Fri Sep 11, 2026 | 06:54 PM IST

Medically Reviewed by Dr Chetna Jain , Gynecologist

क्या मिसकैरेज बिना ब्लीडिंग के भी हो सकता है? डॉक्टर से जानें इसका कारण और बचाव के उपाय

मिसकैरेज होने पर महिलाओं को भारी ब्लीडिंग होती है, लेकिन कई मामलों में महिला का गर्भपात होने पर भी ब्लीडिंग नहीं होती। इसके क्या कारण है जाता हैं? इस लेख में डॉक्टर्स ने इसके कारण विस्तार से बताए हैं।

मिसकैरेज किसी भी महिला के लिए शारीरिक और मानसिक परेशानी हो सकती है। प्रेग्नेंसी में अगर महिला को भारी ब्लीडिंग होने लगती है, तो इसे मिसकैरेज का लक्षण मान लिया जाता है, लेकिन कई बार महिला को ब्लीडिंग नहीं होती और उसका मिसकैरेज हो चुका होता है। इसे मिस्ड मिसकैरेज कहते हैं। इसके कारणों को जानने के लिए हमने Dr. Chetna Jain, Director Dept of Obstetrics & Gynecology, Cloudnine Group of Hospitals, Sector 14, Gurgaon और Dr. Latika Singh, Consultant - Obstetrics and Gynecologist at Cloudnine Group of Hospitals, Greater Noida से बात की। डॉ. चेतना ने बताया कि जब भ्रूण का विकास रुक जाता है पर शरीर उसे तुरंत बाहर निकाल नहीं पाता, तो ब्लीडिंग नहीं होती।

मिसकैरेज में ब्लीडिंग न होने के कारण

डॉ. चेतना कहती हैं, “मिस्ड मिसकैरेज (Missed Miscarriage) में भ्रूण का विकास रुकने के बाद यूटरस में वह रहता है और महिला को प्रेग्नेंसी के लक्षण जैसे मतली, थकान या स्तनों में भारीपन अचानक कम महसूस हो सकता है। यह पहली तिमाही में हो सकता है और इसका पता अल्ट्रासाउंड के जरिए ही चलता है।”

  1. भ्रूण के जीन में जब गड़बड़ी होना सबसे आम कारण है। इस वजह से उसकी ग्रोथ रुक जाती है।
  2. अगर प्रेग्नेंट महिला में प्रोजेस्टेरोन की कमी होने लगे, तो भी बिना ब्लीडिंग के गर्भपात हो सकता है।
  3. जिन महिलाओं को थायराइड, डायबिटीज या ऑटोइम्यून से जुड़ी बीमारियां होती हैं, उन्हें मिस्ड मिसकैरेज का सबसे ज्यादा रिस्क हो सकता है।
  4. कुछ मामलों में भ्रूण में इंफेक्शन होने की वजह से उसकी ग्रोथ रुक जाती है, जो मिसकैरेज का कारण बन सकता है।

इस बारे में डॉ. लतिका कहती हैं, “अगर प्रेग्नेंसी में फाइब्रॉइड्स या यूटेरस का आकार सही न हो, तो बिना ब्लीडिंग के मिसकैरेज हो सकता है। इसके अलावा, कभी-कभी शरीर भ्रूण को बाहरी तत्व समझकर उसकी ग्रोथ नहीं होने देता। मैंने कई मामलों में मिस्ड मिसकैरेज का कारण महिलाओं के स्मोक, शराब और बहुत ज्यादा कैफीन पीना देखा है। इसलिए अगर किसी महिला को प्रेग्नेंसी से पहले बीमारी होती है, तो उसे खास ध्यान रखने की जरूरत होती है।”

missed misscarriage

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बिना ब्लीडिंग के मिसकैरेज को कैसे पहचानें?

डॉ. लतिका के मुताबिक, ‘प्रेग्नेंसी में अगर महिला को पेट में हल्का दर्द या ऐंठन हो, पीठ के निचले हिस्से में दर्द, अचानक प्रेग्नेंसी के लक्षण महसूस होने कम हो जाए या अल्ट्रासाउंड के अंदर भ्रूण में हार्टबीट ना मिले, तो तुरंत अपने डॉक्टर को दिखाना चाहिए।”

निष्कर्ष

डॉ. चेतना कहती हैं कि प्रेग्नेंसी में महिलाओं को रेगुलर चेकअप और दवाएं लेनी चाहिए। प्रेग्नेंसी के शुरुआत में अगर किसी भी तरह के लक्षण दिखाई दें, तो तुरंत डॉक्टर की सलाह जरूर लें, क्योंकि ज्यादा देर तक इस कंडीशन में भ्रूण का यूटरस में रहना महिला को नुकसान पहुंचा सकता है।

FAQ

  • मिसकैरेज का खतरा कब तक होता है?

    गर्भपात का सबसे अधिक खतरा प्रेग्नेंसी के शुरुआती 12 हफ्तों में सबसे ज्यादा होता है। 13 से 20वें हफ्ते के बीच मिसकैरेज का रिस्क1% से भी कम रह जाता है।
  • मिसकैरेज होने के बाद क्या करना चाहिए?

    मिसकैरेज के बाद महिला को आराम, पौष्टिक आहार और इंफेक्शन से बचने के लिए पैड का इस्तेमाल करना चाहिए। अगर इस दौरान बुखार आ जाए, तो तुरंत डॉक्टर से मिलें।

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Aneesh Rawat

Aneesh Rawat

Chief Sub Editor

अनीश रावत को हेल्थ और लाइफस्टाइल पत्रकारिता में 16+ साल का अनुभव है। फिलहाल जागरण न्यू मीडिया के Onlymyhealth में चीफ सब एडिटर हैं। महिला स्वास्थ्य, बच्चों की सेहत, कैंसर, मेडिटेशन और योग पर Research based, doctor verified और SEO फ्रेंडली लेख लिखने में विशेषज्ञ हैं। न्यूज 24, ऑल इंडिया रेडियो और ThinkRight मेडिटेशन ऐप जैसे भरोसेमंद platforms पर काम कर चुकी हैं। Editorial Policy: अनीश द्वारा लिखे गए सभी लेखों की हमारी संपादकीय टीम द्वारा तथ्य-जांच की जाती है और आवश्यकता पड़ने पर संबंधित विषय विशेषज्ञों द्वारा समीक्षा की जाती है।

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    May 04, 2026 17:17 IST

    Modified By : Aneesh Rawat
  • May 04, 2026 17:17 IST

    Published By : Aneesh Rawat
    Reviewed By : Dr Chetna Jain

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