लकवा, अल्‍सर और पेट संबंधी कई बीमारियों का रामबाण इलाज है 'काफल' फ्रूट, जानें फायदे

आयुर्वेद में काफल का सदियों से औषधी के रूप में इस्‍तेमाल किया जाता है। काफल एंटी- ऑक्‍सीडेंट गुणों से भरपूर है, जिस वजह से यह शरीर के लिए फायदेमंद है। इसके अलावा इसमें कई प्राकृतिक तत्‍व पाए जाते हैं। काफल फल ही नहीं बल्कि इसके पेड़ की

Sheetal Bisht
Written by: Sheetal BishtPublished at: May 16, 2019
लकवा, अल्‍सर और पेट संबंधी कई बीमारियों का रामबाण इलाज है 'काफल' फ्रूट, जानें फायदे

काफल एक ऐसा औषधीय गुणों से भरपूर फल है जिसका नाम शायद कम ही लोगों ने सुना होगा। लेकिन आयुर्वेद में काफल का सदियों से औषधी के रूप में इस्‍तेमाल किया जाता है। काफल का फल ब्‍लैकबेरी की तरह दिखता है। इसका वानस्‍पतिक नाम  मिरिका एस्कुलेंटा है। खट्टे-मीठे इस फल को बॉक्‍स मर्टल और बेबेरी भी कहा जाता है। यह एक लोकप्रिय पहाड़ी फल है, जो गर्मियों के मौसम में अप्रेल से जून के बीच होता है। काफल देखने में शहतूत की तरह लगता है, लेकिन यह शहतूत से बहुत अगल है। काफल एंटी- ऑक्‍सीडेंट गुणों से भरपूर है, जिस वजह से यह शरीर के लिए फायदेमंद है। इसके अलावा इसमें कई प्राकृतिक तत्‍व पाए जाते हैं। जैसे- माइरिकेटिन, मैरिकिट्रिन और ग्‍लाइकोसाइड्स। इसकी पत्तियों में फ्लावेन-4फ्लावेन-4-हाइड्रोक्‍सी-3 पाया जाता है। काफल का इस्‍तेमाल कई बीमारियों में किया जाता है। काफल एनिमिया, अस्‍थमा, दस्‍त, जुखाम-बुखार और यकृत संबंधी कई बीमारियों में फायदेमंद माना जाता है। काफल फल ही नहीं बल्कि इसके पेड़ की छाल और पत्तियां भी औषधीय गुणों की खान हैं। इसके पेड़ की छाल में एंटी इन्‍फ्लैमेटरी, ऐटी-हेल्मिंथिक, एंटी-आक्‍सीडेंट और एंटी-माइक्रोबियल गुण पाये जाते हैं। इन गुणों के कारण यह कैंसर जैसी अनेक बीमारियों से आपको बचाता है।

तनाव व सिर दर्द के लिए 

काफल ऐसा फल है, जो आपके मानसिक तनाव को कम करने में मदद करता है। इसके सेवन से डिप्रेशन की समस्‍या को दूर होती है। भागदौड़ भरी जिंदगी में तनाव व सिरदर्द की समस्‍या को दूर करने के लिए आप काफल के छाल का चूर्ण बनाकर नाक से सांस लेने पर कफ जनित सिरदर्द दूर होता है। इसके अलावा काफल के चूर्ण को सूंघने से सिरदर्द कम होता है। इसके अलावा इसके तेल की 1-2 बूंदों को नाक में डालने से माइग्रेन के दर्द में राहत मिलती है। 

आंख, नांक व गले के लिए काफल 

काफल आंख संबंधी बीमारियों जैसे- आंखों के दर्द, रतौंधी, आंख लाल होना। इसके अलावा नाक के लिए काफल के चूर्ण बनाकर उसकी नाक से सांस लेने और सूंघने से नाक संबंधी रोगों में लाभ होता है। सर्दी-जुखाम के कारण होने वाले कान दर्द के इलाज में भी काफल का इस्‍तेमाल किया जाता है। काफल के तेल को पकाकर छान लें और 1-2 बूंद कान में डाल लें। इससे कान दर्द की समस्‍या दूर होगी। काफल की छाल से बने हुए चूर्ण में शहद और अदरक का रस मिलाकर पिएं। इससे गले की बीमारियां दूर होंगी और सांस संबंधित रोग के इलाज में भी फायदेमंद होगा। 

अल्‍सर व लकवा में मददगार 

अल्‍सर के लिए आप काफल के तने की छाल से बने चूर्ण को घाव पर डालने से अलसर का घाव जल्‍दी भरता है। इसके अलावा काफल का इस्‍तेमाल लकवा की परेशानी में भी राहत दिलाने में मददगार है। काफल के तेल की मालिश करने से लकवा मे लाभ मिलता है। 

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दस्‍त व पेट दर्द में फायदेमंद 

गलत खानपान व ज्‍यादा मसालेदाल खाने के अलावा कई कारणों से पेट में गैस हो जाने पर पेट दर्द की समस्‍या होती है। इसके लिए आप काफल में चुटकी भर नमक मिलाकर खाएं, इसके सेवन से आपके पेट दर्द की समस्‍या दूर हो जाएगी। इसके अलावा दस्‍त में आप 1 या 2 ग्राम काफल में दोगुना शहद मिलाकर इसका सेवन करें, इससे दस्‍त से राह‍त मिलेगी। आप चाहें, तो इसका काढ़ा बनाकर भी पी सकते हैं। 

सांस संबंधी समस्‍याओं में 

यदि किसी को सांस संबंधी समसश है या सांस लेने में दिक्‍कत हो रही हो, तो काफल के सेवन से इसमें आराम मिलता है। काफल के चूर्ण में अदरक का रस और शहद मिलाकर सेवन करने से कफ जनित रोग, वात जनित रोग, दर्द, श्‍वास व टीबी रोग में लाभकारी है। इसके अलावा यह खांसी-जुखाम व बुखार से निजाद दिलाने में भी मदद करता है। 

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दांत दर्द में राहत 

दांत दर्द की समस्‍या में आप कापल के तने को चबाकर दांतों का दर्द दूर होता है। काफल के चूर्ण को सिरके में पीसकर दांतों में लगाने व रगड़ने से दांतों का दर्द सही होता है। इसके अनावा आप काफल से बने तेल को रूई में डालकर दांतो में दर्द वाली जगह में रखें, इससे दांतों का दर्द कम होगा। आप चाहें तो आप इसके काढ़े से गरारे भी कर सकते हैं। 

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