रोजाना के यूज में आने वाले इन 3 फूड से अलग-अलग स्ट्रोक का रहता है खतरा, जानें कहीं आप तो नहीं खा रहे

क्या आप जानते हैं कि रोजाना के यूज में आने वाली चीजें भी स्ट्रोक का कारण बन सकती हैं? अगर नहीं तो ये लेख पढ़ें। 

 

Jitendra Gupta
Written by: Jitendra GuptaPublished at: Feb 25, 2020
रोजाना के यूज में आने वाले इन 3 फूड से अलग-अलग स्ट्रोक का रहता है खतरा, जानें कहीं आप तो नहीं खा रहे

फूड और सभी प्रकार के स्ट्रोक के बीच संबंधों का पता लगाने के लिए अब तक बहुत से अध्ययन हो चुके हैं, जिनमें सिर्फ और सिर्फ इस्केमिक स्ट्रोक (ischaemic stroke) पर ध्यान केंद्रित किया गया था। लेकिन हाल ही में यूरोपियन हार्ट जर्नल में प्रकाशित अध्ययन में ischaemic stroke और रक्तस्रावी स्ट्रोक (haemorrhagic stroke) पर अलग-अलग अध्ययन किया गया है। इस अध्ययन में पाया गया है कि फलों, सब्जियां, फाइबर, दूध, चीज और दही का अधिक सेवन  ischaemic stroke के कम जोखिम से जुड़ा हुआ है हालांकि इसका haemorrhagic stroke के कम जोखिम के साथ कोई खासा महत्वपूर्ण संबंध नहीं था। इस लेख में जानें आपकी रोजमर्या के जीवन में प्रयोह होने वाली चीजों से स्ट्रोक होने का खतरा।

STROKE

क्या कहता है अध्ययन

अध्ययन के मुताबिक, अंडों का ज्यादा सेवन  haemorrhagic stroke के अधिक जोखिम से जुड़ा हुआ है न कि ischaemic stroke से। यूनिवर्सिटी ऑफ ऑक्सफोर्ड के न्यूफील्ड डिपार्टमेंट ऑफ पॉप्यूलेशन हेल्थ में न्यूट्रिशनल एपिडमियोलॉजिस्ट और अध्ययन के मुख्य लेखक डॉ. टैमी टोंग का कहना है कि सबसे जरूरी निष्कर्ष जो अध्ययन से सामने आया कि डायटरी फाइबर, फलों और सब्जियों का ज्यादा सेवन ischaemic stroke के कम खतरे से जुड़ा हुआ है, जो मौजूदा यूरोपीय दिशा-निर्देशों का समर्थन करता है। अगर आम लोग पहले से ही तय दिशा-निर्देशों को पूरा नहीं कर पा रहे हैं तो आपको अपने फाइबर और फल व सब्जियों के सेवन को बढ़ा देना चाहिए। 

क्या है Ischaemic stroke और Haemorrhagic stroke

Ischaemic stroke तब होता है, जब एक रक्त का थक्का मस्तिष्क को रक्त की आपूर्ति करने वाली धमनी या शरीर में कहीं और किसी जगह बनता है और मस्तिष्क की ओर जाने वाले मार्ग में रक्त प्रवाह को बाधित करता है। वहीं  Haemorrhagic stroke तब होता है, जब मस्तिष्क में रक्तस्राव होता है, जो पास की कोशिकाओं को नुकसान पहुंचाता है। लगभग 85% स्ट्रोक इस्केमिक हैं और 15% रक्तस्रावी हैं। स्ट्रोक दुनिया भर में होने वाली मौतों का दूसरा प्रमुख कारण है।

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कैसे किया गया अध्ययन

डॉ. टोंग और उनके सहयोगियों ने नौ देशों के 418,329 पुरुषों और महिलाओं से प्राप्त डेटा का विश्लेषण किया। इन देशों में डेनमार्क, जर्मनी, ग्रीस, इटली, नीदरलैंड, नॉर्वे, स्पेन, स्वीडन और ब्रिटेन शामिल हैं। ये अध्ययन वर्ष 1992 और 2000 के बीच किया गया था।

STROKE TIPS

रोजाना के प्रयोग में आने वाली 3 चीजें, जिनसे होता है स्ट्रोक का खतरा

फाइबर

फाइबर की कुल मात्रा (फल, सब्जियां, अनाज, फलियां, नट और बीज से मिलने वाले फाइबर सहित) जिसका लोग सेवन करते हैं वह इस्केमिक स्ट्रोक के जोखिम में सबसे बड़ी संभावित कमी से जुड़ा था। हर दिन फाइबर का 10g अधिक सेवन 23% कम जोखिम के साथ जुड़ा हुआ है। ये दस वर्षों में प्रति 1000 जनसंख्या पर लगभग दो कम मामलों के बराबर है। एक दिन में प्रत्येक 200 ग्राम फल और सब्जियों का सेवन 13% कम जोखिम से जुड़ा हुआ है, जो दस वर्षों में प्रति 1000 जनसंख्या पर एक कम मामले के बराबर है। कोई भी खाद्य पदार्थ इस्केमिक स्ट्रोक के सांख्यिकीय रूप से महत्वपूर्ण उच्च जोखिम से जुड़ा नहीं है।

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अंडे

शोधकर्ताओं ने पाया कि दिन में अतिरिक्त 20 ग्राम अंडे का सेवन रक्तस्त्रावी स्ट्रोक के 25 फीसदी अधिक जोखिम से जुड़ा हुआ है, जो कि प्रति 3000 पर दो मामलों के करीब है। बड़े अंडा औसतन 60 ग्राम का होता है। इस अध्ययन में अंडे का सेवन कुलमिलाकर लोगों ने कम किया। अध्ययन में महिलाओं और पुरुषों ने दिन में 20 ग्रामसे कम अंडा खाया। 

डेयरी उत्पाद

यूरोप में डेयरी उत्पाद सैच्यूरेटेड फैट का पर्याप्त स्रोत हैं, इस अध्ययन में उच्च डेयरी खपत थोड़ा कम गैर-एचडीएल-सी सांद्रता के साथ जुड़ा हुआ था। अध्ययन के मुख्य लेखक ने अनुमान लगाया गया कि डेयरी उत्पादों में मौजूद उच्च कैल्शियम और पोटेशियम सामग्री स्ट्रोक की रोकथाम में महत्वपूर्ण भूमिका अदा कर सकती है। वर्तमान अध्ययन में दही का ज्यादा सेवन  कम एसबीपी के साथ जुड़ा हुआ है।

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