Thyroid Awareness Month: थाइराइड के कारण हो सकती है ड्राई आईज की परेशानी, जानें इसके कारण और उपाय

जनवरी, थायराइड जागरूकता माह के रूप में मनाया जा रहा है, जिसके द्वारा आम लोगों में थायराइड से संबंधित बीमारियों के बारे में बताया जाता है।

Pallavi Kumari
Written by: Pallavi KumariPublished at: Jan 15, 2020
Thyroid Awareness Month: थाइराइड के कारण हो सकती है ड्राई आईज की परेशानी, जानें इसके कारण और उपाय

सूखी आंखें अक्सर किरकिरा और दर्द महसूस करा सकती हैं। इससे आंखों में खुजली या जलन आदि भी होती है। लेकिन कभी-कभी थायरॉयड से पीड़ित लोगों को आंखों से जुड़ी समस्याएं होती है। तो वहीं आंखों से जुड़ी ड्राई आईज जैसी परेशानी थायरॉयड रोग का भी पहला संकेत माना जाता है। शोध बताते हैं कि थायराइड रोग और थायराइड नेत्र रोग का कारण एक ऑटोइम्यून विकार है। ये प्रतिरक्षा प्रणाली (इम्यून सिस्टम) में असंतुलन पैदा करती है, जिससे कारण अन्य बीमारियां बढ़ने लगती हैं। थायराइड नेत्र रोग में, प्रतिरक्षा प्रणाली मांसपेशियों और आंखों के आसपास के फैटयुक्त टिशूज के लिए एक असामान्य प्रतिक्रिया सेट करती है।  इसे पता लगाने के लिए थायराइड नेत्र रोग (Thyroid Eye Disease)के कई रोगियों में थायराइड हार्मोन के स्तर के लिए असामान्य रक्त परीक्षण किए जाते हैं, लेकिन कुछ लोग ऐसे भी हैं, जो हार्मोन के स्तर सामान्य होने पर भी आंखों में ड्राई आंखों से जुड़ी परेशानियां महसूस करते हैं। आइए जानते हैं विस्तार से कि थायराइड और ड्राई आईज की परेशानी एक दूसरे से कैसे जुड़ी हुई है।

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थायराइड और ड्राई आईज की परेशानी

थायराइड के कारण अक्सर लोगों को दो मुख्य बीमारियां होती हैं। एक है ग्रेव्स रोग (Graves'disease),जहां आपका थायरॉयड बहुत अधिक हार्मोन (हाइपरथायरायडिज्म) बनाता है। दूसरा है हाशिमोटो का थायरॉयडिटिस, जो हार्मोन के निम्न स्तर हाइपोथायरायडिज्म (Hyperthyroidism)का कारण बनता है। दोनों तब होते हैं जब आपकी प्रतिरक्षा प्रणाली गलती करती है और संक्रमण से लड़ने के बजाय आपके थायरॉयड ग्रंथि पर हमला करती है। वहीं ये आपकी आंखों की परेशानी का कारण तब बनती है, जब ये आपकी आंखों में कुछ प्रोटीन थायरॉयड टिश्यूज के समान हो जाते हैं, इसलिए आपकी इम्यून सिस्टम उन पर हमला कर सकती है।ग्रेव्स रोग वाले लोगों के लिए आंखों की समस्याएं अधिक आम हैं, लेकिन हाशिमोटो के कुछ लोग में ही पाई जाती है और ये ज्यादातर गंभीर रूप धारण कर लेती है। थायराइड विकार अक्सर परिवारों में चलते हैं यानी कि अनुवांशिक रूप से। ऐसे में जरूरी ये कि अगर आपके परिवार में किसी व्यक्ति को ये रोग है या पहले रहा है, तो आप भी अपनी आंखों का चेकअप करवाते रहें।

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थायराइड आई डिजीज (Thyroid Eye Disease)के प्रभाव

आंखों से नमी का वाष्पित हो जाना 

दरअसल हमारी आंखों को नमी की जरूरत होती है और यह उन्हें उनके काम करने के तरीके में मदद करता है और उन्हें स्वस्थ महसूस कराता है। थायराइड आंख की बीमारी उस नमी को चुरा लेती है।इस वजह से आपकी आंखें पूरी तरह से बंद नहीं होती हैं। ग्रेव्स रोग आपकी आंखों के आसपास की मांसपेशियों को प्रभावित करती है। ये आपका ऊपरी पलक को ऊपर की ओर खींच सकता है जबकि आपका निचला पलक नीचे की ओर खींचता है। वहीं ये आपकी आंख के पीछे हो सकता है, जो आपकी आंखों को बाहर की ओर धकेल सकता है। इसके कारण आपको आंखें बंद करने में परेशानी हो सकती है क्योंकि आपकी आंखों की नमी बहुत तेजी से वाष्पित हो रही होती है।

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आंसू न बहना

हर बार जब आप पलकें झपकाते हैं, तो आपकी आंखों की सतह पर आंसू फैल जाते हैं, जो उन्हें साफ और नम रखते हैं। थायराइड नेत्र रोग के कारण आपकी आंखों में पर्याप्त आंसू नहीं बनते हैं। इसके कारण आपको कई बार आंखों में तेज जलन हो सकती है। साथ ही ड्राई आईज के कारण आंखों को बंद करने में भी परेशानी का अनुभव हो सकता है।

आंखों से तेल का कम हो जाना

आंसू पानी, तेल और बलगम का मिश्रण होते हैं। तेल आपकी पलकों में ग्रंथियों द्वारा बनाया जाता है और आपकी आंखों की सतह पर पानी को रखने में मदद करता है। पर्याप्त तेल के बिना, आपके आंसू बहुत तेजी से वाष्पित हो जाते हैं। इस तरह कुस मिलाकर थाइराइड के कारण ड्राई आंख से जुड़ी परेशानियां होती हैं। वहीं इसके बचने का सरल उपाय ये है कि अगर आपको थायराइड है, तो आप समय-समय पर अपनी आंखों की जांच करवाते रहें।

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थायराइड आई डिजीज से बचने के उपाय

दुर्भाग्य से, आपके थायरॉयड का इलाज सूखी आंखों को ठीक नहीं करेगा।कई लोगों को दिन में कृत्रिम आंसू और रात में आंखों के मलहम का उपयोग करके राहत मिलती है। लेकिन आंखों की बूंदें, जो रेडनेस को रोकने में मदद करती हैं, ये सूखापन को बदतर बना सकती हैं। अगर आपकी पलकें तंग नहीं हैं, तो सोते समय आई मास्क पहनना आपकी आंखों पर नमी को बनाए रखने में मदद कर सकता है। वहीं इसी तरह के कुछ और उपाय भी आपको इससे लड़ने में मदद कर सकती है। जैसे-

  • -धूम्रपान न करें।
  • -एयर कंडीशनर और हीटर के पास बैठने से बचें।
  • -रात में अपने बेडरूम में ह्यूमिडिफायर का उपयोग करें।
  • -बार-बार स्क्रीन ब्रेक लें।
  • -पलकें झपकाते रहें।
  • -अधिक मछली खाएं, या अपने डॉक्टर से फिश ऑयल टेबलेट्स लेने के बारे में पूछें।
  • -सामन, टूना और सार्डिन में ओमेगा -3 फैटी एसिड सूजन को रोकने में मदद करते हैं और आपकी आंखों को बेहतर महसूस करवा सकते हैं।

Source:WebMd

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