इन 6 बीमारियों से बचाते हैं फाइबर वाले आहार, रोजाना जरूरी है सेवन

फाइबर यानी रेशेदार भोजन हमारे स्वास्थ्य के लिए बहुत फायदेमंद होता है। आजकल मैदा, घी, तेल और मिलावटी खाद्य पदार्थों को खाने से लोगों को तरह-तरह की बीमारियां जैसे- कैंसर, डायबिटीज, ब्लड प्रेशर, कब्ज, बवासीर, हार्ट अटैक आदि हो रही हैं। इन बीमारियों क

Anurag Anubhav
Written by: Anurag AnubhavUpdated at: Feb 25, 2019 18:48 IST
इन 6 बीमारियों से बचाते हैं फाइबर वाले आहार, रोजाना जरूरी है सेवन

फाइबर यानी रेशेदार भोजन हमारे स्वास्थ्य के लिए बहुत फायदेमंद होता है। आजकल मैदा, घी, तेल और मिलावटी खाद्य पदार्थों को खाने से लोगों को तरह-तरह की बीमारियां जैसे- कैंसर, डायबिटीज, ब्लड प्रेशर, कब्ज, बवासीर, हार्ट अटैक आदि हो रही हैं। इन बीमारियों के बढ़ने की एक बड़ी वजह यह है कि आपने अपने रोजाना के खाने में फाइबर का सेवन कम कर दिया है। मैदा और घी-तेल जैसे चिकने आहार हमारी आंतों में जाकर चिपक जाते हैं और कई तरह के रोगों का कारण बनते हैं।

आहार विशेषज्ञ ऐसा मानते हैं कि प्रतिदिन लगभग 35 ग्राम फाइबर लेना चाहिए। फाइबर वाले आहार खाने से न सिर्फ आंतों में जमा गंदगी साफ होती है, बल्कि आपके शरीर में चर्बी जमा नहीं होती है और पेट साफ होता है। फाइबर हमें ढेर सारे आहारों से मिलता है और इसका सेवन हमें रोज करना चाहिए। एक्सपर्ट्स मानते हैं कि अगर आप रोजाना ठीक मात्रा में फाइबर वाले आहारों का सेवन करें, तो आप इन खतरनाक बीमारियों से बचे रह सकते हैं।

कभी नहीं होगी कब्ज और गैस की समस्या

रिफांइड आहार का सेवन करने से पेट में गड़बड़ी पैदा होती है और इसके कारण ही गैस, अपच, पेट फूलना और कब्‍ज जैसी समस्‍याओं को सामना करना पड़ता है। जबकि दूसरी तरफ फाइबर युक्‍त आहार आपके पेट को स्‍वस्‍थ रखने में मदद करता है। इस तरह से हम कह सकते हैं कि भोजन के उचित पाचन के लिए फाइबर की जरुरत होती है। रेशेयुक्त भोज्य पदार्थो में पानी को अवशोषित करने की क्षमता काफी पाई जाती है। ऐसे खाद्य पदार्थो को खाने से शरीर में पर्याप्त मात्रा में पानी बना रहता है, जिससे मल आंतों से नहीं चिपक पाता और मल त्यागने में भी तकलीफ नहीं होती। शरीर में मौजूद रेशा पाचन क्रिया को भी तेज करता है। इसके अलावा यह बवासीर के खतरों को भी दूर करता है।

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डायबिटीज से बचाए फाइबर

आज डायबिटीज एक बड़ी बीमारी के रूप में उभर रही है और हर साल लाखों लोग इस बीमारी के कारण अपनी जान गंवा रहे हैं। ऐसे में डायबिटीज को नियंत्रित रखना बहुत जरूरी है । फाइबरयुक्त भोजन डायबिटीज को नियंत्रित करने में काफी सहायक है। रेशे की मात्रा भोजन में बढ़ाने से खून में शुगर का स्तर भी नियंत्रित रहता है। इस कारण डायबिटीज की आशंका भी कम हो जाती है।

वजन और जमा चर्बी को घटाता है फाइबर

उच्च फाइबर वाले खाद्य पदार्थ कैलोरी और फैट में कम होते हैं लेकिन इनको खाने से दिनभर पेट भरे होने का अहसास होता है। ऐसे खाद्य पदार्थ धीरे-धीरे पचते हैं, जिससे ब्लड शुगर का स्तर एकदम से नहीं बढ़ता है और वह स्थिर बना रहता है। इससे कुछ ही घंटों में भूख नहीं लगती और आप अतिरिक्त कैलोरी लेने से बच जाते हैं। साबुत अनाज फाइबर से भरपूर होते हैं, साथ ही इनमें मैगनीशियम और विटामिन बी6 जैसे पोषक तत्व भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं, जोकि कई वजन कम करने वाली डाइट में मौजूद नहीं होते।

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कैंसर का खतरा होता है कम

फाइबर के अनेकों फायदों के साथ एक यह भी है कि यह कोलन के कैंसर से सुरक्षा करता है, यहां तक कि अधिक फाइबर युक्त आहार बहुत सी आजीवन रहने वाली बीमारियों से भी बचाव करते हैं। रेशायुक्त भोज्य पदार्थ शरीर में मौजूद लाभदायक तत्वों के अवशोषण को बढ़ाने के साथ ही हानिकारक तत्वों के अवशोषण को कम करते हैं। जिससे शरीर में कैंसर की आशंका कम हो जाती है। इसके अलावा यह महिलाओं में होने वाले स्तन कैंसर, अंडाशय कैंसर और गर्भाशय के कैंसर के खतरों को भी कम कर देता है।

दिल के रोगों से होता है बचाव

घुलनशील रेशे वाले खाने जैसे ओट मील, फलीदार सब्जियों को खाने से शरीर में मौजूद हानिकारक कोलेस्ट्राल की मात्रा घटती है। नींबू और गाजर का सेवन करके यह लाभ हासिल किया जाता है।

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