Sat Sep 12, 2026 | 02:01 PM IST

Fiama अपनी नई पहल MyHappiness के जरिए मानसिक स्वास्थ्य को बढ़ावा देने के लिए लोगों को कर रहा है जागरूक

अपनी फीलिंग्स और इमोशन्स को दबाएं क्यों, चलिए इसके बारे में बताते हैं सबको  

आज की भागदी दौड़ती जिंदगी में मानसिक स्वास्थ्य एक बहुत बड़ा मुद्दा बन चुका है। हमारी जिंदगी कई तरह की भावनाओं से घिरी हुई है, जिनका या तो हम अनुभव करते हैं या फिर झेलते हैं। तनाव, चिंता, क्रोध, खुशी, दुख, प्रेम और डर जैसी भावनाएं रोजाना की जिंदगी का हिस्सा बन चुकी है। यही नहीं, हमारे सभी तरह के निर्णयों और कामों में इन भावनाओं की महत्वपूर्ण भूमिका है। जब ये भावनाएं हमारी जिंदगी में इतनी खास है, तो इस बात करना हमारे लिए जरूरी नहीं हो जाता। 

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विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस पर MyHappimess पहल के हिस्से के रूप में गायिका और गीतकार लिसा मिश्रा के साथ मिलकर ITC Fiama एक विशेष वीडियो लेकर आया है। यह वीडियो हर किसी से #SayMoreThanOkay का आग्रह करता है। इस वीडियो में हर कोई एक अनोखे अंदाज के साथ अपने इमोशन्स और मूड्स को दुनिया के सामने रखकर जश्न मना रहा है। इस वीडियो के साथ यह बताने की कोशिश की गई है कि आप अपनी भावनाओं को दबाए नहीं, बल्कि सबके साथ बांटे। आप भी देखें ये वीडियो 

मानसिक स्वास्थ्य के प्रति भारतीयों के बदलते रवैये और व्यवहार को समझने के प्रयास में, प्रमुख बाजार अनुसंधान कंपनी, Nielsen के साथ ITC Fiama ने मानसिक स्वास्थ्य पर एक ऑनलाइन सर्वेक्षण का आयोजन किया। इस सर्वेक्षण में भारत के 15 शहरों के 18-45 वर्ष के 700 से अधिक पुरुषों और महिलाओं ने भाग लिया।

अध्ययन से पता चला कि 77% व्यक्तियों ने माना कि मानसिक स्वास्थ्य पर बातचीत पर्याप्त नहीं है। 87% ने कहा कि मानसिक स्वास्थ्य शारीरिक स्वास्थ्य जैसा ही महत्वपूर्ण है। 80% से अधिक ने कहा कि लॉकडाउन ने उनकी मानसिक सेहत को नकारात्मक रूप से प्रभावित किया है। लगभग चार युवा भारतीयों में से एक को लगता है कि मानसिक स्वास्थ्य का मुद्दा किशोरावस्था से ही शुरू हो जाता है। 25 साल से कम उम्र के 70% युवा भारतीयों के साथ मानसिक स्वास्थ्य और इस तरह के कई तथ्य सामने आए हैं। इन्ही सब बातों को ध्यान में रखते हुए ITC Fiama ने NGO MINDS फाउंडेशन के सहयोग से MyHappimess पहल की शुरुआत की है। Fiama की यह पहल लोगों में मानसिक स्वास्थ्य और कल्याण के बारे में जागरूकता को बढ़ाती है।

मानसिक स्वास्थ्य एक बहुत ही बड़ा विषय है, इसपर हर किसी को चर्चा करना चाहिए। हमारे अंदर उठने वाली फीलिंग्स और इमोशन्स को अगर हम दूसरों के साथ शेयर करते हैं, तो इससे हम मन में चलने वाली हलचल को शांत कर सकते हैं और जब मन शांत होता है, तो उसकी खुशी हमारे चेहर पर दिखाई देती है। 

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  • Current Version

    Oct 10, 2020 17:19 IST

    Published By : सम्‍पादकीय विभाग

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