Fri Sep 11, 2026 | 09:04 PM IST

Medically Reviewed by Dr Karuna Malhotra , Cosmetologist, Skin specialist & Homoeopath Physician

क्या गर्मियों में पूरे दिन जूते पहनकर रखना सही है? जानें डॉक्टर से

गर्मियों में पूरे दिन जूते पहनकर रखना सही नहीं है। यह पैरों से जुड़ी कई तरह की समस्याएं खड़ी कर सकता है, जैसे एथलीट फुट आदि।

बहुत से ऐसे लोग हैं, जो गर्मियों में पूरा दिन जूता पहनना पसंद नहीं करते हैं। इसके बजाय, वे सैंडल आदि पहनने को प्राथमिकता देते हैं। हालांकि, कई ऐसे कार्य क्षेत्र हैं, जहां पूरा-पूरा दिन जूता पहनना पड़ता है। ऐसे में यह जान लेना जरूरी है कि क्या गर्मियों में पूरा दिन जूता पहनना सही होता है या इसके कोई नुकसान भी हो सकते हैं? विशेषकर, डायबिटीज के मरीजों को इस बात का ध्यान रखना चाहिए। आइए, जानते हैं राजौरी गार्डन स्थित कॉस्मेटिक स्किन क्लिनिक की कॉस्मेटोलॉजिस्ट और त्वचा रोग विशेषज्ञ डॉ. करुणा मल्होत्रा की राय।

क्या गर्मियों में पूरा दिन जूता पहनना सही है?

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वैसे तो जूता लंबे समय तक पहना जाना सही नहीं है। विशेषकर, गर्मी के दिनों की बात करें, तो पूरा दिन जूता नहीं पहना जाना चाहिए। इस संबंध में डाॅ. करुणा मल्होत्रा बताती हैं, "गर्मियों में पूरा दिन जूता पहनने की सलाह नहीं दी जाती है। यह बिल्कुल गलत है। इसकी वजह पैरों को नुकसान हो सकता है। हालांकि, गर्मियों में पैरों को धूप से प्रोटेक्ट करने की जरूरत होती है, लेकिन पूरा दिन जूते पहने रहने की वजह से पैरों में पसीना हो सकता है। ऐसे में पैरों में फंगल इंफेक्शन या बैक्टीरियल इंफेक्शन हो सकता है।"

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गर्मियों में पूरा दिन जूते पहनने के नुकसान

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फंगल और बैक्टीरियल इंफेक्शन का रिस्क

गर्मियों में पूरा दिन जूता पहनने की वजह से पसीने आने लगते हैं। ऐसे में खुजली की समस्या बढ़ सकती है। अगर तुरंत पैरों को हवा न लगाई जाए और खुजली कर ली जाए, तो ऐसे में बैक्टीरिया के पनपने का जोखिम बढ़ जाता है। नतीजतन, एथलीट फुट या कोई अन्य संक्रमण हो सकता है।

छाले होने का जोखिम

पूरा दिन जूते पहने रहने की वजह से नमी और गर्मी बढ़ने की वजह से त्वचा और जूते के अंदरूनी हिस्से के बीच घर्षण बढ़ जाता है। ऐसे में छाले हो सकते हैं। घर्षण होने के कारण ये छाले दर्दनाक और जलन भरे हो सकते हैं।

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पैरों में बदबू

निश्चित रूप से पूरा दिन जूता पहनने के कारण पैरों से पसीना निकलते रहता है। पसीने पर पनपने वाले बैक्टीरिया दुर्गंध पैदा करते हैं। यह भी सही स्थिति नहीं है। कई बार लंबे समय तक जूते पहनने से सूजन भी पैदा हो जाती है। हालांकि, ऐसा अधिक तंग जूते पहनने के कारण होता है।

कमजोर मांसपेशियां

पैरों को पूरे दिन एक ही स्थिति में बंद रखने से पैर की मांसपेशियां भी कमजोर हो सकती हैं। जी, हां! ऐसा खासकर उन लोगों के साथ होता है, जो पूरा दिन जूते पहनकर खड़े रहते हैं या चलने-फिरने का अधिक काम करते हैं। ऐसे में पैरों को आराम नहीं मिलता है, जिससे मांसपेशियों पर दबाव अधिक बढ़ने लगता है।

निष्कर्ष

गर्मियों के दिनों में लंबे समय तक जूते पहनने से बचें। अगर जूते पहनना मजबूरी है, तो अपने साइज के जूते पहनें। ऐसे जूते न पहनें, जिससे असहज या बेचैनी महसूस हो। इसके अलावा, हमेशा अच्छी क्वालिटी की जुराब पहनें, ताकि पैरों में पसीना कम आए और घर्षण की वजह से पैरों में छाले या एथलीट फुट होने का रिस्क कम हो।

All Image Credit: Freepik

FAQ

  • क्या सूती जुराबें पहनने से पैरों के संक्रमण को रोका जा सकता है?

    गर्मियों में सिंथेटिक के बजाय अच्छी क्वालिटी वाली सूती जुराबें पहनने से पैरों के संक्रमण के जोखिम को कम किया जा सकता है।
  • एथलीट फुट के लक्षण क्या हैं और इससे कैसे बचें?

    पैरों की उंगलियों के बीच खुजली, लालिमा और खाल निकलना इसके मुख्य लक्षण हैं।
  • अगर ऑफिस में पूरे दिन जूते पहनना मजबूरी हो, तो क्या करें?

    ऐसे में अच्छी क्वालिटी के जूते पहनें, लंच ब्रेक के दौरान कुछ देर के लिए जूते उतारकर पैरों को हवा लगने दें और हर दिन साफ जुराबें बदलें।

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Disclaimer

इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

Meera Tagore

Meera Tagore

Senior Sub Editor

मीरा टैगोर 2009 से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और पिछले 5 वर्षों से विशेष रूप से हेल्थ जर्नलिज्म पर काम कर रही हैं। फिलहाल वह OnlyMyHealthमें सीनियर सब एडिटर के तौर पर कार्यरत हैं। वह महिला स्वास्थ्य और यौन स्वास्थ्य जैसे संवेदनशील विषयों पर लिखती हैं और इनसे जुड़ी जानकारी को प्रमाणित स्रोतों और रिसर्च के आधार पर सटीक और सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाने की कोशिश करती हैं। जिन विषयों में मेडिकल पुष्टि जरूरी होती है, उन्हें प्रकाशित होने से पहले डॉक्टरों द्वारा रिव्यू किया जाता है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत प्रिंट मीडिया से की थी और OnlyMyHealth से पहले Image Reflection Centre, Haribhoomi और MyUpchar के साथ काम कर चुकी हैं।

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    May 14, 2026 15:07 IST

    Modified By : Meera Tagore
  • May 14, 2026 15:07 IST

    Published By : Meera Tagore
    Reviewed By : Dr Karuna Malhotra

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