World Heart Day: खुद से करें ये 5 वादे तो कम रहेगा आपको हार्ट अटैक का खतरा, पढ़ें हार्ट स्‍पेशलिस्‍ट के सुझाव

कार्डियोलॉजिस्ट के मुताबिक अगर आप लाइफस्टाइल में कुछ खास आदतों को शामिल कर लें, तो आपके जीवनकाल में हार्ट अटैक की संभावना बहुत कम हो सकती है।

 

Anurag Anubhav
Written by: Anurag AnubhavPublished at: Oct 14, 2019
World Heart Day: खुद से करें ये 5 वादे तो कम रहेगा आपको हार्ट अटैक का खतरा, पढ़ें हार्ट स्‍पेशलिस्‍ट के सुझाव

विश्‍व स्‍वास्‍थ्‍य संगठन के मुताबिक, दुनिया भर में सबसे ज्‍यादा लोग हृदय रोगों (Cardiovascular diseases) से मरते हैं। अगर वर्ष 2016 की बात करें तो 1.79 करोड़ लोगों की मौत हृदय रोगों से हुई थी, जो सभी वैश्विक मौतों का 31 प्रतिशत था। इन मौतों में 85 प्रतिशत दिल के दौरे और स्‍ट्रोक से हुई थी। आमतौर पर हृदय रोगों का कारण- तंबाकू का उपयोग, शराब का अत्‍यधिक सेवन, अस्वास्थ्यकर आहार और मोटापा, शारीरिक निष्क्रियता है। उच्‍च जोखिम वाले हृदय रोगियों में उच्च रक्तचाप, मधुमेह, हाइपरलिपिडिमिया का जोखिम ज्‍यादा होता है। 

मुंबई के एशियन हार्ट इंस्‍टीट्यूट के विश्व प्रसिद्ध हार्ट सर्जन डॉक्‍टर रमाकांत पांडा के मुताबिक, "बीमारी का जल्‍दी पता लगाकर डॉक्टर की सलाह और दवाओं का उपयोग करके हृदय रोगों से बचाव किया जा सकता है" डॉक्‍टर पांडा बताते हैं कि अगर लोग खुद से 5 वादे कर लें, तो उनके जीवनकाल में हार्ट अटैक आने की संभावना बहुत कम हो सकती है। आइए आपको भी बताते हैं ऐसी 5 बातें, जो आपको हार्ट अटैक, कार्डियक अरेस्‍ट और हार्ट फेल्‍योर जैसी गंभीर समस्‍याओं से बचाएंगी।

sleeping

1. अच्‍छी नींद का वादा

नींद को प्राथमिकता दें। शोधकर्ताओं का मानना है कि बहुत कम सोने से हमारे बायोलॉजिकल क्‍लॉक में व्यवधान पैदा होता है और इस प्रकार शरीर के कार्यों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है, जिसमें शरीर में उच्च रक्तचाप और इंफ्लामेशन के विकास का खतरा बढ़ जाता है और हृदय रोग का कारण बन सकता है। एक वयस्‍क व्‍यक्ति के लिए नींद की निर्धारित अवधि 7 से 9 घंटे है। सिर्फ सोना ही जरूरी नहीं है बल्कि नींद अच्‍छी हो यह भी आपको सुनिश्चित करना होगा। क्‍योंकि इस दौरान शरीर का अंदरूनी कार्य चल रहा होता है। यदि आपको अनिद्रा की समस्‍या है तो इसका इलाज किया जाना चाहिए क्योंकि यह स्थिति हृदय रोग से जुड़ी है।

इसे भी पढ़ें: हृदय रोग और डायबिटीज जैसे रोगों से बचना है, तो जानें किस उम्र में कितना सोना चाहिए आपको

2. एक्टिव लाइफस्टाइल का वादा करें

लंबे समय तक बैठने से बचें। लगभग 800,000 लोगों पर अध्‍ययन के बाद शोधकर्ताओं ने पाया कि जो लोग अधिक बैठे रहते हैं या जिनकी डेस्‍क जॉब है उनमें हृदय संबंधी घटनाओं में 147 प्रतिशत वृद्धि और इन घटनाओं के कारण मृत्यु में 90 प्रतिशत वृद्धि देखी गई। यदि आप एक्‍सरसाइज नहीं करते हैं तो आप यह सुनिश्चित करें कि आप ज्‍यादा से ज्‍यादा पैदल चलें, ऑफिस या घर में सीढ़ियों का इस्‍तेमाल करें। लंबे समय तक एक ही जगह पर बैठे न रहें।

इसे भी पढ़ें: हार्ट अटैक और कार्डियक अरेस्‍ट में क्‍या है अंतर? एक्‍सपर्ट से जानें इन स्थितियों में बचाव के टिप्‍स

3. तम्बाकू से मुक्ति का वादा

धूम्रपान या किसी भी रूप में तंबाकू का उपयोग न करें और सुनिश्चित करें कि आप सेकेंड हैंड धुएं से बचें। तंबाकू का सेवन हृदय में ऑक्सीजन के प्रवाह को कम करने, धमनियों की आंतरिक परत को नुकसान पहुंचाने, धमनी की दीवार को मोटा बनाने, रक्तचाप बढ़ाने, हृदय गति को तेज करने और रक्त के थक्कों के खतरे को बढ़ाने के लिए जाना जाता है। हृदय रोग के विकास का जोखिम उन लोगों के लिए लगभग 25 से 30 प्रतिशत अधिक है जो घर या काम पर पैसिव स्‍मोकिंग के संपर्क में हैं। धूम्रपान न करने वाले और जिन्‍हें उच्च रक्तचाप या उच्च रक्त कोलेस्ट्रॉल की समस्‍या है, उनमें हृदय रोगों का खतरा तब अधिक हो जाता है, जब वे सेकेंड हैंड धुएं के संपर्क में आते हैं। ऐसा इसलिए है क्योंकि सिगरेट के धुएं से निकलने वाले रसायन धमनियों में प्लाक के विकास को बढ़ावा देते हैं।

healthy-diet

4. संतुलित भोजन का वादा 

स्वस्थ वसा खाएं, मानव निर्मित वसा नहीं। हमें अपने आहार में वसा यानी फैट की आवश्यकता होती है, जिसमें संतृप्त और पॉलीअनसेचुरेटेड और असंतृप्त वसा शामिल हैं। लेकिन ट्रांस फैट आपके बुरे कोलेस्ट्रॉल (एलडीएल) को बढ़ाकर और आपके अच्छे कोलेस्ट्रॉल के स्तर (एचडीएल) को कम करके आपकी धमनियों को बंद कर देता है। इन्हें अपने आहार से काटकर, आप रक्त प्रवाह में सुधार कर सकते हैं। ट्रांस फैट वह फैट है, जिसे रासायनिक रूप से बदल दिया जाता है, जो अक्‍सर स्वाद के लिए प्रयोग किया जाता है, यह ज्‍यादातर पैकेज्‍ड फूड, तले हु और फास्ट फूड में होता है। ट्रांस फैट के बजाए, आप अपने आहार में अधिक से अधिक फल और सब्जियों को शामिल कर सकते हैं। अपने डाइट प्‍लान में ज्‍वार, बाजरा, रागी जैसे आहार शामिल करें।

इसे भी पढ़ें: हृदय में ज्‍यादा रक्‍त पहुंचने से भी हो सकता है हार्ट फेल, एक्‍सपर्ट से जानें इससे बचने के उपाय

5. दांतों की स्‍वच्‍छता का वादा 

दांतों की स्‍वच्‍छता का वादा करें, हमेशा अपने मुख और दांतों को साफ रखें। विशेष रूप से अपने दांतों की रोजाना फ्लॉसिंग करें। दंत स्वास्थ्य आपके हृदय सहित समग्र स्वास्थ्य का एक अच्छा संकेत है, क्योंकि जिन लोगों को पीरियडोंटल (गम) रोग होता है, उनमें अक्सर हृदय रोग के जोखिम कारक समान होते हैं। इस मुद्दे पर किए गए कई अध्ययनों से पता चला है कि मुंह में बैक्टीरिया- मसूड़ों की बीमारी से संबंधित- रक्तप्रवाह में जा सकते हैं और धमनियों पर पहले से मौजूद जमा कोलेस्ट्रॉल को संक्रमित कर सकते हैं- जिससे धमनी के फटने, खून का थक्का बनने और दिल के दौरे के लिए की आशंका रहती है। 

तो, गम रोग को दूर करने के लिए अपने दांतों को रोजाना ब्रश करें। यदि आप मसूड़ों की बीमारी से जूझ रहे हैं तो आपको तुरंत इलाज कराना चाहिए।

Read More Articles On Heart Health In Hindi

Disclaimer