शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता और खून में हीमोग्लोबिन बढ़ाते हैं ये ड्राई फ्रूट्स

By  , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग
Mar 01, 2018
Quick Bites

  • हीमाग्लोबिन की कमी से शरीर की कार्यक्षमता पर पड़ता है असर।
  • काजू में पर्याप्‍त मात्रा में आयरन व अन्‍य पौष्टिक तत्‍व होते हैं।
  • बादाम खाने से आयरन की कमी को किया जा सकता है दूर।

 

हमारे शरीर को तरह-तरह के संक्रमण और रोगों से बचाने के लिए एक इम्यून सिस्टम है। अगर शरीर की इम्यूनिटी यानि रोग प्रतिरोधक क्षमता अच्छी है तो ज्यादातर रोग हमारे शरीर को नुकसान नहीं पहुंचा पाते हैं। अच्छी इम्यूनिटी के लिए हमें संतुलित जीवनशैली और पौष्टिक आहारों का सेवन करना चाहिए। शरीर की कोशिकाओं को जिंदा रहने के लिए ऑक्‍सीजन की जरूरत होती है। ऑक्‍सीजन युक्‍त लाल रक्‍त कोशिकायें शरीर के अलग-अलग हिस्‍सों में हीमोग्‍लोबिन पहुंचाती हैं। आयरन की कमी और दूसरे कारणों से जब शरीर में लाल रक्‍त कोशिकाओं ओर हीमोग्‍लोबिन की मात्रा कम हो जाती है, तो उस परिस्थिति को अनीमिया कहा जाता है। लाल रक्‍त कोशिकाओं और हीमोग्लोबिन की कमी से कोशिकाओं को पर्याप्‍त मात्रा में ऑक्‍सीजन नहीं मिल पाती।  ऑक्सीजन की कमी से हमारे शरीर और दिमाग के काम करने की क्षमता पर असर पड़ता है। कुछ ड्राई फ्रूट्स ऐसे हैं जिनके सेवन से शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बेहतर होती है और शरीर में हीमोग्लोबिन का स्तर बढ़ता है। इससे हमारा शरीर कई तरह के रोगों और संक्रमण से खुद ही अपना बचाव कर सकता है।

कम हीमोग्लोबिन से एनीमिया का खतरा

अनीमिया खून की सबसे सामान्य समस्या है। हमारे देश में आयरन की कमी से होने वाला अनीमिया सबसे ज्यादा पाया जाता है। अनीमिया के शिकार अधिकतर लोगों, करीब 90 फीसदी, में यही अनीमिया पाया जाता है। महिलाओं और बच्‍चों में अधिकतर यही अनीमिया होता है। आयरन की कमी अनीमिया का सबसे बड़ा कारण होता है। केवल महिलायें ही नहीं पुरुष और यहां तक कि छोटे बच्‍चे भी अनीमिया से पीड़ित हैं। अनीमिया से त्‍वचा में पीलापन, भूख और घबराहट, चक्कर आना, उनींदापन, कमजोरी, थकान व अन्‍य कई प्रकार की स्‍वास्‍थ्‍य हानियां होती हैं। इतना ही नहीं अनीमिया का असर सेक्‍सुअल स्‍वास्‍थ्‍य पर भी पड़ता है। यहां यह बात भी ध्‍यान देने योग्‍य है कि पुरुषों को जहां रोजाना 8 मिलीग्राम आयरन की जरूरत होती है, वहीं महिलाओं को 18 मिलीग्राम आयरन की आवश्‍यकता होती है।
शरीर में आयरन की कमी होने पर सिरदर्द, नर्वस, यादादश्‍त पर असर और एकाग्रता में कमी देखी जाती है। इसके साथ ही व्‍यक्ति की कार्यक्षमता पर भी बुरा असर पड़ता है। लेकिन, इतना घबराने की जरूरत नहीं है। रक्‍त में आयरन की कमी अथवा अनीमिया कोई ऐसा रोग अथवा समस्‍या नहीं है जिसका समाधान न तलाशा जा सके। अपने आहार में छह मेवों को शामिल कर आप बढ़ा सकते हैं।

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काजू

काजू न केवल खाने में स्‍वाद होता है, बल्कि इसमें कई पौष्टिक गुण भी होते हैं। दस ग्राम काजू में 0.3 ग्राम तक आयरन होता है। रोजाना दस ग्राम काजू का सेवन करने से आपको आयरन की पर्याप्‍त मात्रा मिल जाती है। काजू की तासीर गर्म होती है इसलिए भारत जैसे गर्म देश में इसका सेवन सीमित मात्रा में करने की ही सलाह दी जाती है। रक्त की कमी वाले रोगियों को सर्दी में रोजाना काजू खाना चाहिए। काजू पाचन शक्ति बढ़ाता है। इससे भूख अधिक लगती है। आंतों में भरी गैस बाहर निकलती है।

बादाम

दस ग्राम भूने हुए बादाम में 0.5 मिलीग्राम आयरन होता है। बादाम में कैल्शियम, मैग्‍नीशियम तो होता ही है साथ ही इतनी मात्रा में बादाम का सेवन करने से आप केवल 163 ग्राम कैलोरी का उपभोग करते हैं।

चिलगोजा

दस ग्राम चिलगोजा में 0.6 मिलीग्राम आयरन होता है। इस सूखे मेवे का सेवन कच्‍चा अथवा भूनकर किया जा सकता है। चिलगोजा रक्‍त में हीमोग्‍लोबिन की मात्रा बढ़ाने का काम करता है।

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पिंगल फल

पिंगल फल को पहाड़ी बादाम भी कहा जाता है। पिंगल फल आयरन का उच्‍च स्रोत होता है। 14 ग्राम पिंगल फल में 0.7 मिलीग्राम आयरन होता है। इतना ही नहीं इसमें कैल्शियम, मैग्‍नीशियम और विटामिन बी भी काफी अधिक मात्रा में होता है। ये सब पोषक तत्‍व मिलकर हमारे शरीर को स्‍वस्‍थ बनाने में मदद करते हैं।

मूंगफली

दो चम्‍मच पीनट बटर में 0.6 मिलीग्राम आयरन होता है। पीनट बटर में वसा की मात्रा तो कम होती ही है साथ ही इसमें पोटेशियम, मैग्‍नीशियम और विटामिन बी भी प्रचुर मात्रा में पाया जाता है। इससे हमारी सेहत पर काफी सकारात्‍मक प्रभाव पड़ते हैं।

पिस्‍ता

जब बात आयरन युक्‍त मेवों की होती है, तो पिस्‍ता इस सूची में जरूर शामिल होता है। 28 ग्राम पिस्‍ते में 1.1 मिलीग्राम आयरन होता है। भारत में पिस्‍ता आसानी से मिल जाता है। पिस्‍ते में आयरन के साथ-साथ मैग्‍नीशियम और विटामिन बी भी होता है। इन सूखे मेवों का सेवन संतुलित मात्रा में ही करना चाहिए। अधिक मात्रा में इनका सेवन करने से मोटापे के साथ-साथ अन्‍य कुछ स्‍वास्‍थ्‍य समस्‍यायें भी हो सकती हैं।

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