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क्या उबटन शिशु की त्वचा के लिए सुरक्षित होते हैं? जानें डॉक्टर की राय

Ubtan for Baby: श‍िशु की त्‍वचा पर कई लोग उबटन लगाते हैं। लेक‍िन क्‍या ये श‍िशु की त्‍वचा के ल‍िए सेफ है? जानें डॉक्‍टर की राय 

Yashaswi Mathur
Written by: Yashaswi MathurPublished at: Aug 05, 2022Updated at: Aug 05, 2022
क्या उबटन शिशु की त्वचा के लिए सुरक्षित होते हैं? जानें डॉक्टर की राय

उबटन एक आयुर्वेद‍िक पद्धति है। इसके इस्‍तेमाल से त्‍वचा में मौजूद डेड सेल्‍स न‍िकल जाते हैं और त्‍वचा साफ होती है। लेक‍िन श‍िशुओं की त्‍वचा पर उबटन लगाना सही है या नहीं? श‍िशु की त्‍वचा को साफ करने के ल‍िए कई लोग उबटन का इस्‍तेमाल करते हैं। त्‍वचा पर उबटन लगाना सुरक्ष‍ित माना जाता है क्‍योंक‍ि इसमें नैचुरल सामग्री का इस्‍तेमाल क‍िया जाता है। लेक‍िन श‍िशु की त्‍वचा कोमल होती है ऐसे में उबटन लगाना चाह‍िए या नहीं इस पर आपको डॉक्‍टर की राय जरूर जाननी चाह‍िए। इस व‍िषय पर बेहतर जानकारी के ल‍िए हमने लखनऊ के केयर इंस्‍टिट्यूट ऑफ लाइफ साइंसेज की एमडी फ‍िजिश‍ियन डॉ सीमा यादव से बात की। 

ubtan side effects for babies

क्‍या है डॉक्‍टर की राय? 

डॉ सीमा के मुताब‍िक, ''श‍िशु की त्‍वचा बेहद संवेदनशील होती है। आपको श‍िशु की त्‍वचा पर कुछ भी अप्‍लाई करने से पहले सावधानी बरतनी चाह‍िए। ऐसा नहीं क‍ि प्राकृत‍ि‍क उत्‍पाद श‍िशु की त्‍वचा को नुकसान नहीं पहुंचा सकते। कुछ की त्‍वचा पर नेचुरल उत्‍पाद से भी एलर्जी हो जाती है। श‍िशु की त्‍वचा के ल‍िए साबुन भी पूरी तरह से सुरक्ष‍ित नहीं माना जाता है। उबटन लगाना एक पुरानी पद्धति लेक‍िन इसे श‍िशु की त्‍वचा पर लगाने की सलाह हम नहीं देते। हल्‍दी, चंदन, एलोवेरा या अन्‍य क‍िसी नेचुरल सामग्री के कारण श‍िशु की त्‍वचा में संक्रमण हो सकता है।'' 

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श‍िशु की त्‍वचा के ल‍िए उबटन के नुकसान 

1. घर पर तैयार क‍िए गए उबटन (ubtan) में मौजूद हल्‍की दरदरी सामग्री के कारण श‍ि‍शु की त्‍वचा छ‍िल सकती है। 

2. श‍िशु की त्‍वचा में उबटन लगाने से त्‍वचा में संक्रमण (skin infection) हो सकता है। संक्रमण होने पर त्‍वचा में लाल‍िमा या सूजन नजर आ सकती है।  

3. अगर आप श‍िशु की त्‍वचा पर उबटन लगाएंगे, तो त्‍वचा में खरोंच या चोट लग सकती है।   

4. श‍िशु की त्‍वचा पर उबटन के कॉम्‍बि‍नेशन से रैशेज (rashes) या लाल दाने की समस्या हो सकती है।   

5. उबटन को सूखने के बाद न‍िकाला जाता है लेक‍ि‍न श‍िशु की त्‍वचा पर उबटन लगाकर छोड़ देंगे, तो त्‍वचा ड्राई हो जाएगी।    

बाल हटाने के ल‍िए न लगाएं उबटन 

श‍िशु की त्‍वचा बचपन में संवेदनशील होती है। इंफेक्‍शन से बचने के ल‍िए श‍िशु की त्‍वचा (baby skin) पर जन्‍म के समय ज्‍यादा बाल होते हैं, जो उम्र बढ़ने के साथ खुद ही झड़ जाते हैं। आपको बालों से छुटकारा द‍िलाने के ल‍िए श‍िशु की त्‍वचा पर उबटन लगाने की जरूरत नहीं है।  

कच्‍चे दूध का इस्‍तेमाल करें 

श‍िशु की त्‍वचा को साफ करने के ल‍िए साबुन की जगह उबटन का इस्‍तेमाल क‍िया जाता है। लेक‍िन उबटन के कारण श‍िशु की त्‍वचा में संक्रमण हो सकता है। उबटन की जगह आप श‍िशु की त्‍वचा को कच्‍चे दूध (raw milk) और रूई की मदद से साफ कर सकते हैं। दूध से त्‍वचा को साफ करने के बाद साफ पानी से शरीर को स्‍पंज करके सुखाएं।

उबटन लगाने से पहले आप श‍िशु रोग व‍ि‍शेषज्ञ से सलाह लें। श‍िशु के बड़े हो जाने तक आपको नहीं पता होता क‍ि उसे क‍िस उत्‍पाद से एलर्जी है इसल‍िए क‍िसी भी उत्‍पाद को श‍िशु की त्‍वचा पर लगाने से बचें।  

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