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डायबिटीज और प्री-डायबिटीज में क्या अंतर है? जानें इन दोनों के लक्षण

Diabetes and Prediabetes: डायबिटीज और प्रीडायबिटीज दोनों स्थितियां एक-दूसरे से जुड़े हो सकते हैं। जानें, इन दोनों में अंतर-

Anju Rawat
Written by: Anju RawatPublished at: May 23, 2022Updated at: May 23, 2022
डायबिटीज और प्री-डायबिटीज में क्या अंतर है? जानें इन दोनों के लक्षण

Diabetes and Prediabetes Symptoms: डायबिटीज और प्रीडायबिटीज, दोनों शब्दों से आप भली-भांति परिचित होंगे। डायबिटीज और प्रीडायबिटीज दोनों ऐसी स्थितियां हैं, जो इंसुलिन से संबंधित होती हैं। इंसुलिन रक्त से कोशिकाओं में ग्लूकोज को स्थानांतरित करने में मदद करता है। इस ग्लूकोज का उपयोग ऊर्जा के लिए किया जाता है। ऐसे में जब शरीर पर्याप्त इंसुलिन का उत्पादन नहीं करता है, तो इससे रक्त में ग्लूकोज का स्तर बढ़ जाता है। जैसे-जैसे रक्त में ग्लूकोज या शर्करा का स्तर बढ़ता है, प्रीडायबिटीज और डायबिटीज का खतरा भी बढ़ता है। लेकिन ये दोनों एक-दूसरे से अलग-अलग होते हैं।

तो चलिए मसीना अस्पताल, मुंबई के सलाहकार एंडोक्रिनोलॉजिस्ट, डायबेटोलॉजिस्ट डॉक्टर अल्तमेश से विस्तार से जानते हैं डायबिटीज और प्रीडायबिटीज में क्या अंतर (What is the difference between diabetic and pre-diabetic) है-

प्रीडायबिटीज क्या है? (What is Prediabetes)

प्रीडायबिटीज को बॉर्डरलाइन डायबिटीज भी कहा जाता है। प्रीडायबिटीज में रक्त में शर्करा का स्तर सामान्य से अधिक होता है। लेकिन इतना नहीं कि टाइप 2 डायबिटीज का इलाज करना पड़े। जब व्यक्ति में सीमा रेखा पर डायबिटीज के स्तर पर अपने स्वास्थ्य की पूरी देखभाल करता है, तो इसे डायबिटीज की प्रगति को रोका जा सकता है।

प्रीडायबिटीज के लक्षण (Prediabetes Symptoms)

जब कोई व्यक्ति सीमा रेखा पर मधुमेह के स्तर पर अपने स्वास्थ्य की देखभाल करता है, तो वह पूर्ण विकसित या स्पष्ट मधुमेह की प्रगति को रोका सकता है। प्रीडायबिटीज या पूर्व मधुमेह के रोगियों को दवाइयों की जरूरत नहीं पड़ती है। वे अपनी जीवनशैली में अच्छे बदलाव करके भी डायबिटीज के लक्षणों को पैदा होने से रोका सकता है।

डायबिटीज क्या है? (What is Diabetes)

डायबिटीज आजकल की एक सामान्य बीमारी बन गई है। अधिकतर लोग डायबिटीज या मधुमेह की बीमारी का सामना कर रहे हैं। डायबिटीज रोग में व्यक्ति का ब्लड शुगर लेवल बढ़ जाता है। दरअसल, जब शरीर में इंसुलिन सही तरीके से काम नहीं करता है, तो डायबिटीज के लक्षण नजर आने लगते हैं। डायबिटीज कई अन्य रोगों का कारण भी बन सकता है। डायबिटीज किडनी फेलियर, हार्ट रोग आदि का कारण बन सकता है। ऐसे में डायबिटीज के लक्षणों को नजरअंदाज करना ठीक नहीं होता है। आपको इस स्थिति में तुरंत डॉक्टर से कंसल्ट करना चाहिए। 

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डायबिटीज के लक्षण (Diabetes Symptoms)

  • अधिक प्यास लगना
  • भूख लगना
  • बार-बार पेशाब
  • घाव ठीक होने में समय लगना
  • धुंधली दृष्टि
  • हाथों और पैरों में झुनझुनी

डायबिटीज और प्रीडायबिटीज में अंतर (Difference Between Diabetes and Prediabetes)

1. फास्टिंग प्लाज्मा ग्लूकोज

जब फास्टिंग प्लाज्मा ग्लूकोज 100 से 125 एमजी/डीएल के बीच होता है, तो यह प्रीडायबिटीज का संकेत होता है। वही अगर यह 126 एमजी/डीएल से अधिक होता है तो यह स्थिति डायबिटीज की होती है।

फास्टिंग प्लास्मा ग्लूकोज वह होता है, जब बिना कुछ खाए पिए ब्लड शुगर लेवल की जांच की जाती है। यह जांच खाना खाने के 8 घंटे बाद करवाई जाती है। इस जांच को सुबह खाली पेट करवाया जाता है।

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2. पोस्टप्रैंडियल ग्लूकोज

पोस्टप्रैंडियल ग्लूकोज वह स्थिति होती है, जब खाना खाने के 2 घंटे बाद ब्लड शुगर लेवल की जांच की जाती है। अगर पोस्टप्रैंडियल ग्लूकोज 140 से 199 एमजी/डीएल के बीच होता है तो यह प्रीडायबिटीज होता है। वही अगर 200 एमजी/डीएल से अधिक होता है, तो यह स्थिति डायबिटीज की हो जाती है। इस स्थिति में व्यक्ति में डायबिटीज के लक्षण नजर आने लगते हैं।

3. ग्लाइकोसिलेटेड हीमोग्लोबिन 

ग्लाइकोसिलेटेड हीमोग्लोबिन वह होता है, जिसमें व्यक्ति के 2 से 3 महीने के ब्लड शुगर लेवल का एवरेज प्रतिशत निकाला जाता है। अगर इसका प्रतिशत 5.7 से 6.4 के बीच आता है तो यह प्रीडायबिटीज हो सकता है। वही 6.5 या इससे अधिक ग्लाइकोसिलेटेड हीमोग्लोबिन डायबिटीज का संकेत होता है।

प्रीडायबिटीज और डायबिटीज दोनों अलग-अलग टर्म्स होती हैं। प्रीडायबिटीज वह स्थिति होती है, जब डायबिटीज सीमारेखा से बाहर होती है। यानी अगर इस स्थिति में सही जीवनशैली न अपनाई जाए तो डायबिटीज की स्थिति पैदा हो सकती है। प्रीडायबिटीज, डायबिटीज का एक संकेत होता है। इस स्थिति में जीवनशैली और खान-पान में अच्छे बदलाव करने चाहिए ताकि डायबिटीज के लक्षणों को रोका जा सके। 

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