कोलन कैंसर और आपका आहार कैसे एक दूसरे को करते हैं प्रभावित, जानें कैसे रखें खुद को स्वस्थ

कोलन कैंसर और आपके द्वारा लिया गया आहार दोनों एक दूसरे को कर सकते हैं प्रभावित, जानें क्या है स्वस्थ रहने का तरीका।

Vishal Singh
कैंसरWritten by: Vishal SinghPublished at: Sep 19, 2020Updated at: Sep 19, 2020
कोलन कैंसर और आपका आहार कैसे एक दूसरे को करते हैं प्रभावित, जानें कैसे रखें खुद को स्वस्थ

कोलोरेक्टल कैंसर अमेरिका में पुरुषों और महिलाओं में  तीसरा सबसे अधिक पाया जाने वाला कैंसर है। स्वस्थ जीवन शैली के विकल्प, जैसे फलों और सब्जियों में उच्च आहार खाने और अपने लाल और प्रसंस्कृत मीट के सेवन को सीमित करने से कैंसर का खतरा कम हो सकता है। इसके साथ ही पर्याप्त व्यायाम करना, शराब को सीमित करना, तंबाकू के सेवन से बचना और स्वस्थ वजन बनाए रखना भी कैंसर से बचाने में मददगार हो सकता है। लेकिन कोलन कैंसर आपके आहार को भी बुरी तरह से प्रभावित कर सकता है।

colon cancer

डेयरी प्रोडक्ट से बढ़ता है खतरा

कैल्शियम एक खनिज है जो स्वस्थ हड्डियों को बनाए रखने और रक्तचाप को नियंत्रित करने के लिए महत्वपूर्ण होता है। कुछ कैंसर अनुसंधान अध्ययनों के मुताबिक, कैल्शियम का कम स्तर और कैल्शियम का कम सेवन कोलोरेक्टल कैंसर के खतरे को बढ़ाता है। विटामिन डी आपके शरीर को कैल्शियम को अवशोषित करने में मदद करने के लिए काम करता है। इस बारे में डॉक्टर से पूछें कि क्या कैल्शियम युक्त खाद्य पदार्थ और कैल्शियम की खुराक आपके लिए सही हैं। आपको बता दें कि कैल्शियम युक्त खाद्य पदार्थों को अपने आहार में शामिल करने के लिए दूध, दही, पनीर, मक्खन और आइसक्रीम शामिल हैं। 

साबुत अनाज ज्यादा खाएं

साबुत अनाज ज्यादा खाने से आपको फायदा मिल सकता है। सभी साबुत अनाज के एक प्रकार है क्योंकि इसे संसाधित या परिष्कृत नहीं किया जाता है। साबुत अनाज फाइबर, मैग्नीशियम, और दूसरे विटामिन और पोषक तत्व प्रदान करते हैं जो कई पुरानी बीमारियों के खतरे को कम करते हैं। साबुत अनाज आपके कोलन में कैंसर पैदा करने वाले यौगिकों को पिघला देता है और आपको नियमित रखने में भी मदद करता है। 

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डाइट में बीन्स शामिल करें

ब्लैक बीन्स, सोयाबीन, फवा बीन्स, गार्बनोज बीन्स, लीमा बीन्स, एडज़ुकी बीन्स, सोयाबीन और किडनी बीन्स समेत ज्यादा बीन्स खाने से आपको कोलन कैंसर से बचने में काफी मदद मिल सकती है। लेकिन जब आप कोलन कैंसर की चपेट में आते हैं तो आपको भूख की कमी का शिकार होना पड़ता है जिसके कारण आप पर्याप्त भोजन नहीं ले पाते। इसलिए अगर आप पहले ही बीन्स का सेवन करते हैं तो आप कोलन कैंसर से बच सकते हैं। बीन्स पौधे के खाद्य पदार्थ हैं जो फाइबर, बी विटामिन, विटामिन ई और प्रोटीन जैसे पोषक तत्वों से भरपूर होते हैं, ये सभी स्वास्थ्य को बढ़ावा देते हैं और कई गंभीर बीमारियों के शिकार से बचाती हैं। 

मछली और कोलन कैंसर

सैल्मन जैसी वसायुक्त मछली में ओमेगा -3 फैटी एसिड, वसा की प्रचुर मात्रा होती है जो आपके हृदय स्वास्थ्य को बढ़ावा देती है और कैंसर कोशिकाओं के विकास को रोकने में मदद कर सकती है।  मछली का तेल कैप्सूल लेना ओमेगा -3 फैटी एसिड के आपके सेवन को बढ़ाने का एक और अच्छा तरीका है। कुछ प्रकार के मछली के तेल विटामिन-डी के साथ होते हैं जो हड्डियों को भी बढ़ावा देने का काम करते हैं। मछली का नियमित रूप से सेवन कर आप कोलन कैंसर के खतरे से बच सकते हैं। 

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प्रोसेस्ड मीट से बिगड़ी सकती है कैंसर की स्थिति

अगर आप कोलन कैंसर का शिकार हैं तो इस स्थिति में आपको प्रोसेस्ड मीट का सेवन बिलकुल त्याग देना चाहिए जिससे की आपके कैंसर की स्थिति ज्यादा न बिगड़ें। आपको बता दें कि प्रोसेस्ड मीट पशु आधारित प्रोटीन है जिसे स्मोक्ड, नमकीन, संरक्षित, या जोड़ा रसायनों के साथ ठीक किया गया होता है। इसमें शामिल है हॉट डॉग, हैम, बोलोग्ना, बेकन और लंच मीट। कई अध्ययनों से पता चला है कि जो लोग इन उत्पादों को खाते हैं उनमें कोलन कैंसर और पेट के कैंसर की दर उन लोगों की तुलना में ज्यादा होती है जो मांस का सेवन नहीं करते हैं।

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