नजरंदाज करने पर गंभीर हो जाता है सोरियाटिक अर्थराइटिस, समय रहते करें ये बचाव

By  , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग
Oct 12, 2018
Quick Bites

  • सोरायटिक अर्थराइटिस का कोई स्थाई इलाज नहीं है।
  • रूमेटॉयड अर्थराइटिस (आरए), अर्थराइटिस का एक अन्य प्रकार है।
  • अर्थराइटिस एक ऐसी बीमारी बन गई है, जिससे हमारा देश लगातार जूझ रहा है।

अर्थराइटिस एक ऐसी बीमारी बन गई है, जिससे हमारा देश लगातार जूझ रहा है। हालांकि, चिकित्सा क्षेत्र में उन्नति से इस समस्या से ग्रसित लोगों को लाभ मिला है। लेकिन अर्थराइटिस के विभिन्न रूपों के बारे में जानना बेहद जरूरी है। नोएडा स्थित फोर्टिस हॉस्पिटल में इंटरनल मेडिसिन रूमेटोलॉजी कंसल्टेंट डॉ. बिमलेश धर पांडेय का कहना है, "पिछले कई सालों में सोरियाटिक अर्थराइटिस के मामलों में वृद्धि पाई गई है। सोरायसिस से पीड़ित मरीजों को इससे जुड़ी परेशानी की जानकारी नहीं होती और समय के साथ सोरियाटिक अर्थराइटिस हो जाता है।" एक शोध में यह बात सामने आई है कि एक-चौथाई सोरायसिस मरीज सोरियाटिक अर्थराइटिस से पीड़ित पाए जाते हैं। पांडे के अनुसार, सोरायटिक अर्थराइटिस का कोई स्थाई इलाज नहीं है और समय के साथ इसमें होने वाला परिवर्तन अलग-अलग मरीजों में अलग नजर आता है। समय पर जांच और इलाज के विकल्पों द्वारा इसके लक्षणों को प्रभावी रूप से संभाला जा सकता है।

मुंबई के गोरेगांव स्थित क्वेस्ट क्लीनिक में इंटरनल मेडिसिन रूमेटोलॉजी के फिजीशियन डॉ. सुशांत शिंदे ने कहा, "सोरियाटिक अर्थराइटिस कई सारे जोड़ों को प्रभावित कर सकता है, जैसे उंगलियों, कलाइयों, टखनों के जोड़ों और यह जोड़ों में सूजन, दर्द और अकड़न छोड़ जाता है। सोरायसिस मरीजों के लिए इसके लक्षणों पर नजर रखना जरूरी है। इस बीमारी की देखभाल के लिए मरीजों को जीवनशैली में बदलाव की सलाह दी जाती है। इन प्रमुख बदलावों में संतुलित आहार लेना और धूम्रपान छोड़ना शामिल है।"

इसे भी पढ़ें : हर तरह की चोट और मोच का उपचार है फिजियोथेरेपी, जानें एक्‍सरपर्ट की ये 6 टिप्‍स

लेकिन, भारत में पाया जाने वाला सबसे आम अर्थराइटिस ऑस्टियो आर्थराइटिस है। देशभर में 22 से 39 प्रतिशत लोग इससे पीड़ित हैं। इसके कारण जोड़ों के लिए कुशन का काम करने वाले कार्टिलेज घिस जाते हैं। इसकी वजह से जोड़ों में सूजन और दर्द हो जाता है। ऑस्टियो अर्थराइटिस उम्र बढ़ने, मोटापा, हॉर्मोन्स के अनियंत्रित हो जाने और बैठे रहने वाली जीवनशैली के परिणामस्वरूप होता है। आमतौर पर घुटने, कूल्हे, पैर और रीढ़ इससे सबसे ज्यादा प्रभावित होते हैं।

रूमेटॉयड अर्थराइटिस (आरए), अर्थराइटिस का एक अन्य प्रकार है। आरए एक ऑटोइम्यून डिसीज है, जिसमें प्रतिरक्षा प्रणाली शरीर पर, खासतौर से जोड़ों पर हमला करना शुरू कर देती है। नजरंदाज करने पर जोड़ों में सूजन और गंभीर क्षति हो सकती है। आरए के मरीजों की त्वचा पर गांठें बन जाती हैं जिन्हें रूमेटॉयड नॉड्यूल्स कहते हैं। यह अक्सर जोड़ों जैसे पोरों, कुहनी या ऐड़ी में होता है।

सोरायटिक अर्थराइटिस के लक्षण

  • हाथों की उंगलियों में सूजन की समस्या
  • पैरों की उंगलियों में सूजन
  • हाथ, पैर, घुटनों और एड़ियों में दर्द
  • निचली कमर का दर्द
  • हड्डियों में दर्द के साथ जलन महसूस होना
  • त्वचा रोग और त्वचा में धीरे-धीरे परिवर्तन
  • नाखूनों का पैटर्न बदलने लगना

क्या है इलाज

अगर आपको किसी तरह का त्वचा रोग है और उसी दौरान हड्डियों में दर्द की समस्या होती है तो तुरंत चिकित्सक से संपर्क करें। शुरुआती स्टेज में इस रोग को कुछ दवाओं द्वारा ठीक किया जा सकता है। देरी हो जाने पर इस रोग का कोई इलाज नहीं है और फिर हड्डियों का ऑपरेशन या घुटनों का रिप्लेसमेंट ही एक रास्ता बचता है। सोरायटिक अर्थराइटिस का पता लगाने के लिए चिकित्सक आपाक शारीरिक परीक्षण और इमेजिंग परीक्षण करते हैं। दवाओं से सूजन और दर्द में राहत मिल सकती है। बहुत कम स्थितियों में, आपको क्षतिग्रस्त जोड़ों को ठीक या रिप्लेस करवाने के लिए सर्जरी की जरुरत पड़ती है।

ऐसे अन्य स्टोरीज के लिए डाउनलोड करें: ओनलीमायहेल्थ ऐप

Read More Articles On Miscellaneous In Hindi

Loading...
Is it Helpful Article?YES631 Views 0 Comment
संबंधित जानकारी
  • सभी
  • लेख
  • स्लाइडशो
  • वीडियो
  • प्रश्नोत्तर
I have read the Privacy Policy and the Terms and Conditions. I provide my consent for my data to be processed for the purposes as described and receive communications for service related information.
This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy. OK