मनोभ्रंश (Dementia) से बचाव के लिए अपनाएं ये आसान टिप्स, मानसिक रूप से खुद को रख सकेंगे एक्टिव

अगर आप भी मनोभ्रंश के लक्षणों को खुद में या परिवार के सदस्यों में देखते हैं तो जान लें कैसे इस स्थिति से खुद को निकालें बाहर और कैसे करें बचाव।

Vishal Singh
विविधWritten by: Vishal SinghPublished at: Oct 05, 2020Updated at: Oct 05, 2020
मनोभ्रंश (Dementia) से बचाव के लिए अपनाएं ये आसान टिप्स, मानसिक रूप से खुद को रख सकेंगे एक्टिव

मनोभ्रंश ( Dementia) एक मस्तिष्क विकार है जो संचार और रोजाना गतिविधियों के प्रदर्शन को बुरी तरह से प्रभावित करता है। डिमेंशिया बिगड़ा हुई सोच और कम याददाश्त समेत लक्षणों के एक सेट के लिए शब्द है। इस तरह की हालत अक्सर बढ़ती उम्र के साथ देखने को मिलती है। अल्जाइमर मनोभ्रंश का सबसे आम कारण है। एक राष्ट्रव्यापी अध्ययन के अनुसार 60 साल और उससे ज्यादा उम्र के लोगों में 10 में से 1 सिंगापुरी में डिमेंशिया का शिकार था। संबंधित साल में 28 हजार सिंगापुरी की स्थिति का निदान किया गया था और अंदाजा लगाया गया था कि यह संख्या साल 2030 तक बढ़कर 80 हजार होने की उम्मीद है। इसलिए जरूरी है कि इस तरह की स्थिति से खुद का बचाव करें, जिसके लिए आज हम आपको बताएंगे कि कैसे आप डिमेंशिया जैसी स्थिति से निपट सकते हैं। 

नियमित रूप से व्यायाम करें

व्यायाम आपको किस हद तक स्वस्थ रखता है शायद ये तो आप जाते ही हैं, लेकिन क्या आप जानते हैं नियमित रूप से व्यायाम करने से आप कई गंभीर बीमारियों को भी रोक सकते हैं। मनोभ्रंश की स्थिति से दूर रहने के लिए भी व्यायाम काफी कारगर तरीका है। आपको सप्ताह में 5 बार कम से कम 30 मिनट तक व्यायाम करना चाहिए। आप सामान्य व्यायाम के साथ कुछ वेट ट्रेनिंग भी कर सकते हैं जो सिर्फ आपको मजबूती नहीं देता बल्कि ये आपको मानसिक रूप से भी स्वस्थ रखता है। 

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स्वस्थ आहार के विकल्प 

मानसिक स्वास्थ्य पर आधारित कई शोध बताते हैं कि भोजन के विकल्प आपके मस्तिष्क के काम को सुरक्षित और सक्रिय रख सकते हैं और आपके मनोभ्रंश के लक्षण को कम कर सकते हैं। इसलिए मनोभ्रंश का शिकार होने वाले लोगों को अपनी डाइट में कई ऐसे आहार को शामिल करना चाहिए जो उन्हें फायदा पहुंचाएं। जैसे:

कम चीनी और संतृप्त वसा: कुछ खाद्य पदार्थ, परिष्कृत कार्ब्स और वसायुक्त खाद्य पदार्थ आपको मोटापे या बढ़ते वजन का शिकार बना सकते हैं। जिसके कारण आप मधुमेह जैसी स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के खतरे में आ जाते हैं। वहीं, मधुमेह को अल्जाइमर के साथ करीब से जोड़ा गया है।

मेडिटेरियन डाइट: मेडिटेरियन डाइट आपको कई मायनों में मानसिक और शारीरिक रूप से फायदा पहुंचाती है। साबुत अनाज, सब्जियां, नट्स, फलियां, मसाले, तैलीय मछली, जैतून का तेल और दूसरे खाद्य पदार्थों में ओमेगा वसा में उच्च होता है, जबकि लाल मांस, परिष्कृत खाद्य पदार्थों और चीनी में कम होता है। शोध से पता चलता है कि इन स्वस्थ वसा में पाया जाने वाला डीएचए अल्जाइमर रोग और मनोभ्रंश को रोकने में आपकी मदद कर सकता है।

चाय: साल 2016 के जर्नल ऑफ न्यूट्रिशन, हेल्थ एंड एजिंग के एक अध्ययन के अनुसार, चाय का नियमित रूप से सेवन करने से आप मनोभ्रंश के खतरे से दूर रहते हैं। इसलिए जरूरी है कि आप रोजाना चाय का सेवन जरूर करें। 

मन को उत्तेजित करें

आप खुद को तब उत्तेजित या प्रेरित कर सकते हैं जब आप चुनौतियों का सामना करते हैं। मानसिक चुनौतियां आपके मस्तिष्क का निर्माण करने में काफी मदद करती हैं, जिसकी मदद से अल्जाइमर रोग हो सकता है। मानसिक उत्तेजना उन लोगों में मस्तिष्क की गिरावट को धीमा करने में भी मदद कर सकती है जो पहले से ही बीमार हैं।

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तनाव कम करने की कोशिश करें

तनाव आपके दिमाग को बीमार बनाने का काम करता है और आप अपने दिमाग को असक्रिय महसूस करते हैं, जिसके कारण मनोभ्रंश का खतरा बढ़ने लगता है। कई अध्ययनों ने अल्जाइमर के विकास के साथ चिंता को जोड़ा है, खासकर उन लोगों में जो इस बीमारी के लिए पहले से ही काफी खतरे में हैं।

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