Is Breast Reduction Surgery Safe In Hindi: कई महिलाएं अपने ब्रेस्ट साइज के ज्यादा होने से परेशान रहती हैं और इसके साइज को कम करने के लिए वे ब्रेस्ट रिडक्शन सर्जरी कराती है, जिससे ब्रेस्ट के साइज को कम करने में मदद मिलती है, साथ ही, इससे महिलाओं को कई लाभ मिलते हैं, लेकिन कई बार लोगों के मन में सवाल उठता है कि क्या ब्रेस्ट रिडक्शन सर्जरी सेफ है? ऐसे में आइए दिल्ली के आनंद निकेतन में स्थित गायनिका: एवरी वुमन मैटर क्लीनिक की सीनियर कंसल्टेंट, ऑब्सटेट्रिक्स और गायनेकोलॉजिस्ट डॉ. (कर्नल) गुंजन मल्होत्रा सरीन (Dr. (Col.) Gunjan Malhotra Sarin, Senior Consultant, Obstetrics and Gynaecologist, Gynecology: Every Woman Matters Clinic, Anand Niketan, Delhi) से जानें क्या ब्रेस्ट रिडक्शन सर्जरी सुरक्षित है?
क्या है ब्रेस्ट रिडक्शन सर्जरी?
ब्रेस्ट रिडक्शन सर्जरी से ब्रेस्ट को छोटे, हल्के और ज्यादा सही साइज में बनाने में मदद मिलती है। इसमें ज्यादा ब्रेस्ट टिशू, फैट और स्किन को हटाना शामिल होता है। ये सर्जन ब्रेस्ट को नया आकार भी देते हैं और नेचुरल लुक देने में भी मदद मिलती है।
क्या ब्रेस्ट रिडक्शन सर्जरी सुरक्षित है?
डॉ. (कर्नल) गुंजन मल्होत्रा सरीन के अनुसार, हां, ब्रेस्ट रिडक्शन सर्जरी सेफ है। इससे ब्रेस्ट साइज को कम करने में मदद मिलती है, लेकिन इसको कराने से पहले प्लास्टिक सर्जन से सलाह जरूर लें और इससे जुड़े जोखिमों को जान लें।
इसे भी पढ़ें: क्या बड़े ब्रेस्ट के कारण पीठ दर्द की समस्या हो सकती है? डॉक्टर से जानें
नेशनल लाइब्रेरी ऑफ मेडिसिन के अध्ययन के अनुसार, ब्रेस्ट को कम करने वाली सर्जरी शारीरिक दर्द को कम करने और कॉन्फिडेंट्स को बढ़ाने में सहायक है। यह सर्जरी 'वाइज पैटर्न' और 'वर्टिकल पैटर्न' जैसी आधुनिक तकनीकों के जरिए की जाती है। इसके रोगी चयन और रिकवरी प्रोटोकॉल की समीक्षा को ध्यान में रखते हुए, जो उच्च सफलता दर सुनिश्चित करते हैं।
-1772558188883.jpg)
ब्रेस्ट रिडक्शन सर्जरी क्यों है जरूरी?
कई बार ज्यादा ब्रेस्ट साइज के कारण महिलाओं को पोस्चर के खराब होने, गर्दन. कमर और कंधों में दर्द होने, ब्रेस्ट की त्वचा पर इंफेक्शन होने, रेशैज होने और त्वचा में इरिटेशन होने जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है।
ब्रेस्ट रिडक्शन सर्जरी से जुड़े रिस्क
ब्रेस्ट रिडक्शन सर्जरी कराना सेफ माना जाता है। इससे महिलाओं को नेचुरल रूप से सुडौल ब्रेस्ट देने में मदद मिलती है, लेकिन इससे कुछ जोखिम भी जुड़े हैं। ऐसे में ब्रेस्ट रिडक्शन सर्जरी कराने वाली महिलाओं को इन जोखिमों पर भी ध्यान देना चाहिए और प्लास्टिक सर्जन से सलाह लेनी चाहिए।
इसे भी पढ़ें: क्या ब्रेस्ट बायोप्सी के बाद बच्चे को दूध पिलाना सुरक्षित है? जानें डॉक्टर की सलाह
- इंफेक्शन होने
- ब्लीडिंग (हेमाटोमा) होने
- घाव का ठीक से न भरना
- निशान रह जाने
- ब्रेस्टफीड कराने में मुश्किल होना
- निप्पल या ब्रेस्ट सेंसेशन में बदलाव
- ब्रेस्ट की शेप में गड़बड़ी होने
- डीप स्ट्रक्चर जैसे नसों, ब्लड वेसल, मसल्स और लंग्स को नुकसान होने की समस्या
- ब्रेस्ट का बहुत ज्यादा सख्त होना
- ब्रेस्ट में फ्लूइड जमा होना
- ब्रेस्ट में दर्द होने
- ब्रेस्ट की स्किन/टिशू का नुकसान हो सकता है
- निप्पल और एरोला को नुकसान हो सकता है
- सूजन आने
- त्वचा के रंग में बदलाव आने
सावधानियां
ब्रेस्ट रिडक्शन सर्जरी को मोटापे, डायबिटीज या स्मोकिंग की हिस्ट्री वाली महिलाओं को ठीक होने में परेशानी आने का खतरा ज्यादा बढ़ जाता है। इसके अलावा, अपनी मेडिकल हिस्ट्री के बारे में डॉक्टर से सलाह जरूर लें।
निष्कर्ष
ब्रेस्ट रिडक्शन सर्जरी कराना सेफ होता है, लेकिन इससे जुड़े कुछ जोखिम भी हैं। ऐसे में ब्रेस्ट रिडक्शन सर्जरी कराने वाली महिलाओं को सर्जरी कराने से पहले इससे जुड़ी जोखिमों के बारे में अच्छे से जानकारी लेनी चाहिए और प्लास्टिक सर्जन से सलाह लेनी चाहिए। इसके अलावा, अपनी मेडिकल हिस्ट्री को डॉक्टर के साथ साझा जरूर करें। ध्यान रहे, ब्रेस्ट से जुड़ी कोई भी समस्या महसूस होने पर डॉक्टर से सलाह जरूर लें।
All Images Credit- Freepik
इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।
How we keep this article up to date:
We work with experts and keep a close eye on the latest in health and wellness. Whenever there is a new research or helpful information, we update our articles with accurate and useful advice.
-
Current Version
Mar 03, 2026 22:48 IST
Modified By : Priyanka Sharma Mar 03, 2026 22:48 IST
Published By : Priyanka Sharma
Reviewed By : Dr Gunjan Sarin