डायबिटीज रोगी हैं तो रहें सावधान, डायबिटिक न्यूरोपैथी के कारण इस तरह प्रभावित हो सकते हैं आपके पैर

डायबिटिक न्यूरोपैथी सबसे अधिक आपके पैरों और टांगों को प्रभावित करती है। हर व्यक्ति में यह लक्षण अलग अलग हो सकते हैं। जिनको समय रहते पहचानना जरूरी है।

Monika Agarwal
डायबिटीज़Written by: Monika AgarwalPublished at: Apr 09, 2021
डायबिटीज रोगी हैं तो रहें सावधान, डायबिटिक न्यूरोपैथी के कारण इस तरह प्रभावित हो सकते हैं आपके पैर

डायबिटीज एक क्रोनिक बीमारी है और इसमें हमारे शरीर में शुगर लेवल बढ़ जाता हैं और जब डायबिटीज आपसे नियंत्रित नहीं हो पाती है, तो यह आपके शरीर के अन्य हिस्सों को भी प्रभावित करने लगती है और जब आपकी डायबिटीज आपके नर्वस सिस्टम को डैमेज करती है तो उसे डायबिटिक न्यूरोपैथी (Diabetic Neuropathy) कहते है। कुछ लोगों को यह लक्षण बिल्कुल कम महसूस हो सकते हैं, तो कुछ लोगों को इनसे बहुत अधिक परेशानी हो सकती है। कुछ लोगों के पैर सुन्न पड़ जाते हैं और उनको पाचन तंत्र और यूरिनरी ट्रैक्ट में भी समस्या हो सकती है। हमारे एक्सपर्ट डॉक्टर विनय भट्ट, जनरल मेडिसिन, कोलंबिया एशिया हॉस्पिटल, गाजियाबाद  अनुसार के डायबीटिक न्यूरोपैथी (Diabetic Neuropathy) गंभीर रूप से कम से कम 50% शुगर रोगियों को प्रभावित करती है। लेकिन आप इसे रोक सकते हैं, यदि आप अपनी ब्लड शुगर को नियंत्रित रखें और एक हेल्दी लाइफ़स्टाइल अपनाएं।

डायबिटिक न्यूरोपैथी के लक्षण (Diabetic Neuropathy Symptoms)

अगर आपको डायबिटिक न्यूरोपैथी (Diabetic Neuropathy) हो जाती है तो आपको धीरे धीरे अर्थात पहले बहुत कम लक्षण देखने को मिलेंगे और वह आराम आराम से बढ़ते जाएंगे। आप निम्न लक्षणों को महसूस कर सकते हैं। 

  • पैरों और टांगों को एकदम से सुन्न पड़ जाना।
  • हृदय में कुछ असामान्य समस्या का महसूस होना।
  • पाचन तंत्र का ठीक से काम न करना।
  • यूरिनरी ट्रैक्ट और ब्लड ट्रैक्ट में समस्याएं आना।

अगर आपको यह सब लक्षण दिख रहे हैं तो समझ लीजिए की आपकी ब्लड शुगर अधिक बढ़ चुकी है और अब आपको उसे किसी भी हाल में नियंत्रण में लाना होगा नहीं तो वह आपके नर्वस सिस्टम को गंभीर रूप से प्रभावित कर सकती है। सबसे ज्यादा खतरा इससे आपके पैरों को ही है। इसलिए आपको तुरंत डॉक्टर के पास जाना चाहिए और इसका इलाज करवाना चाहिए। 

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पैरों में डायबिटिक न्यूरोपैथी की स्टेज (diabetic neuropathy stages)

वैसे तो न्यूरोपैथी भी कई प्रकार की होती है लेकिन इनमें से सबसे आम पेरीफेरल न्यूरोपैथी (Peripheral Neuropathy) होती है। इसे डिस्टल सिमेट्रिक पेरिफेरल न्यूरोपैथी के नाम से भी जाना जाता है और यह हमारे पैरों की नसों को सबसे पहले प्रभावित करती है और उसके बाद इसका असर हाथों और बाहों में देखने को मिलता है। इसके कुछ मुख्य लक्षण इस प्रकार हैं : 

  • शरीर में सुन्नपन होना और तापमान को महसूस न कर पाना।
  • गुदगुदाहट या जलन महसूस होना।
  • बहुत अधिक दर्द होना।

पहली स्टेज :

पहली स्टेज में किसी व्यक्ति को थोड़े थोड़े समय के अंतराल पर पैरों में गुदगुदाहट और थोड़ा बहुत दर्द महसूस करने को मिलेगा। यह बहुत ही कम ध्यान दिया जाने वाला लक्षण होता है क्योंकि यह अधिक प्रभावी नहीं होता है इसलिए ज्यादातर लोग इसको नोटिस नहीं करते हैं और नजरअंदाज कर देते हैं लेकिन अगर आपको पैर में किसी भी तरह की तकलीफ होती है तो उसे नजरअंदाज न करें।

दूसरी स्टेज :

दूसरी स्टेज में आपको पहली स्टेज वाले ही लक्षण और अधिक दिखाई देंगे। उनकी गंभीरता बढ़ जाएगी इसलिए आपको दर्द भी ज्यादा हो सकता है और आपको कोई गतिविधि करते समय भी परेशानी हो सकती है। चलते समय आपका पैर लगातार दर्द करता रहेगा।

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तीसरी स्टेज : 

यह सबसे गंभीर स्टेज होती है क्योंकि इसमें आपको दर्द होना धीरे धीरे बिल्कुल कम हो जायेगा और एक दिन बिल्कुल बंद हो जाएगा। यह इस बात का संकेत है कि आपकी नसें अब डैमेज हो गई हैं। इससे आपके टिश्यू को भी नुकसान पहुंच सकता है क्योंकि मरीज को इस स्टेज के दौरान बिल्कुल दर्द होना बंद हो जाता है। यह आपके ठीक होने का नहीं बल्कि और ज्यादा बात बिगड़ने का संकेत हो सकता है इसलिए इसे बिलकुल भी नजर अंदाज न करें। 

अन्य न्यूरोपैथी की संभावना के कारण (Other Risk Factors)

खराब ब्लड शुगर कंट्रोल - करा ब्लड शुगर कंट्रोल होने से भी आपके नर्वस सिस्टम को डैमेज होने का खतरा रहता है। 

घर में शुगर हिस्ट्री - घर में पहले से ही किसी को शुगर है और आपकी ब्लड शुगर कंट्रोल नहीं हो रही उस केस में भी डायबिटीज न्यूरोपैथी होने की संभावना बढ़ जाती है।

किडनी रोग - डायबिटीज किडनी को नुकसान पहुंचाती है। इस नुकसान की वजह से ब्लड में टॉक्सिन्स जाने लगते हैं और यह भी एक कारण होता है नर्वस सिस्टम डैमेज होने का।

अधिक वजन - यदि आप का बॉडी मास इंडेक्स अधिक है तो भी न्यूरोपैथी का खतरा बढ़ सकता है।

धूम्रपान करना - धूम्रपान आपकी आर्टरी को पतला और सख्त बनाता है। जिससे आपके पैरों ब्लड फ्लो कम हो जाता है।इस वजह से जख्म का भरना और भी मुश्किल हो जाता है। 

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डायबिटिक न्यूरोपैथी को कैसे ठीक करें (When to Consult a Doctor)

जैसा कि हम जानते हैं , डायबिटिक न्यूरोपैथी  (Neuropathy) तब होती है जब आपकी शुगर बहुत अधिक बढ़ जाती है। इसका सबसे पहला उपचार है हेल्दी डाइट खाना और एक्सरसाइज करना। जब ब्लड शुगर को नियंत्रण करने की बात आती है तो यह दोनों चीजें बहुत प्रभावी मानी जाती हैं। इसके अलावा आपको नियमित रूप से अपनी शुगर लेवल चेक करनी होती है और अपने पैरों का भी ध्यान रखना होता है। आपके डॉक्टर भी आपको कोई दवाई सुझा सकते हैं।

डॉक्टर विनय भट्ट, जनरल मेडिसिन, कोलंबिया एशिया हॉस्पिटल, गाजियाबाद से बातचीत पर आधारित

Monika Agarwal

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