शरीर को फ्लेक्सिबल बनाने के लिए रोज करें अर्ध बद्ध पद्मोत्तासन, जानें इस योगासन के अभ्यास का तरीका

अर्ध बद्ध पद्मोत्तासन के बहुत सारे फायदे हैं। इसके अभ्यास से ब्लड सर्कुलेशन और मांसपेशियों में लचीलापन बना रहता है।

सम्‍पादकीय विभाग
एक्सरसाइज और फिटनेसWritten by: सम्‍पादकीय विभागPublished at: Dec 07, 2021Updated at: Dec 07, 2021
शरीर को फ्लेक्सिबल बनाने के लिए रोज करें अर्ध बद्ध पद्मोत्तासन, जानें इस योगासन के अभ्यास का तरीका

हमारे जीवन में स्वस्थ तन-मन के लिए योग और ध्यान काफी लाभदायक होता है। सुबह या शाम योगासन करने से आप पूरे दिन तरोताजा महसूस करते हैं। साथ ही आपका शरीर चुस्त-दुरुस्त भी बना रहता है। ऐसे ही एक योगासन है अर्ध बद्ध पद्मोत्तासन (Half bound lotus standing forward bend pose)। जिसके अभ्यास से कई अंगो को लाभ मिलता है। इससे आपके पैर की मांसपेशियों, कमर वाले हिस्से, हैमस्ट्रिंग, कंधों, घुटनों और शरीर को फुर्तीला बनाए रखने में मदद मिलती है। इससे पूरे शरीर की स्ट्रेचिंग हो सकती है। साथ ही यह पाचन तंत्र में सुधार और नियंत्रण का काम भी करती है और ब्लड सर्कुलेशन भी सही करता है। अर्ध बद्ध पद्मोत्तासन अष्टांग और विन्यास दोनों ही योगासनों का मिश्रण है। इस योग को काफी सावधानी से एक्पर्ट की निगरानी में करने की जरूरत है। 

अर्ध बद्ध पद्मोत्तासन के फायदे ( Half bound lotus standing forward bend pose benefits)

1.  हिप्स को बनाए मजबूत

अर्ध बद्ध पद्मोत्तासन से आपके हिप्स वाला हिस्सा काफी मजबूत हो जाता है। इस अभ्यास में आपका एक पैर अर्ध पद्मासन में रहता है। ये आसन आपके हिप्स ज्वाइंट्स को लचीला बनाए रखता है।

2. कंधे और सीने को रखे लचीला

अर्ध बद्ध पद्मोत्तासन को करते समय आपकी एक हाथ पीठ की तरफ से घूमकर आता है। इस दौरान पैरों को अंगूठे को भी मोड़कर सामने की ओर रखा जाता है। इस योगासन की मदद से आपके शरीर का लचीलापन बढ़ता है और कंधे के जोड़ों का रोटेट करने की जरूरत होती है।

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3. हैमस्ट्रिंग में लाए बेहतर खिंचाव

इस योगासन को करते समय आपको सामने की तरफ झुकना पड़ता है। यह शरीर की मांसपेशियों में बेहतर संतुलन बनाते हुए आगे की तरफ मुड़ने पर हैमस्ट्रिंग को अच्छा खिंचाव देता है। इस योगासन के अभ्यास से आपके शरीर में लचीलापन आता है।

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4. ब्लड सर्कुलेशन सही करे

अर्ध बद्ध पद्मोत्तासन का अभ्यास करने से आपका ब्लड सर्कुलेशन भी सही रहता है क्योंकि इसमें शरीर एक बार ऊपर की ओर जाता है तो दूसरी बार नीचे की ओर किया जाता है, जिससे पूरे शरीर में संचार बेहतर ढंग से होता है।

कैसे करें अर्ध बद्ध पद्मोत्तासन (How to do this pose)

अर्ध बद्ध पद्मोत्तासन करने के लिए सबसे पहले सीधे खड़े हो जाएं। उसके बाद अपना दहिना पैर उठाएं और बाईं जांघ पर रखें। फिर दाहिने हाथ को पीछे से ले जाकर दाएं पैर के अंगूठे को पकड़ते हुए आगे की ओर झुकने का प्रयास करें। फिर बाएं हाथ को बाएं पैर के बगल में रखकर बेहतर संतुलन बनाने का प्रयास करें। उसके बाद अपनी ठुड्डी को पैर के घुटनों के नीचे वाले भाग से स्पर्श करवाएं। सामने की ओर सिर को उठाकर देखें। इस मुद्रा को 5 बार सांस  लेने तक बनाएं रखें। उसके बाद वापस पहले वाली स्थिति में आने के लिए बाएं हाथ को बाएं हिप्स से लेकर जाएं। हाथ से दाएं पैर के अंगूठे को छोड़ दें। दाएं पैर को वापस योगामैट पर ले आएं। इस पूरे अभ्यास के दौरान सांसों को स्थिर रखने का प्रयास करें। अब इसी अभ्यास को दूसरे पैर से करने का प्रयास करें।

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योगासन करते वक्त रखें ये सावधानियां

यह अभ्यास करने की विधि के दौरान ही आपको पता चल गया होगा कि यह अभ्यास बिना एक्सपर्ट की सलाह के न करें। अर्ध बद्ध पद्मोत्तासन के लिए धीरे-धीरे अभ्यास बढ़ाएं। असुविधा होने पर इस आसन का अभ्यास न करें। आसन करते समय अपने घुटनों या कंधों के जोड़ों पर ज्यादा जोर न दें। दर्द होने पर कभी भी ये योगासन न करें। साथ ही वॉर्मअप किए बिना इसे न करें।

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अर्ध बद्ध पद्मोत्तासन के नुकसान

इस आसन को रीढ़ की हड्डी में दर्द होने पर न करें। साथ ही किसी गंभीर बीमारी से ग्रस्त होने पर इस आसन को न करें। इसके अलावा डायरिया और अस्थमा होने पर भी इस अभ्यास को नहीं करना चाहिए। इससे आपकी समस्या बढ़ सकती है। गर्दन में अगर किसी तरह का दर्द हो तो इस योगासन को करने से बचें। कंधों में दर्द होने पर इस आसन में हाथ न उठाएं। हार्ट और ब्लड प्रेशर के मरीज इस आसन को न करें। इस योगा का अभ्यास धीरे-धीरे करना चाहिए ताकि आपको किसी तरह की चोट न आएं।

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