International Year of Millets 2023: बच्चों को जरूर खिलाना चाहिए मोटा अनाज, सेहत को मिलते हैं ये 5 फायदे

International Year of Millets 2023:मोटे अनाज में कई सारे पोषक तत्व पाए जाते हैं, जो बच्चों की हड्डियों और इम्यूनिटी को स्ट्रांग बनाने में मदद करते हैं

Ashu Kumar Das
Written by: Ashu Kumar DasUpdated at: Jan 23, 2023 15:37 IST
International Year of Millets 2023: बच्चों को जरूर खिलाना चाहिए मोटा अनाज, सेहत को मिलते हैं ये 5 फायदे

Health Benefits of Coarse cereals for children : संयुक्त राष्ट्र (United Nations) ने साल 2023 को International Year of Millets घोषित किया है। इस साल को मोटे अनाज का वर्ष घोषित करने का मुख्य उद्देश्य दुनियाभर के लोगों को देसी अनाजों का सेवन ज्यादा से ज्यादा करें। संयुक्त राष्ट्र की घोषणा के बाद दुनियाभर में मोटे अनाज की पैदावार और इसके सेवन पर जोर दिया जा रहा है। सेहत के लिए मोटे अनाज को बहुत ही फायदेमंद माना जाता है। 

इंटरनेशनल क्रॉप्स एंड रिसर्च इंस्टीट्यूट फॉर सेमी एरिड ट्रॉपिक्स (International Crops Research Institute for the Semi-Arid Tropics) यानी ICRIST द्वारा की गई रिसर्च में ये बात सामने आई है कि चावल, गेहूं के मुकाबले अगर जौ-बाजरा जैसे मोटे अनाज को बच्चों की डाइट में शामिल किया जाए ये उनके शारीरिक और मानसिक विकास को बढ़ावा देने में मदद करती है। रिसर्च में ये बात सामने आई है कि छोटे बच्चों को मोटा अनाज खिलाने से कुपोषण की समस्या को दूर रखा जा सकता है। आज इस लेख में हम आपको बताने जा रहे हैं बच्चों को मोटा अनाज खिलाने के 5 फायदे के बारे में।

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International Year of Millets 2023

मोटा अनाज कौन सा होता है?

मोटा अनाज बच्चों की सेहत के लिए कितना फायदेमंद है आखिरकार कौन से अनाज को मोटा माना जाता है। ज्वार, बाजरा, रागी (मडुआ), मक्का, जौ, कोदो, सामा, बाजरा, सांवा जैसे अनाज को मोटा अनाज माना जाता है। मोटे अनाज में पर्याप्त मात्रा में फाइबर पाया जाता है, जो पेट के लिए बहुत फायदेमंद माना जाता है। 

बच्चों को मोटा अनाज खिलाने के 5 फायदे

1. पाचन तंत्र को बनाता है मजबूत

मोटे अनाज में फाइबर प्रचुर मात्रा में पाया जाता है जो पाचन संबंधी समस्या जैसे पेट में दर्द, कब्ज, उल्टी और गैस की समस्या से राहत दिलाने में मदद करता है। 

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2. खून की कमी को करता है दूर

मोटे अनाज बाजरे और रागी में आयरन की पर्याप्त मात्रा पाई जाती है। कई रिसर्च में ये बात सामने आ चुकी है कि रागी और बाजरे का सेवन करने शरीर में आयरन की कमी को पूरा किया जा सकता है। खासकर प्रेगनेंसी में रागी का सेवन किया जाए तो ये एनीमिया की समस्या को दूर करने में मदद करता है।

International Year of Millets 2023

3. दांतों और हड्डियों को बनाता है मजबूत

मोटे अनाज में कैल्शियम की प्रचुर मात्रा पाई जाती है। कैल्शियम युक्त होने के कारण मोटा अनाज छोटे बच्चों के दांतों और हड्डियों को मजबूत बनाने में मदद करते हैं। 

4. मानसिक और शारीरिक विकास में मददगार

मोटे अनाज में सोडियम, प्रोटीन, फाइबर, कार्बोहाइड्रेट भरपूर मात्रा में पाया जाता है। जो बच्चों के मानसिक और शारीरिक विकास को बढ़ावा देने में मददगार साबित होता है।  

5. इम्यूनिटी को बनाता है स्ट्रांग

मोटा अनाज जैसे की मक्का में विटामिन ए और  विटामिन बी कॉम्प्लेक्स पाया जाता है। इसके साथ ही मक्के में मौजूद पोषक तत्व बच्चों की इम्यूनिटी को स्ट्रांग बनाने में मदद करते हैं। 

Pic Credit: Freepik.com

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