आयुर्वेद में हमेशा कहा जाता है कि सिर्फ हेल्दी खाना ही सही नहीं है, बल्कि उसे किस समय पर कब और कैसे खाया जा रहा है? यह भी महत्वपूर्ण है। सोशल मीडिया की रील्स देखकर लोग अक्सर अपने खानपान की आदतों में बदलाव कर देते हैं, लेकिन ये आदतें नुकसान भी पहुंचा सकती है। हालांकि इनमें से कुछ का असर तुरंत दिखने लगता है, तो कुछ का प्रभाव लंबे समय बाद दिखाई देता है। इसलिए हमने Dr. Chetan Sharma, Senior Ayurveda Consultant, Sarvodaya Hospital से ऐसे फूड आइटम्स के बारे में जाना।
ओट्स
डॉ. चेतन कहते हैं, “आमतौर ओट्स (Oats) को वजन घटाने का सबसे अच्छा तरीका माना जाता है, लेकिन आयुर्वेद के अनुसार, ओट्स ड्राई और भारी होते हैं। इसलिए ओट्स उन लोगों को बिल्कुल नहीं खाना चाहिए, जिनका डाइजेशन कमजोर होता है। इससे लोगों को गैस, ब्लोटिंग और कब्ज की समस्या हो सकती है। इसलिए ओट्स को गर्म करके थोड़ा देसी घी में अदरक और जीरे के साथ पकाकर खाएं। इससे डाइजेशन में आसानी होगी। इसके बावजूद अगर ओट्स खाने पर पेट से जुड़ी समस्याएं हो रही हैं, तो एक्सपर्ट से सलाह लेनी चाहिए।”
रात में दही खाना
डॉ. चेतन ने बताया कि अक्सर लोग रात को दही या रायता बनाकर खाते हैं और भारतीय घरों में तो खाने के साथ दही होना लाजिमी है। दही खाना सेहत के लिए फायदेमंद है, लेकिन आयुर्वेद में रात के समय दही खाना मना है। रात में दही खाना शरीर में कफ बढ़ाने का काम करता है, जिससे मेटाबॉलिज्म धीमा हो जाता है। इससे वजन बढ़ने की संभावना हो सकती है। जिन लोगों को साइनस की दिक्कत है, उन्हें रात में दही खाने पर काफी परेशानी होती है। कई लोगों में सर्दी-जुकाम भी देखने को मिलता है। रात में दही लेने की बजाय छाछ ली जा सकती है।

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सलाद
डॉ. चेतन ने कहा, “सलाद का यह फायदा है कि इसे कच्चा खाया जाता है, जो शरीर को डिटॉक्स करने में मदद करता है। जिन लोगों का डाइजेशन कमजोर होता है, उन्हें मैं रात में सलाद खाने की सलाह नहीं देता हूं। इससे लोगों को गैस, ब्लोटिंग और अपच की समस्या हो सकती है। इसलिए मैं सलाह दूंगा कि लोगों को सलाद लंच में लेना चाहिए और इसे थोड़ा स्टीम कर लें।”
मेवे
डॉ. चेतन शर्मा कहते हैं, “मेरे पास कई लोग आकर कहते हैं कि ड्राई फ्रूट्स खाना तो सेहत के लिए फायदेमंद है, इसलिए वे किसी भी समय बिना मात्रा देखे खा लेते हैं। आयुर्वेद में भी मेवे जैसे बादाम, काजू, अखरोट बहुत फायदेमंद माना गया है, लेकिन इसे सीमित मात्रा में खाने के लिए कहा गया है। ज्यादा मेवे खाने से वजन बढ़ना, एसिडिटी और पिंपल्स हो सकते हैं। चार से पांच बादाम और एक या दो अखरोट को रात में भिगोकर खाएं।
ग्रीन टी
डॉ. चेतन के मुताबिक, “ग्रीन टी पीना सेहतमंद है, क्योंकि इसे डिटॉक्स ड्रिंक माना जाता है, लेकिन कई लोग सारा दिन ग्रीन टी पीते रहते हैं, जो सेहत को नुकसान पहुंचा सकती है। इससे लोगों को एसिडिटी की समस्या हो सकती है। अगर रात को ग्रीन टी पी जाए, तो नींद भी प्रभावित हो सकती है। दिन में सिर्फ एक या दो कप ग्रीन टी पीनी चाहिए और इसे खाली पेट बिल्कुल न पिएं।
निष्कर्ष
डॉ. चेतन समझाते हैं कि आयुर्वेद में अग्नि यानी पाचन शक्ति मजबूत है, तो ज्यादातर चीजें आसानी से पचाई जा सकती है, लेकिन गलत समय पर गलत तरीके से खाया गया भोजन अग्नि को कमजोर कर देता है। इसलिए सिर्फ सोशल मीडिया पर बताई गई डाइट को बिना सोचे-समझे फॉलो न करें। अगर किसी भी तरह की कन्फ्यूजन हो, तो एक्सपर्ट की सलाह लें।
FAQ
क्या मेवे बिना भिगोए खाना वाकई नुकसानदेह है?
सूखे मेवों में फाइटिक एसिड और टैनिन होते हैं जो डाइजेशन में परेशानी कर सकते हैं। भिगोने से ये तत्व निकल जाते हैं और मेवों की तासीर भी ठंडी हो जाती है।अगर रात को दही खाना ही पड़े, तो क्या करें?
आयुर्वेद के अनुसार रात को दही पूरी तरह वर्जित है, लेकिन जरूरी है, तो छाछ पी सकते हैं।
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Apr 28, 2026 17:25 IST
Modified By : Aneesh Rawat Apr 28, 2026 17:25 IST
Modified By : Aneesh RawatApr 28, 2026 17:25 IST
Modified By : Aneesh RawatApr 28, 2026 17:25 IST
Published By : Aneesh Rawat
Reviewed By : Dr Chetan Sharma