कोरोना के बाद केरल में 2 बच्चों में नोरोवायरस संक्रमण की पुष्टि, जानें कितना खतरनाक है यह वायरस

केरल में लोअर प्राइमरी स्कूल में पढने वाले 2 बच्चों में नोरोवायरस संक्रमण की पुष्टि हुई है, जानें कितना खतरनाक है यह वायरस?

Prins Bahadur Singh
Written by: Prins Bahadur SinghPublished at: Jun 06, 2022Updated at: Jun 06, 2022
कोरोना के बाद केरल में 2 बच्चों में नोरोवायरस संक्रमण की पुष्टि, जानें कितना खतरनाक है यह वायरस

देश में बढ़ते कोरोना वायरस के मामलों के बीच केरल में एक और नई बीमारी ने दस्तक दी है। केरल में 2 बच्चों में नोरोवायरस का संक्रमण मिला है जिसके बाद से प्रशासन की नींद उड़ गयी है। केरल सरकार के स्वास्थ्य मंत्री वीना जॉर्ज ने इसकी पुष्टि करते हुए बताया कि 2 बच्चों में नोरोवायरस के संक्रमण की पुष्टि हुई है। हालांकि यह बताया जा रहा है कि जिन बच्चों में नोरोवायरस का संक्रमण मिला है उनकी हालत स्थिर बताई जा रही है। यह संक्रमण केरल के तिरुअनंतपुरम जिले में पाया गया है। सरकार की तरफ से जांच के लिए सैंपल भेजे गए हैं और प्रभावित इलाके में संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए कदम उठाए जा रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग द्वारा जारी जानकारी के मुताबिक यह संक्रमण दूषित पानी और दूषित भोजन से फैलती है। केरल में नोरोवायरस का संक्रमण लोअर प्राइमरी स्कूल के 2 बच्चों में मिला है। 

मिड डे मील से फैला नोरोवायरस संक्रमण? (Norovirus Infection Causes in Kerala)

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक केरल के तिरुअनंतपुरम जिले में लोवर प्राइमरी स्कूल के बच्चों में नोरोवायरस के मामले पाए गए हैं। शुरूआती जांच के मुताबिक यह बताया जा रहा है कि नोरोवायरस का संक्रमण स्कूल में बांटे गए मिड डे मील की वजह से फैला है। मिड डे मील खाने की वजह से बच्चों में फूड प्वाइजनिंग हुई जिसके बाद बच्चों में नोरोवायरस के संक्रमण की पुष्टि हुई है। इस जानकारी के सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने उच्च स्तरीय बैठक कर साफ-सफाई पर अधिक ध्यान देने और संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए कदम उठाने की बात कही है। आमतौर पर नोरोवायरस दूषित भोजन और दूषित पानी की वजह से फैलता है। नोरोवायरस संक्रमण होने पर सबसे पहले मरीज के पेट में दर्द और दस्त या उल्टी शुरू होती है। मरीज को यह दिक्कतें संक्रमण होने के 2 या 3 दिन बाद हो सकती हैं।

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norovirus outbreak in kerala

नोरोवायरस के लक्षण (Symptoms of Norovirus in Hindi)

नोरोवायरस संक्रमण होने पर सबसे पहले मरीज को उल्टी और डायरिया की समस्याएं होती हैं। यह संक्रमण पेट में शुरू होता है और संक्रमित व्यक्ति दूसरे व्यक्ति में भी वायरस फैला सकता है। नोरोवायरस का संक्रमण होने पर मरीज में दिखाई देने वाले इस प्रकार से हैं।

  • तेज बुखार और सिरदर्द।
  • शरीर में लगातार दर्द।
  • पेट में दर्द और मरोड़।
  • उल्टी और दस्त या डायरिया के लक्षण।
  • जी मिचलाना।

क्या संक्रमित व्यक्ति से दूसरों में फैल सकता है नोरोवायरस?

नोरोवायरस का संक्रमण होने पर मरीज को डायरिया के लक्षण और स्टमक फ्लू के लक्षण दिखाई देते हैं। नोरोवायरस का संक्रमण होने पर संक्रमित व्यक्ति से यह वायरस दूसरे लोगों में भी पहुंच सकता है। नोरोवायरस एक तरह की कम्युनिकेबल डिजीज (संक्रामक बीमारी) है जो एक संक्रमित व्यक्ति से दूसरे में हो सकती है। इस बीमारी से बचाव के लिए साफ-सफाई रखना बहुत जरूरी है। इसलिए नोरोवायरस संक्रमण होने के बाद मरीज को आइसोलेशन में रहने की सलाह दी जाती है और दूसरे लोगों से संपर्क नहीं बनाने की सलाह दी जाती है।

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नोरोवायरस से बचाव के उपाय (Norovirus Prevention Tips in Hindi)

नोरोवायरस का संक्रमण सबसे ज्यादा दूषित भोजन और दूषित पानी से फैलता है। इसलिए इस संक्रमण से बचने के लिए खानपान का विशेष ध्यान रखना चाहिए। खानपान में साफ-सफाई और आसपास साफ सफाई रखने से आप इस संक्रमण से बच सकते हैं। इसके अलावा संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आने से भी यह बीमारी फैल सकती है। संक्रमित व्यक्ति के खांसने और छींकने से यह संक्रमण तेजी से फैलता है। इसलिए बचाव के लिए इसका भी ध्यान रखना चाहिए। साफ-सफाई के अलावा फेस मास्क पहनने से आप इस संक्रमण से बच सकते हैं।

(All Image Source - Jagran.com)

 
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