इंडियन या वेस्टर्न स्टाइल टॉयलेट? जानें सेहत के लिए कौन सा है बेस्ट

India vs Western Toilet: अक्सर ये सवाल पूछा जाता है कि सेहत के लिहाज से कौन सा टॉयलेट स्टाइल बेस्ट है।

Ashu Kumar Das
Written by: Ashu Kumar DasUpdated at: Jan 04, 2023 15:19 IST
इंडियन या वेस्टर्न स्टाइल टॉयलेट? जानें सेहत के लिए कौन सा है बेस्ट

India vs Western Toilet : स्वच्छ और स्वस्थ्य जीवन के लिए साफ शौचालय यानी की टॉयलेट होना बहुत जरूरी है। वैसे भी कहा जाता है कि एक घर कितना साफ-सुथरा है इसकी पहचान शौचालय से ही होती है। शौचालय का इस्तेमाल न सिर्फ आपको बीमारियों से बचाने में मदद करता है बल्कि घर को भी कीटाणु मुक्त रखने में मदद करता है। भारतीय घरों में दो तरह के टॉयलेट का इस्तेमाल किया जाता है। पहला ट्रेडिशनल और दूसरा वेस्टर्न स्टाइल। ग्रामीण इलाकों से लेकर शहरों के पुराने घरों में आज भी ट्रेडिशनल स्टाइल टॉयलेट का इस्तेमाल किया जाता है। लेकिन मॉर्डन फ्लैट और होटलों में अब वेस्टर्न स्टाइल टॉयलेट का इस्तेमाल किया जाता है।

इंडियन स्टाइल ट्रेडिशन टॉयलेट हो या फिर वेस्टर्न टॉयलट लोग अक्सर ये सवाल पूछते हैं कि दोनों से कौन सा सेहत के लिए अच्छा है? आज इस लेख में हम आपको इंडियन ट्रेडिशनल टॉयलेट और वेस्टर्न टॉयलेट दोनों में से सेहत के लिए क्या ज्यादा फायदेमंद है।

वेस्टर्न टॉयलेट के फायदे - Health Benefits of Western Toilet

वेस्टर्न टॉयलेट इंडियन ट्रेडिशनल टॉयलेट के मुकाबले काफी आरामदायक मानें जाते हैं। खासकर उन लोगों के लिए जिन्हें घुटने और पैरों की समस्या होती है वो वेस्टर्न टॉयलेट ही इस्तेमाल करना ज्यादा पसंद करते हैं। वेस्टर्न टॉयलेट का इस्तेमाल करने से मांसपेशियों में किसी तरह का खिंचाव या तनाव नहीं आता है। इस टॉयलेट का फायदा उन लोगों को भी होता है जिन्हें ओस्टियोआर्थराइटिस जैसी गंभीर बीमारी है।

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India vs Western Toilet Which one is Better for Health

इंडियन टॉयलेट के फायदे- Health Benefits of Indian toilet

जो लोग रेगुलर बेसिस पर एक्सरसाइज नहीं कर पाते हैं उनके लिए इंडियन टॉयलेट का इस्तेमाल काफी अच्छा माना जाता है। इंडियन टॉयलेट में बैठने से हाथों और पैरों की एक्सरसाइज हो जाती है। इंडियन टॉयलेट का इस्तेमाल करने से पूरे पाचन तंत्र पर असर पड़ता है, जिससे पेट को अच्छे से साफ करने में मदद मिलती है। इंडियन टॉयलेट का इस्तेमाल करने संक्रमण का खतरा काफी कम हो जाता है, क्योंकि आपका शरीर सीधे मल के संपर्क में नहीं आता है।

वेस्टर्न टॉयलेट के नुकसान - Side Effects of Western Toilet

वेस्टर्न टॉयलेट का इस्तेमाल करने से शरीर में संक्रमण की संभावनाएं काफी बढ़ जाती है। वेस्टर्न टॉयलेट में आप कुर्सी की पोजीशन में बैठते हैं इसलिए आपको टॉयलेट सीट से सीधा संपर्क होता है। कई बार वेस्टर्न टॉयलेट का इस्तेमाल करने की वजह से यूटीआई का खतरा भी बढ़ जाता है।

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इंडियन या वेस्टर्न स्टाइल टॉयलेट कौन सा है सेहत के लिए फायदेमंद? - India vs Western Toilet Which one is Better for Health

बात जब इंडियन टॉयलेट और वेस्टर्न टॉयलेट की तुलना की आती है तो दोनों ही अपनी-अपनी जगह ठीक है। वेस्टर्न टॉयलेट का इस्तेमाल उन लोगों के लिए अच्छा है जो सुकून के साथ बिना किसी मेहनत के बाथरूम का इस्तेमाल करना चाहते हैं। वहीं, इंडियन टॉयलेट में शारीरिक तौर पर ज्यादा एक्टिविटी मांगता है। सेहत के लिहाज से इंडियन टॉयलेट, वेस्टर्न के मुकाबले ज्यादा बेहतर होते हैं। क्योंकि इंडियन टॉयलेट का इस्तेमाल करते वक्त शरीर मल के सीधे संपर्क में नहीं आता है और बीमारियों से बचाव करने में मदद मिलती है।

Pic Credit: Freepik.com

 

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