डायबिटीज रोग का आपकी नींद पर कैसे पड़ता है असर? डॉक्टर से जानें शुगर के मरीजों को होने वाली नींद की समस्याएं

डायबिटीज और नींद के बीच एक गहरा संबंध होता है। आइए एक्सपर्ट से जानते हैं इस विषय के बारे में विस्तार से- 

 

Kishori Mishra
Written by: Kishori MishraPublished at: Jan 21, 2022Updated at: Jan 21, 2022
डायबिटीज रोग का आपकी नींद पर कैसे पड़ता है असर? डॉक्टर से जानें शुगर के मरीजों को होने वाली नींद की समस्याएं

डायबिटीज एक ऐसी स्थिति है, जिसमें हमारा शरीर इंसुलिन का उत्पादन ठीक से नहीं कर पाता है। यह समस्या ब्लड में ग्लूकोज के अतिरिक्त स्तर के कारण होता है। आमतौर पर डायबिटीज के दो प्रकार टाइप 1 और टाइप 2 होते हैं। ब्लड में शर्करा की मात्रा अधिक होने से बार-बार प्यास लगना, भूख लगना, बार-बार पेशाब आना जैसे लक्षण दिखते हैं। इसके अलावा डायबिटीज आपकी नींद को भी प्रभावित कर सकता है। आज हम इस लेख में जानेंगे कि डायबिटीज नींद को कैसे करता है प्रभावित? 

डायबिटीज और नींद के बीच संबंध ? (Link Between Sleep and Diabetes)

रिसर्च से पता चलता है कि डायबिटीज की वजह से नींद में गड़बड़ी की समस्या हो सकती है। इसकी वजह से मरीजों को अनिद्रा, बार-बार जगना, सोने में कठिनाई या फिर बहुत अधिक नींद आने की परेशानी हो सकती है। रिसर्च में नींद और डायबिटीज के बीच गहरा संबंध बताया गया है। शोधकर्ताओं ने बताया है कि डायबिटीज की वजह से नींद में कमी की शिकायत हो सकती है। हालांकि, इसे कभी-कभी नियंत्रित किया जा सकता है। 

मैक्स हॉस्पिटल की फिजीशियन डॉक्टर गुंजन मित्तल का कहना है कि डायबिटीज होने का यह मतलब नहीं है कि आपको  नींद बिल्कुल नहीं होगी। हालांकि, इस स्थिति में यह अधिक मायने रखता है कि आप मधुमेह के किन लक्षणों का अनुभव कर रहे ( diabetes symptoms at night ) हैं। हर व्यक्ति में डायबिटीज के लक्षण विभिन्न हो सकते हैँ। कुछ लोगों के ब्लड में शुगर का स्तर बढ़ने से अधिक नींद आती है। वहीं, कुछ लोग अनिद्रा से प्रभावित हो सकते हैँ। इस स्थिति में यह साफ तौर पर कहना मुश्किल होता है कि डायबिटीज की वजह से नींद से जुड़ी किस तरह की परेशानी होगी। 

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हालांकि, कुछ लोगों को डायबिटीज की वजह से बार-बार पेशान आने की शिकायत होती है, जिसकी वजह से उन्हें रात में कई बार जगना पड़ता है। इस स्थिति में उनकी नींद खराब ( how diabetes impacts sleep ) हो सकती है। 

इसके अलावा जब आपके शरीर में अतिरिक्त ग्लूकोज होता है, तो यह आपके ऊतकों से पानी खींचता है। इससे आपका शरीर डिहाइड्रेट महसूस कर सकता है, जिसकी वजह से आपको बार-बार प्यास भी लग सकती है। वहीं, ब्लड में शर्करा का स्तर कम होने से कंपकंपी, चक्कर आना और पसीना आना जैसी शिकायत देखने को मिलती है, जिसकी वजह से आपकी नींद प्रभावित हो सकती है। 

नींद की कमी मधुमेह को कैसे कर सकती है प्रभावित ?  ( How a lack of sleep can affect your diabetes )

इतना ही नहीं, नींद की कमी होने पर डायबिटीज भी प्रभावित हो सकता है। डॉक्टर का कहना है कि जिन तरह डाइट और शरीर का वजन शरीर के हार्मोन को असंतुलित करता है। उसी तरह नींद की कमी होने पर भी आपके शरीर का हार्मोन परिवर्तित हो सकता है। अगर आपको मधुमेह है, तो आपको भरपूर नींद की जरूरत होती है। नींद की कमी होने से आपके शरीर में शुगर का स्तर बढ़ सकता है। इससे आपको कई तरह की परेशानी हो सकती है।  

दरअसल, जो व्यक्ति भरपूर रूप से नींद नहीं लेते हैं, वे मोटापे से ग्रसित हो सकते हैं। मोटापे से ग्रसित व्यक्तियों को ( type 2 diabetes and sleep ) टाइप-2 डायबिटीज होने का खतरा काफी ज्यादा हो सकता है। ऐसे में डायबिटीज से बचने के लिए और शरीर में शुगर के स्तर को कंट्रोल करने के लिए भरपूर नींद की जरूरत होती है।

शुगर के मरीजों को होने वाली नींद की समस्याएं

शरीर में ब्लड शुगर का स्तर बढ़ने से डायबिटीज मरीजों को नींद से जुड़ी कई तरह की समस्याएं हो सकती हैँ। जैसे-

स्लीप एप्निया (Sleep apnea)

स्लीप एपनिया शुगर रोगियों को होने वाली सबसे आम बीमारियों में से एक है। स्लीप एपनिया तब होता है जब आपकी सांस बार-बार रुकती है। खासतौर पर डायबिटीज और मोटापे से ग्रसित व्यक्ति को यह परेशानी हो सकती है।  

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अनिद्रा (Insomnia)

शरीर में ब्लड शुगर का स्तर बढ़ने से अनिद्रा की समस्या हो सकती है। खासतौर पर यह परेशानी उन लोगों को होती है, जो बार-बार पेशाब करने या फिर पानी पीने के लिए उठते हैं। यदि आप हाई  ग्लूकोज के स्तर के साथ-साथ तनाव से ग्रसित हैं, तो आपको आपको अनिद्रा का खतरा अधिक है।

रेस्टलेस लेग सिंड्रोम (आरएलएस)

रेस्टलेस लेग सिंड्रोम (आरएलएस) एक ऐसी समस्या है, जिसमें पैरों को हिलाने की लगातार इच्छा होती है। यह शाम के समय में सबसे ज्यादा होती है, जिससे सोना मुश्किल हो सकता है। खासतौर पर शरीर में आयरन की कमी होने से यह परेशानी हो सकती है। इसके अलावा डायबिटीज से ग्रसित व्यक्तियों को भी यह परेशानी हो सकती है।

नींद की गुणवत्ता में कैसे करें सुधार ( How to improve sleep quality )

डायबिटीज जैसी परेशानियों से बचने के लिए भरपूर रूप से नींद लें। इसके अगर आपको डायबिटीज की परेशानी है, तो ब्लड शुगर को कंट्रोल करने की कोशिश करें। इसके लिए आपको अच्छी गुणवत्ता वाली नींद की जरूरत होती है। आइए जानते हैं नींद की गुणवत्ता में सुधार करने के कुछ आसान टिप्स -

सोने से पहले इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों से दूर रहें

हम में से कई लोग सोने से पहले मोबाइल फोन, टीवी, ई-बुक का प्रयोग करते हैं। हमारी यह आदत नींद की गुणवत्ता पर असर डाल सकती है। ऐसी स्थिति से बचने के लिए रात में सोने से करीब 1 घंटे पहले इस तरह के उपकरणों से दूर रहें। ताकि आपका दिमाग शांत हो सके। वहीं, आंखों पर किसी तरह का दबाव न पड़ेे। इसके अलावा आप इन उपकरणों के बदले कुछ किताबे पढ़ सकते हैं। इससे नींद की गुणवत्ता में सुधार आएगा। 

मोबाइल बंद करके सोएं

हम में से कई लोग अलार्म लगाने के लिए मोबाइल ऐप का इस्तेमाल करते हैं, जिसकी वजह से रात को सोते समय मोबाइल बंद नहीं करते हैं। अगर आपकी भी यही आदत है, तो इस आदत को बदल लें। अगर आप नींद की गुणवत्ता में सुधार चाहते हैं, तो मोबाइल को बंद करके सोएं। अलार्म के लिए आप मोबाइल अलार्म ऐप का उपयोग करने के बजाय अलार्म घड़ी का इस्तेमाल करें। इससे आपके आसपास विकिरण दूर रहेंगे, जिससे नींद की गुणवत्ता बेहतर होती है। 

सोने के पैटर्न में न करें बदलाव

नींद की गुणवत्ता को सही करने के लिए अपने सोने के पैटर्न को एक समान रखें। हमेशा एक ही समय पर सोएं और उठें। अगर आप सोने के पैटर्न में बदलाव करते हैं, तो आपका शरीर स्वभाविक रूप से थका हुआ महसूस करता है। 

शराब के सेवन से बचें

कुछ लोग नींद लाने के लिए शराब का सेवन करते हैं। उनका मानना होता है कि शराब के सेवन से नींद अच्छी आती है। लेकिन ऐसा बिल्कुल नहीं है। डॉक्टर का कहना है कि अच्छी नींद पाने के लिए अगर आप शराब का सेवन करते हैं, तो आपकी यह खराब हैविट हो सकती है। दरअसल, हर एक व्यक्ति को करीब 8 घंटे की नींद जरूरी ( how many hours should a diabetic sleep ) होती है। ऐसे में जब आप शराब का सेवन करते हैं, तो भले ही कुछ घंटों तक आपको नींद आए। लेकिन शराब के सेवन से आप पूरे 8 घंटे की नींद नहीं ले पाएंगे। शराब पीने के बाद सोने वाले व्यक्तियों की कुछ ही घंटों में नींद खुल जाती है। जिससे उनके शरीर को कई तरह की परेशानी हो सकती है।

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वातावरण रखें शांत

अच्छी नींद के लिए वातावरण का शांत होना बहुत ही जरूरी है। अगर आपकी नींद हल्की है, तो ऐसे स्थान पर सोएं। जहां पर शोर कम आए। ताकि आप बेहतर नींद ले सकें। 

डायबिटीज और नींद के बीच गहरा संबंध हैं। अगर आप अच्छी नींद नहीं लेते हैं, तो आपका ब्लड शुगर स्तर प्रभावित हो सकता है। वहीं, डायबिटीज की परेशानी होने पर आपकी नींद प्रभावित हो सकती है। ऐसे में भरपूर नींद लेने की कोशिश करें। ताकि 

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