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गठ‍िया के दर्द का नैचुरल इलाज है ग‍िलोय का जूस, जानें सेवन का तरीका

Giloy Juice Benefits: ग‍िलोय एक जड़ी-बूटी है ज‍िसका जूस पीने से गठ‍िया रोग में दर्द दूर करने के ल‍िए क‍िया जा सकता है। जान‍िए सेवन का सही तरीका।

Yashaswi Mathur
Written by: Yashaswi MathurPublished at: Aug 31, 2022Updated at: Aug 31, 2022
गठ‍िया के दर्द का नैचुरल इलाज है ग‍िलोय का जूस, जानें सेवन का तरीका

आयुर्वेद के मुताब‍िक ग‍िलोय (giloy) की जड़ें, पत्तियां और जड़ तीनों ही मारी सेहत के ल‍िए फायदेमंद होती है। ग‍िलोय उन औषधी में से एक है जो वात, पित्त और कफ तीनों को न‍ियंत्रण करने का काम करती है। ग‍िलोय को संस्‍कृत में अमृत के नाम से भी जाना जाता है क्‍योंक‍ि इसमें कई औषधीय गुण होते हैं। इस औषधी में एंटीऑक्‍सीडेंट गुण होते हैं। गठ‍िया रोग (arthritis) में जोड़ों का दर्द (joint pain) दूर करने के ल‍िए ग‍िलोय के जूस का सेवन फायदेमंद माना जाता है। ग‍िलोय में एंटीअर्थराइट‍िस गुण भी मौजूद होते हैं। जानते हैं गठ‍िया रोग में ग‍िलोय के जूस का सेवन करने का सही तरीका। इस व‍िषय पर बेहतर जानकारी के ल‍िए हमने लखनऊ के व‍िकास नगर में स्‍थित प्रांजल आयुर्वेद‍िक क्‍लीन‍िक के डॉ मनीष स‍िंह से बात की।   

giloy juice benefits

कब और क‍ितना ग‍िलोय जूस प‍िएं? 

कई लोगों को ये नहीं पता होता क‍ि ग‍िलोय का सेवन कब और क‍ितनी मात्रा में करना चाह‍िए। हम आपको बता दें क‍ि एक बार में आप 10 से 15 एमएल ग‍िलोय जूस का सेवन कर सकते हैं। ये मात्रा 2 से 3 चम्‍मच के बराबर होती है। सुबह खाली पेट आप ग‍िलोय जूस का सेवन कर सकते हैं। ग‍िलोय के जूस के साथ-साथ आप काढ़े का सेवन भी कर सकते हैं।  

इसे भी पढ़ें- गिलोय का जूस पीने से सेहत को मिलते हैं ये 5 फायदे, जानें कुछ नुकसान और पीते समय जरूरी सावधानियां

ग‍िलोय जूस के गुण 

ग‍िलोय जूस में कॉपर, आयरन, फॉस्‍फोरस, ज‍िंक, मैग्नीशियम, एंटीऑक्‍सीडेंट, एंटीइंफ्लेमेटरी, एंटीकैंसर गुण पाए जाते हैं। ग‍िलोय में ग‍िलोइन नामक एस‍िड पाया जाता है ज‍िससे कई तरह की शारीर‍िक समस्‍याएं दूर होती हैं। आयुष मंत्राल‍य ने भी ग‍िलोय के सेवन पर जोर द‍िया है। ग‍िलोय के जूस का सेवन करने से जोड़ों का दर्द, तो दूर होता ही है साथ ही इम्‍यून‍िटी भी बूस्‍ट होती है।     

ग‍िलोय जूस कैसे बनाएं?

  • ग‍िलोय का जूस बनाने के ल‍िए ग‍िलोय की डंठल को अच्‍छी तरह से धो लें।
  • ग‍िलोय को 2 ग‍िलास पानी में उबाल लें।
  • जब पानी उबल जाए और मात्रा आधा हो जाए, तो उसमें नींबू और शहद म‍िलाकर पी सकते हैं। 

क‍िस स्‍थ‍ित‍ि में न प‍िएं ग‍िलोय जूस? 

अगर आपकी सर्जरी हुई है, तो ग‍िलोय का सेवन न करें। स्‍तनपान के दौरान या प्रेगनेंसी के दौरान भी आपको ग‍िलोय का जूस पीने से बचना चाह‍िए। ज‍िन लोगों को लो ब्‍लड प्रेशर की समस्‍या होती है, उन्‍हें ग‍ि‍लोय जूस का सेवन नहीं करना चाह‍िए। 

गठ‍िया रोग में जोड़ों में दर्द होता है और चलन में परेशानी होती है। ऐसे में आपको ग‍िलोय जूस का सेवन करना चाह‍िए। ग‍िलोय के पौधे को घर पर उगाना मुश्‍क‍िल नहीं है। ग‍िलोय एक प्रकार की बेल होती है। इस बेल को आप अपने घर पर या छत पर लगा सकते हैं।   

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