शरीर को फ्लेक्सिबल और मजबूत बनाना है तो रोज करें 'हॉर्स पोज' अभ्यास, जानें इसके 5 फायदे

हॉर्स पोज योग या वतयनासन अष्टांग योग की एक क्रिया है, इसका नियमित अभ्यास करने से शरीर मजबूत और फ्लेक्सिबल होता है।

Prins Bahadur Singh
Written by: Prins Bahadur SinghPublished at: Apr 29, 2021Updated at: May 27, 2021
शरीर को फ्लेक्सिबल और मजबूत बनाना है तो रोज करें 'हॉर्स पोज' अभ्यास, जानें इसके 5 फायदे

वतयनासन या हॉर्स पोज योग (Horse Pose Yoga) शरीर को मजबूत बनाने और स्वस्थ रखने के लिए बेहद उपयोगी योग आसन माना जाता है। इस आसन को योग अभ्यास शुरू करने वाले लोग भी कर सकते हैं। इस आसन को योग की एक मध्यवर्ती मुद्रा के रूप में जाना जाता है। हॉर्स पोज योग अष्टांग योग की मध्यवर्ती श्रृंखला का एक हिस्सा माना जाता है। अयंगर योग की विधि के के अनुसार, यह आसन कूल्हों के माध्यम से रक्त के परिसंचरण में संतुलन बनाता है और जांघों और कूल्हों में होने वाली दिक्कतों को ठीक करने में लाभदायक होता है। इस योग का नियमित अभ्यास करने से पैरों की मांसपेशियों को मजबूत करने समेत शरीर के लचीलेपन में बेहद फायदा मिलता है। आइये जानते हैं हॉर्स पोज योग क्या है, सही तरीके से इसका अभ्यास कैसे करें और इसके नियमित अभ्यास से होने वाले फायदों (Horse Pose Benefits) के बारे में।

हॉर्स पोज योग या वतयनासन करने का सही तरीका (How to Perform Horse Pose Yoga)

हॉर्स पोज़ योग को दो तरीकों से किया जा सकता है पहला इसे स्थिर रहकर किया जा सकता है और दूसरा खड़े होने के साथ-साथ शरीर को गतिशील रखकर भी। स्थिर होकर इस आसन को करने पर आपको पैरों के बल खड़े होकर शरीर की मांसपेशियों में खिंचाव देते हुए इसे करना होता है और डायनामिक में आप शरीर को गति देते हुए खड़े रहने के अलावा दूसरे पोज भी कर सकते हैं। आइये जानते हैं हॉर्स पोज योग का अभ्यास करने का सही तरीका।

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1. इस आसन को करने के लिए सबसे पहले दोनों पैरों पर खड़े हो जाएं। दोनों पैरों को बाहर की ओर कंधे से थोड़ी अधिक दूरी तक फैलाएं। 

2. दोनों पैरों को बाहर की ओर निकालकर हाथों को प्रणाम की मुद्रा में रखें।

3. पैरों के सहारे थोड़ा नीचे की तरफ जाते हुए सांस छोड़ने का प्रयास करें।

4. लगभग 90 डिग्री तक नीचे की तरफ जाने के बाद हाथों पर जोर देते हुए अंदर की तरफ खींचने का प्रयास करें। 

5. इसके बाद दाएं पैर को दूसरे पैर के घुटनों की तरफ रखें और रीढ़ की हड्डी के अंत को दोनों हाथों से पकड़ने की कोशिश करे। 

6. इस प्रक्रिया को दोहराएं। 

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हॉर्स पोज योग या वतयनासन करने के फायदे (Benefits of Horse Pose Yoga)

हॉर्स पोज या वतयनासन को शक्ति या पावर की मुद्रा माना जाता है। इस आसन का अभ्यास नियमित रूप से करने से शरीर में लचीलापन आता है और मांसपेशियों को मजबूती मिलती है। हाथ और पैर की हड्डियों समेत रीढ़ की हड्डी के लिए भी यह आसन बेहद फायदेमंद होता है। हॉर्स पोज या वतयनासन के कुछ प्रमुख फायदे इस प्रकार से हैं। 

1. हड्डियों को मजबूत करने के लिए यह अच्छा आसन होता है। इसका नियमित अभ्यास हड्डियों को मजबूती देता है। कूल्हे या शरीर के निचले अंगों में होने वाली मामूली विकृति भी इस आसन के अभ्यास से ठीक हो सकती है।

2. मांसपेशियों की मजबूती के लिए यह बेहद फायदेमंद आसन होता है। शरीर की मांसपेशियों को स्वस्थ बनाने और उनमें होने वाले मामूली विकारों को दूर करने में यह आसन उपयोगी होता है। मांसपेशियों में लचीलापन लाने के लिए यह आसन बेहद फायदेमंद माना जाता है। 

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3. पैरों को मजबूत और स्कैलप्ड बनाने के लिए इस आसन का नियमित अभ्यास बेहद फायदा देता है। जांघों की मांसपेशियों के लिए भी यह अच्छा आसन माना जाता है। 

4. इस आसन का नियमित अभ्यास गठिया जैसे हड्डियों के रोग में फायदेमंद होता है। यदि आप गठिया से पीड़ित हैं, तो इस आसन को नियमित रूप से करने पर फायदा होगा।

5. बॉडी पॉश्चर को सुधारने में मदद देता है। हॉर्स पोज में पैरों से लेकर शरीर के सभी अंगों का व्यायाम होता है, ताकत का इस्तेमाल करते हुए इस आसन में शरीर को अंदर और बाहर की तरफ खींचा जाता है जिसकी वजह से बॉडी पॉश्चर में सुधार होता है।

हॉर्स पोज आसन का अभ्यास करते समय विशेष सावधानी बरतनी चाहिए। शुरुआत में इसका अभ्यास किसी प्रशिक्षित योगा ट्रेनर के निर्देशन में ही करना चाहिए। घुटनों में किसी भी प्रकार की समस्या होने पर इस आसन का अभ्यास नहीं करना चाहिये।

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