Obesity & Depression: क्या मोटापा और अवसाद एक-दूसरे से जुड़े हुए हैं? जानें इन दोनों से निजात पाने के उपाय

आपका मोटापा हृदय रोगों, डायबिटीज, लिवर संबंधी बीमारियां, हाई ब्‍लड प्रेशर और स्‍ट्रोक जैसी कई गंभीर समस्‍याओं के जोखिम को बढ़ा सकता है।

Atul Modi
Written by: Atul ModiPublished at: Feb 18, 2020
Obesity & Depression: क्या मोटापा और अवसाद एक-दूसरे से जुड़े हुए हैं? जानें इन दोनों से निजात पाने के उपाय

मोटापा (Obesity) कई स्वास्थ्य समस्‍याओं का कारण बन सकता है। शरीर की अतिरिक्त चर्बी आपके लिए अलग-अलग तरीकों से हानिकारक हो सकती है। जरूरत से ज्‍यादा वजन आपके शरीर के अंदर भी विभिन्न प्रक्रियाओं को प्रभावित करता है। मोटापा आपके मानसिक स्वास्थ्य (Mental Health) को भी प्रभावित कर सकता है। हालांकि, स्वस्थ आहार (Healthy Diet) और शारीरिक कसरत (Physical Activity) आपको वजन प्रबंधन (Weight Management) करने में मदद कर सकता है। अध्ययनों में मोटापा और अवसाद (Obesity And Depression) के बीच जुड़ाव देखा गया है। मोटापे से पीड़ित लोगों में अवसाद का खतरा अधिक होता है जबकि अवसाद और चिंता से ग्रस्‍त व्‍यक्तियों में मोटापे का जोखिम ज्‍यादा होता है। यहां हम आपको अवसाद और मोटापे से जुड़ाव पर हुए अध्‍ययनों और इससे निपटने के उपायों के बारे में बता रहे हैं।

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मोटापा और अवसाद के बीच संबंध: Relation Between Obesity And Depression  

हेल्‍थ लाइन वेबसाइट के अनुसार, अवसाद या चिंता में रहने वाले लोगों में उनकी स्थिति या उनका इलाज करने वाली दवाओं के कारण वजन बढ़ने या वजन कम होने की संभावना हो है। अवसाद और चिंता दोनों ही अत्‍यधिक भोजन या अनहेल्‍दी डाइट और गतिहीन जीवन शैली के साथ जुड़े हो सकते हैं। समय के साथ, वजन बढ़ने से अंतत: मोटापा हो सकता है।

इसी तरह, जो बच्चे हमेशा उदास रहते हैं, अक्‍सर दूसरे बच्‍चों की तुलना में बीएमआई अधिक होता है। 2002 के एक अध्ययन में पाया गया है कि जो बच्चे उदास थे, उनमें मोटापे की संभावना अधिक थी। एक साल के अध्‍ययन में बच्‍चे मोटे हो गए थे।

अध्ययनों के अनुसार, मोटे लोगों को अवसाद का अनुभव होने की संभावना सामान्‍य वजन वाले लोगों की तुलना में अधिक होती है। इसके पीछे कई कारण हो सकते हैं जैसे आत्‍मविश्‍वास में कमी, दूसरे से खुद की तुलना करना या अन्‍य वजहें। मोटापा कई स्‍वास्‍थ्‍य समस्‍याओं के साथ जोड़ों के दर्द या किसी कार्य को करने में असुविधा पैदा कर सकता है।

अगर आप मोटापे की वजह से परेशान हैं तो यह भी नुकसानदायक है। अवसाद में आप ज्‍यादा भोजन करते हैं, अधिक मात्रा में कैलोरी का सेवन मोटापे को बढ़ाता है। यह मोटापे में योगदान कर सकता है। अवसाद में शारीरिक व्यायाम का अभाव भी मोटापे में योगदान करता है।

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अवसाद और मोटापे का सामाना कैसे करें?

अवसाद और मोटापा दोनों में कई जोखिम कारक हैं। कई बीमारियों के जोखिम को कम करने के लिए, कई आहार और जीवनशैली में बदलाव करना बेहद जरूरी है।

नियमित एक्‍सरसाइज करें

एक्‍सरसाइज आपको मोटापे के साथ-साथ अवसाद के जोखिम से लड़ने में मदद कर सकता है। एक्‍सरसाइज मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य दोनों के लिए फायदेमंद है। यह वजन कम करने के साथ-साथ डिप्रेशन के लक्षणों के लिए एक प्रभावी तरीका है।

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स्वस्थ आहार का सेवन करें

स्वस्थ आहार आपके वजन के साथ-साथ मानसिक स्वास्थ्य के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। आहार संबंधी परिवर्तन मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य दोनों को प्रभावित करते हैं।

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अवसाद और मोटापा दोनों ही आपके लिए ठीक नहीं हैं। वजन में मामूली बदलाव को भी नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। यदि आपका वजन बढ़ रहा है तो शुरुआती चरण में ही इसे नियंत्रित करने के लिए कदम उठाने चाहिए। इसी तरह अवसाद को लेकर भी सजग रहें और इसके लक्षणों के प्रति जागरूक रहते हुए उसका समाधान करने की कोशिश करें।

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