गलत तरीके से बैठने और सोने के कारण हो सकता है सर्वाइकल पेन, जानें इसके लक्षण और बचाव

हमेशा हो रहे गर्दन और कंधे का दर्द सामान्य नहीं, हो सकता है सर्वाइकल पेन का संकेत। जानें इसके क्या है मुख्य लक्षण और बचाव के तरीके।

Vishal Singh
अन्य़ बीमारियांWritten by: Vishal SinghPublished at: May 14, 2020Updated at: May 14, 2020
गलत तरीके से बैठने और सोने के कारण हो सकता है सर्वाइकल पेन, जानें इसके लक्षण और बचाव

आजकल भाग दौड़ भरी जिंदगी के बीच घंटों दफ्तरों में कंप्यूटर के सामने बैठे रहने के कारण कई तरह की समस्या का सामना करना पड़ता है। उन्हीं में से एक है सर्वाइकल की समस्या, कमर दर्द और गर्दन दर्द से ज्यादातर लोग प्रभावित है और इससे छुटकारा पाना चाहते हैं। सर्वाइकल की समस्या होने के कारण कई है जैसे घंटों बैठे रहना, सही ढंग से न बैठना, झुक कर बैठे रहना और कई अन्य गलत आदतों की वजह से इस परेशानी का सामना करना पड़ता है। जिसकी वजह से सर्वाइकल पेन (Cervical pain) की समस्या पैदा होती है। 

सर्वाइकल पेन हड्डियों से जु़ड़ूी समस्या है,  जिसके होने पर कंधों, गर्दन में बहुत ज्यादा दर्द होता है। आजकल सर्वाइकल पेन की समस्या काफी आम हो गई है लेकिन जिसे होती है वो दर्द से काफी परेशान रहता है। सर्वाइकल का दर्द हमारी कुछ गतलियों की वजह से होता है। इससे बचने के लिए सबसे पहले हमे ये जानना जरूरी है कि इसके कारण क्या है, सर्वाइकल पेन को पहचानने के लक्षण क्या होते हैं और इससे कैसे बचा जा सकता है। आइए हम आपको इसके कारण, लक्षण और बचाव के बारे में बताते हैं।

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एक ही मुद्रा में लंबे समय तक सर्वाइकल (Cervical) वर्टिब्रा के प्रयोग और व्यायाम न करने से दर्द होने लगता है। इसे स्पांडिलाइटिक चेंज भी कहते हैं। इसका सही समय पर इलाज न कराने से स्नायुओं पर दबाव बढ़ जाता है। ज्यादा दिनों तक दर्द रहने के कारण हाथों में भी दर्द होने लगता है और कुछ भी काम करने में काफी दर्द महसूस होता है। इसके अलावा क्रोनिक चोट और ऑस्टियोआर्थराइटिस के कारण ये समस्या पैदा हो सकती है। 

किन कारणों से होता है सर्वाइकल ? ( Causes of cervical)

  • घंटों एक ही स्थिति में बैठ कर काम करना। 
  • सोते समय ऊंचे तकिए या मोटे तकिए का इस्तेमाल करना। 
  • सही तरीके से न सोना।
  • लगातार भारी वजन उठाने के कारण। 
  • व्यायाम के दौरान अपनी गर्दन की गलत एक्सरसाइज 
  • किसी चोट लगने के कारण या फिर अंदरूनी चोट के कारण। 

सर्वाइकल के लक्षण (Symptoms of cervical)

  • ज्यादातर मामलों में गर्दन में दर्द और सिरदर्द होना। 
  • गर्दन का दर्द कंधे, हाथ और सिर तक फैलना। 
  • सिरदर्द पीछे से शुरू होता हैं और फिर धीरे-धीरे सामने के ऊपरी हिस्से में आ जाए।
  • गर्दन और कंधों में अकड़न होना। 
  • अचानक कंधे और गर्दन में दर्द उठना। 
  • बैठते और उठते हुए परेशानी होना। 
  • गर्दन को ज्यादा मोड़ने में दर्द महसूस होना। 

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डॉक्टर के पास कब जाएं ? (When to see your doctor)

जब आपको सर्वाइकल से संबंधित लक्षण हफ्तेभर से ज्यादा नजर या महसूस होने लगे तो आप तुरंत डॉक्टर से इस बारे में संपर्क करें। इसके साथ ही आपको तुरंत डॉक्टर अनुसार कही गई जांच करानी चाहिए। जिससे की अगर आप सर्वाइकल का शिकार हुए हैं तो उसे जल्द से जल्द पकड़ कर उससे आपको छुटकारा दिलाया जा सके। अगर आपको शुरुआती एक-दो दिनों में दर्द महसूस हो रहा है तो आप डॉक्टर से संपर्क कर पेन किलर दवा भी ले सकते हैं। लेकिन ध्यान रहे एक हफ्ते में अगर आराम न आए तो ये आपके लिए गंभीर रूप भी ले सकता है। 

सर्वाइकल पेन से बचने के घरेलू उपाय (Home remedies for Cervical pain in hindi)

नियमित व्यायाम: नियमित रूप से व्यायाम करने से आप अपनी गर्दन और कंधे के दर्द को दूर कर सकते हैं। लेकिन आपको किसी भी तरह के व्यायाम करने के लिए किसी ट्रेनर की देखरेख में ही करना होगा, अगर आप कोई गलत एक्सरसाइज करते हैं तो इससे आपको और भी नुकसान हो सकता है। 

हीट पैड या कोल्ड पैक: हीट पैड या फिर कोल्ड पैक की मदद से आप गर्दन की मांसपेशियों में होने वाले दर्द से राहत पा सकते हैं। ये आपको आसानी से बाजारों में मिल जाएंगे। इसके साथ ही आप चाहें तो रात में सोते समय इसका इस्तेमाल कर सकते हैं। 

मसाज: आप गर्दन और कंधे के दर्द से छुटकारा पाने के लिए मसाज भी करवा सकते हैं, इससे आपको काफी हद तक राहत महसूस होगी। लेकिन आपको ध्यान रखना होगा कि गर्दन की मसाज हल्के हाथओं से की जाए। 

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सर्वाइकल से बचाव (prevention of cervical pain in hindi) 

  • रात में सही पोजिशन में सोएं। 
  • गर्दन को आराम देने वाले तकिए का इस्तेमाल करें, ध्यान रहे आपका तकिया ज्यादा मोटा या सख्त न हो। 
  • वज्रासन, चक्रासन और मत्स्यासन जैसे व्यायाम नियमित रूप से करें। 
  • ज्यादा देर तक एक ही स्थिति में बैठने से बचें। 
  • फोन को अपनी गर्दन और कंधे के बीच रखने से बचें।
  • गर्दन की नियमित रूप से मसाज करवाएं। 

Inputs by Healthline, Medical News Today

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