2-3 माह का शिशु नहीं कर रहा है ये 9 हरकतें तो तुरंत कराएं चेकअप, वरना हो सकती हैं जन्मजात समस्याएं

2 से 3 माह का शिशु कई तरह की हरकतें करने लगता है। अगर आपका शिशु इन हरकतों को नहीं कर पा रहा है, तो तुरंत डॉक्टर से चेकअप कराएं।

Kishori Mishra
Written by: Kishori MishraUpdated at: Jul 27, 2021 02:40 IST
2-3 माह का शिशु नहीं कर रहा है ये 9 हरकतें तो तुरंत कराएं चेकअप, वरना हो सकती हैं जन्मजात समस्याएं

जन्म के बाद शिशुओं में लगातार कुछ न कुछ परिवर्तन दिखाई देते हैं। इन परिवर्तनों के माध्यम से ही उनके शारीरिक और मानसिक विकास का पता लगाया जा सकता है। इसलिए हर एक माता-पिता को जन्म के बाद से ही अपने शिशुओं की हरकतों पर ध्यान देने की जरूरत है। ताकि वे देख सकें कि उनके बच्चे का उम्र के हिसाब से विकास हो पा रहा है या नहीं। अगर आपका बच्चा बहुत ही छोटा है, तो इसका मतलब यह नहीं है कि उसके शरीर में किसी तरह का परिवर्तन नहीं होगा। जन्म के 2 से 3 माह बाद से ही बच्चों का शारीरिक और मानसिक विकास माता-पिता को दिखने लगता है। इस दौरान शिशु कई नई चीजों को सीखता है और अपनी हरकतों से उन्हे बयां भी करता है। इसलिए अगर आपका बच्चा 2 से 3 माह का है, तो उनके शरीर में हो रहे परिवर्तनों पर जरूर ध्यान दें। अगर आपका बच्चा किसी तरह की हरकतें नहीं करता है, तो उन्हें तुरंत डॉक्टर के पास ले जाएं। चलिए जानते हैं 2 से 3 माह के शिशुओं की कैसी होनी चाहिए शारीरिक और मानसिक हरकतें?

1. आवाज सुनने पर देता है प्रतिक्रिया

2 से 3 माह का शिशु अगर आपकी आवाज सुनता है, तो वह उसपर अपनी प्रतिक्रिया देना शुरू करता है। जैसे- जब आप उन्हें आवाज निकाल-निकाल कर खिलाते हैं, तो वह मुस्कुराने और उत्साहित होने लगता है।

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2. आवाज होने पर चीजों को ढूंढना

कई शिशु गाना सुनने या फिर किसी की आवाज सुनने पर उसे ढूंढना शुरू कर देता है। जब आसपास कुछ चीजें गिरती हैं, तो वह अपने आंखों को चारो ओर घुमाकर उस ची का पता लगाने की कोशिश करने लगता है। कई बार शिशु ज्यादा आवाज होने पर रोने भी लगता है। 

3. बात करने की कोशिश

जब आप बच्चे के साथ खेलते हैं या फिर किसी तरह की बातें करते हैं, तो वह अपनी हरकतों को प्रदर्शित करके आपसे बातें करने की कोशिश करने लगता है। जैसे- हाथ पैरों को तेजी से हिलाना, आंखों से इशारा करना, तेज आवाज या फिर न पसंदीदा चीजों से चिढ़ना या रोना।

4. चेहरे की पहचान

2 से 3 माह के शिशुओं को चेहरे की पहचान होने लगती है। वह अपने आसपास रहने वाले लोगों के चेहरे को अच्छे से पहचानने लगता है। इसलिए जब कोई अनजान व्यक्ति उसे गोद में लेता है, तो वह रोने लगता है। वहीं, पहचाने हुए चेहरे वाले लोगों के पास जाते ही वह चुप हो जाता है। 

5. सिर को उठाने की कोशिश करना

तीन माह तक आते-आते बच्चा अपने सिर को उठाने की कोशिश करता है। जब वह पेट के बल लेटता है, तो अपने सीने और सिर को हल्का सा उठाता है। कुछ-कुछ बच्चे कुछ हद तक कामयाब भी हो जाते हैं।

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6. खिलौनों को पकड़ना

तीसरे माह तक आते-आते शिशु खिलौने को पकड़ना सीख जाता है। अगर आप उसके सामने उसका पसंदीदा खिलौना रखते हैं, तो वह उसे पकड़ने की कोशिश करता है, कभी-कभी उसे फेंकता भी है। कुछ बच्चे मुट्ठी बंद करने लगते हैं।

7. मुंह में हाथ डालना

3 माह का बच्चा अपने मुंह में हाथ डालने लगता है। यह संकेत भूख लगने का हो सकता है। इसके बाद धीरे-धीरे वह अपना अंगूठा भी चूसने लगता है। 

8. हाथ-पांव चलाना

जब पीठ के बल लेटे हुए शिशु का मूड अच्छा होता है, तो वह अपना हाथ-पांव (साइकिंल चलाने जैसी प्रतिक्रिया) काफी ज्यादा हिलाता है। यह उनके खेलने का संकेत हो सकता है। वहीं, जिन्हें वह पहचानता है, उनका चेहरा देखकर भी वह अपना हाथ-पांव काफी तेजी से हिलाता है, ताकि वह व्यक्ति उन्हें अपनी गोद में ले। 

9. अनजान के पास असुरक्षित महसूस करना

2 से 3 माह का शिशु अपने परिचित का चेहरा देखकर खुश होते हैं और उनके साथ खुद को सुरक्षित महसूस करते हैं। वहीं, 2 से 3 माह का बच्चा अगर अनजान व्यक्ति के पास जाए, तो वह असुरक्षित महसूस करते हैं। इस वजह से वह रोने लगते हैं या फिर उनका हाव-भाव चिड़चिड़ा जैसा हो जाता है।

हर बच्चे का विकास अलग-अलग तरीकों से होता है। ऊपर दी गई हरकतें हर शिशु को अलग-अलग समय हो सकती हैं। इसलिए ज्यादा घबराएं नहीं। लेकिन अगर आपका शिशु ऊपर बताई गई एक भी हरकतें नहीं करता है, तो उन्हें डॉक्टर के पास तुरंत ले जाएं। ताकि समय रहते उनकी जन्मजात परेशानी को खत्म किया जा सकता है।

Image Credit - Pixabay

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