खसरे की रोकथाम के लिए शुरू होगा टीकाकरण अभियान, 4.5 करोड़ बच्चों को लगाया जाएगा टीका

डब्ल्यूएचओ के अनुसार, लगभग 2.6 मिलियन लोग आज भी हैं, जो खसरे के टीकाकरण तक पहुंच नहीं पाते हैं।

Pallavi Kumari
Written by: Pallavi KumariPublished at: Feb 06, 2020Updated at: Feb 06, 2020
खसरे की रोकथाम के लिए शुरू होगा टीकाकरण अभियान, 4.5 करोड़ बच्चों को लगाया जाएगा टीका

वैक्सीन समूह गवी (GAVI) अब विकासशील देशों में खसरा के रोकथाम के लिए एक व्यापक अभियान चलाएगी। दरअसल खसरा एक ऐसी वायरल बीमारी है, जिसमें लगातार वैश्विक उछाल देखे जा रहे हैं। वहीं जीएवीआई संस्था इसे रोकने की कोशिश करते हुए प्रमुख खसरा टीकाकरण अभियानों की एक श्रृंखला शुरू करेगी। इस समूह का उद्देश्य अगले छह महीनों में एशिया और अफ्रीका के सात विकासशील देशों में 45 मिलियन बच्चों का टीकाकरण करना है।

Inside_MEASLES

GAVI विश्व स्वास्थ्य संगठन और यूनिसेफ के साथ मिलकर करेगा काम

GAVI वैक्सीन गठबंधन ने बुधवार को कहा कि यह विश्व स्वास्थ्य संगठन और यूनिसेफ सहित सरकारों और समूहों के साथ काम करेगा। ये संस्था पांच साल से कम उम्र के बच्चों को लक्षित करेगा है, जिनमें ये बीमारी आसानी से फैल सकता है। खसरे के मामलों में हाल के वर्षों में अचानक से वृद्धि हुई है। विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार, खसरे ने 2018 में लगभग 10 मिलियन लोगों को संक्रमित किया था और 140,000 लोग मारे गए थे, जिनमें ज्यादातर बच्चे थे।

इसे भी पढ़ें: मिजिल्स रूबेला हर साल हजारों बच्चों की लेता है जान, जानें इसके लक्षण, कारण व इलाज

खसरे के आंकड़ों में तीन गुण वृद्धि

डब्लूएचओ के अनुसार, 2019 तक के अनंतिम आंकड़ों ने 2018 में इसी अवधि की तुलना में केस संख्या में तीन गुना वृद्धि हुई है। दुनिया के सबसे गरीब देशों में खसरे से होने वाली मौतों की सबसे बड़ी घटना है - सेठ बर्कले, जिसके बार में GAVI के मुख्य कार्यकारी अधिकारी ने बताया। वहीं खसरा के बारे में बात करें, तो ये एक बहुत ही संक्रामक श्वसन संक्रमण है जो रुबेला वायरस के कारण होता है। अब तक, वैज्ञानिकों ने खसरा वायरस के 21 उपभेदों की पहचान की है। संक्रमण श्वसन पथ में शुरू होता है, और अंततः रक्तप्रवाह के माध्यम से शरीर के अन्य हिस्सों में फैलता है। खसरा केवल मनुष्यों में होता है, जानवरों में नहीं।

Inside_MEASLESVACCINE

इसे भी पढ़ें: अगर आपको भी दिखाई दें ये 5 लक्षण तो यह है खसरे का संकेत

सबसे ज्यादा जोखिम में कौन हैं?

कमजोर प्रतिरक्षा प्रणाली वाले रोगियों, जैसे कि एचआईवी, एड्स, ल्यूकेमिया या विटामिन की कमी वाले लोग, बहुत छोटे बच्चों और 20 वर्ष से अधिक उम्र के वयस्कों में वायरल संक्रमण होने का अधिक खतरा होता है।5 वर्ष से अधिक उम्र के स्वस्थ बच्चों की तुलना में बूढ़े लोगों में जटिलताओं की संभावना अधिक होती है। खसरे का कोई विशिष्ट उपचार नहीं है, लेकिन टीकाकरण संक्रमण को रोकने में मदद कर सकता है। हालांकि, एक सुरक्षित, प्रभावी टीका की उपलब्धता के बावजूद, यह वायरल संक्रमण अभी भी दुनिया भर में मृत्यु का एक महत्वपूर्ण कारण बना हुआ है। डब्ल्यूएचओ के अनुमान के अनुसार, लगभग 2.6 मिलियन लोग हैं, जिनके पास हर साल खसरे का टीका पहुंच नहीं पाता है।

Read more articles on Health-News in Hindi

Disclaimer