रैशेज के कारण ब्रेस्‍ट में होती है खुजली? जानें इसके लिए 5 घरेलू उपाय

Breast Rashes: टाइट ब्रा के कारण कई बार ब्रेस्‍ट के नीचे रैशेज और खुजली हो जाती है। इसे दूर करने के आसान घरेलू उपाय जान लें।

Yashaswi Mathur
Written by: Yashaswi MathurUpdated at: Nov 09, 2022 10:37 IST
रैशेज के कारण ब्रेस्‍ट में होती है खुजली? जानें इसके लिए 5 घरेलू उपाय

ब्रेस्‍ट के आसपास और ब्रेस्‍ट के ठीक नीचे वाले ह‍िस्‍से में अक्‍सर मह‍िलाओं को रैशेज की समस्‍या होती है। इसके पीछे कई कारण हो सकते हैं। ब्रा को न‍ियम‍ित रूप से न धोने के कारण रैशेज हो जाते हैं। गलत साबुन, ड‍ियो या अन्‍य उत्‍पादों के इस्‍तेमाल से भी ब्रेस्‍ट के नीचे रैशेज की समस्‍या हो सकती है। जो मांएं स्‍तनपान करवाती हैं या ब्रेस्‍ट को साफ नहीं रखतीं उन्‍हें भी रैशेज की समस्‍या हो सकती है। ब्रेस्‍ट एर‍िया में होने वाले रैशेज को ब्रेस्‍ट रैशेज कहते हैं। एक्‍ज‍िमा या रूखी त्‍वचा के कारण भी रैशेज हो सकते हैं। इस लेख में हम रैशेज और ब्रेस्‍ट में होने वाली खुजली से छुटकारा पाने के 5 आसान घरेलू उपाय जानेंगे।

breast rashes in hindi

1. टी ट्री ऑयल के फायदे 

ब्रेस्‍ट के नीचे नजर आने वाले रैशेज और खुजली की समस्‍या दूर करने के ल‍िए टी ट्री ऑयल का इस्‍तेमाल करें। टी ट्री ऑयल में एंटीमाइक्रोब‍ियल और एंटीइंफ्लेमेटरी गुण होते हैं। टी ट्री ऑयल की मदद से रैशेज, खुजली, रेडनेस की समस्‍या दूर हो जाती है। टी ट्री ऑयल की 2 से 3 बूंदें ही काफी होंगी। इस तेल को नार‍ियल तेल के साथ म‍िलाकर रैशेज वाले ह‍िस्‍से में लगा लें। रातभर के ल‍िए छोड़ दें। सुबह साफ पानी से त्‍वचा को साफ कर लें और सुखा लें। रोजाना एक बार इस उपाय को आजमां सकते हैं।

इसे भी पढ़ें- ब्रेस्ट के नीचे या आस-पास क्यों होते हैं दाने और रैशेज? जानें इसके 7 कारण और कुछ घरेलू उपचार         

2. नीम का पेस्‍ट लगाने के फायदे  

नीम में एंटीफंगल और एंटीइंफ्लेमेटरी गुण होते हैं। इसकी मदद से भी ब्रेस्‍ट एर‍िया में हुए संक्रमण का इलाज कर सकते हैं। संक्रमण दूर करने के ल‍िए नीम की पत्ति‍यों को धोकर पीस लें। गाढ़ा पेस्‍ट तैयार हो जाए, तो उसे त्‍वचा पर लगाकर छोड़ दें। 30 म‍िनट बाद पानी से त्‍वचा को साफ कर लें। इस उपाय हो हफ्ते में 2 से 3 बार इस्‍तेमाल कर सकते हैं। नीम, की मदद से ब्रेस्‍ट एर‍िया में खुजली और जलन से भी छुटकारा म‍िलेगा।     

3. हल्‍दी का लेप

ब्रेस्‍ट के नीचे नजर आने वाले रैशेज से छुटकारा पाने के ल‍िए हल्‍दी का इस्‍तेमाल कर सकते हैं। हल्‍दी में करक्यूमिन पाया जाता है। इसमें एंटीऑक्‍सीडेंट और एंटीइंफ्लेमेटरी गुण होते हैं। हल्‍दी की मदद से त्‍वचा में रैशेज, खुजली, सूजन आद‍ि समस्‍याएंं दूर की जाती है। रैशेज का इलाज करने के ल‍िए 1 से 2 टीस्‍पून हल्‍दी पाउडर की जरूरत होगी। हल्‍दी को पानी के साथ म‍िलाकर पेस्‍ट बना लें। इसे त्‍वचा पर लगाकर 20 म‍िनट के ल‍िए छोड़ दें। फ‍िर साफ पानी से त्‍वचा को साफ कर लें। इस उपाय को हफ्ते में 3 बार आजमां सकते हैं।    

4. एलोवेरा का उपयोग

एलोवेरा में एंटीइंफ्लेमेटरी गुण होते हैं। खुजली और सूजन को दूर करने में एलोवेरा फायदेमंद माना जाता है। एलोवेरा के पौधे से ताजा जेल न‍िकालकर कटोरी में रख लें। इसमें हल्‍दी या क्रीम म‍िला सकते हैं क्‍योंक‍ि हर क‍िसी को ताजा जेल सूट नहीं करता। आप पैच टेस्‍ट करके भी देख सकती हैं। त्‍वचा पर एलोवेरा जेल लगाकर रखें फ‍िर पानी से धो लें। इस उपाय को रोजाना इस्‍तेमाल कर सकते हैं।  

5. एप्‍पल साइडर व‍िनेगर के फायदे 

एप्‍पल साइडर व‍िनेगर का स‍िरका भी ब्रेस्‍ट में रैशेज की समस्‍या को दूर करने में फायदेमंद माना जाता है। यीस्‍ट इंफेक्‍शन के कारण ब्रेस्‍ट रैशेज की समस्‍या हो सकती है। इससे छुटकारा पाने के ल‍िए एप्‍पल साइडर व‍िनेगर का इस्‍तेमाल करें। 1 से 2 टेबलस्‍पून एप्‍पल साइडर व‍िनेगर को आधा कप पानी में म‍िलाएं। इस म‍िश्रण को संक्रमण वाले ह‍िस्‍से में लगा लें। आधे घंटे बाद साफ पानी से त्‍वचा को साफ कर लें। सेब के स‍िरके में एंटीमाइक्रोब‍ियल गुण होते हैं ज‍िससे संक्रमण दूर करने में मदद म‍िलती है।   

इन आसान उपायों की मदद से आपको ब्रेस्‍ट रैशेज और खुजली या जलन की समस्‍या से छुटकारा म‍िल जाएगा।

Disclaimer