक्कर में ब्लड प्रेशर की दवाईयां बंद करने से इन 3 रोगों का खतरा बढ़ रहा है। जानें कौन से हैं ये खतरे। 

Jitendra Gupta
Written by: Jitendra GuptaUpdated at: Mar 24, 2020 09:51 IST
कोरोना के चक्कर में हाई बीपी की दवाईयां बंद करने से बढ़ेगा इन 3 रोगों का खतरा, जानें बीपी कम करने के 5 टिप्स

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कोरोनावायरस (coronavirus) के लगातार बढ़ते मामलों के बीच ऐसी थ्योरी सामने आ रही है कि हाई ब्लड प्रेशर की दवाईयां ले रहे मरीज इस वायरस के प्रति अधिक संवेदनशील हैं हालांकि एक्सपर्ट का मानना है कि वे लोग जो बीपी की दवाईयां ले रहे हैं उन्हें दवाईयां खाते रहना चाहिए।

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कुछ शुरुआती शोध में ये सामने आया था कि कोरोना का कारण बनने वाला वायरस एंजियोटेंसिन से जुड़ा हुआ है, जो इसे एंजाइम 2 और ACE-2 में बदलने का काम करता है।  ACE-2 के बढ़े हुए  स्तर को ACE रोधक और ARBs के उपचार के जरिए रोका जाता है। ये दो प्रकार की दवाईयां हाई ब्लड प्रेशर के उपचार में काम आती है। मल्टीपल कार्डियोलॉजी एसोसिएशन ने कुछ बयान प्रकाशित किए हैं, जिसमें यह कहा गया है कि इस विषय को पूरा करने के लिए और अध्ययन की जरूरत है। एक्सपर्ट का कहना है कि ऐसे कोई सबूत नहीं मिले हैं, जिससे ये साबित होता हो कि आपको ब्लड प्रेशर की दवाईयां बंद कर देनी चाहिए।

यूरोपीयन सोसायटी ऑफ कार्डियोलॉजी के एक बयान के मुताबिक, कोरोना के संबंध में ACE-i or ARB उपचार को बचा कर रखने के इन कयासों का कोई तार्किक आधार नहीं है और न ही साइंस इनका समर्थन करती है। 

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बयान के मुताबिक,, हालांकि जानवरों पर किए गए कुछ अध्ययनों से प्रमाण मिले हैं कि ये दवाएं वास्तव में कोरोना से संक्रमित मरीजों को गंभीर फेफड़ों की समस्याओं से बचा सकती है लेकिन इंसानों पर किसी प्रकार का कोई डेटा सामने नहीं आया है। हालांकि अभी तक ये सिर्फ थ्योरी ही है लेकिन डॉक्टर इसे बड़ी गंभीरता से ले रहे हैं। मेट्रोहेल्थ की डॉ. ब्रूक वॉट्स  ने एक वेबसाइट के साथ इंटरव्यू में कहा कि जब बात कोरोना वायरस की आती है तो अभी भी बहुत ज्यादा अध्ययन करने की जरूरत है। 

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उन्होंने कहा कि मैं आपसे ईमानदारी से ये बिल्कुल भी नहीं कह सकती कि ऐसा वास्तव में संभव हो सकता है लेकिन ये कुछ ऐसा है, जिसकी हम वास्तव में तलाश कर रहे हैं। 

यूएच रो ग्रीन सेंटर फॉर ट्रेवल मेडिसिन एंड ग्लोबल हेल्थ के मेडिकल डायरेक्टर डॉ. कीथ अर्मिटेज का कहना है कि बिना डॉक्टर से सलाह लिए ब्लड प्रेशर की दवाईयां बंद करना गंभीर साइडइफेक्ट का कारण बन सकता है।

अमेरिकन हार्ट एसोसिएशन की वेबसाइट के मुताबिक, इतना ही नहीं सिर्फ दवाईयों का डोज कम कर देने (जैसे एक वक्त गोली  नहीं खाना) से भी ब्लड प्रेशर बढ़ सकता है और आपको हार्ट अटैक, स्ट्रोक, हार्ट फेल्योर और किडनी फेल्योर  जैसी घातक बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। 

डॉ. कीथ अर्मिटेज का कहना है कि हमें रोजाना कोरोना के बारे में नई-नई चीजें जानने और सीखने को मिल रही है। उन्होंने कहा कि लोगों को इस रिपोर्ट को गंभीरता से  लेना चाहिए। लेकिन अपने उपचार से  संबंधित दीर्घ कालिक उपायों के लिए आपको वास्तविक प्रमाणों की जरूरत होगी। 

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हाई ब्लड प्रेशर (High Blood Pressure) को कम रखने के आसान टिप्सः 

  • ध्यान तनाव से राहत दिलाने का काम करता है दिन में कम से कम पांच मिनट का समय ध्याान के लिए जरूर निकालें।
  • तनाव आपकी रक्त वहिकाओं को सिकड़ोने का काम करता है और ब्लड प्रेशर धीरे-धीरे बढ़ने लगता है, जिसके कारण ह्रदय स्वास्थ्य का खतरा बढ़ जाता है। 
  • हाई ब्लड प्रेशर को लो रखने के सबसे प्रभावी तरीको में से एक है वजन कम रखना। आप 3 से 5 किलोग्राम तक भी वजन कम कर ब्लड प्रेशर को कम रख सकते हैं।
  • सप्ताह में कम से कम पांच दिन आधा घंटा एक्सरसाइज कर आप हाई ब्लड प्रेशर को लो रख सकते हैं। आप अपनी मनपसंद एक्सरसाइज कर सकते हैं इसके लिए आपको जिम जाने की जरूरत भी नहीं है। 
  • बहुत ज्यादा मात्रा में शराब पीने से ब्लड प्रेशर बढ़ सकता है, इसलिए शराब की मात्रा को कम करने पर ध्यान दें।

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