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नवजात शिशु में डायरिया के लक्षण, कारण और इलाज

छोटे बच्चों के लिए डायरिया खतरनाक हो सकता है। इसके लक्षणों को पहचानकर अगर सही समय पर इलाज करें, तो समस्याओं से बच सकते हैं।

Written by: Updated at: Oct 05, 2022 14:00 IST
नवजात शिशु में डायरिया के लक्षण, कारण और इलाज

नवजात शिशु दिन में कई बार मल त्यागते हैं, ये एक नॉर्मल सिचुएशन है। लेकिन कई बार शिशु हर घंटे या बार-बार मल त्यागता है, तो इस पर आपको ध्यान देने की जरूरत है। इसी दौरान शिशु को उल्टी हो और बुखार भी हो जाए, तो ये किसी बड़ी समस्या का संकेत हो सकता है। शिशु का बार-बार पानी जैसा पॉटी करना, उल्टी करना आदि डायरिया के लक्षण हो सकते हैं। डायरिया होने से शिशु डिहाइड्रेशन का शिकार हो सकता है। डायरिया वैसे तो बहुत सामान्य समस्या लगती है, लेकिन कई बार इसके कारण शिशु को हॉस्पिटल में भर्ती करना पड़ सकता है और कुछ स्थितियों में ये जानलेवा भी हो सकता है। आइए पारस हॉस्पिटल्स गुरुग्राम के पीडियाट्रिक्स एंड नियोनेटोलॉजी विभाग के HOD डॉ. मनीष मनन से कि नवजात शिशु में दस्त की समस्या को क्यों नहीं नजरअंदाज करना चाहिए। साथ ही जानेंगे दस्त या डायरिया के लक्षण, कारण, इलाज और बचाव के तरीकों के बारे में। 

नवजात शिशु में डायरिया के लक्षण 

  • शिशु को बुखार आना और उसके वजन में कमी दिखना। 
  • नवजात शिशु को बार-बार मल आना और इसी के साथ उल्टी आना।
  • मल बहुत पतला या पानी जैसा आना।
  • इस दौरान नवजात शिशु के शरीर में पानी की कमी हो जाती है। शिशु में पानी की कमी बताते हैं ये संकेत जैसे मुंह सूख जाना, गहरे पीले रंग का टॉयलेट आना और आंखें धंसी हुई लगना। 
  • नवजात शिशु का चिड़चिड़ा होना और उसको भूख कम लगना। 

नवजात शिशु में डायरिया होने के कारण 

  • कई नवजात शिशु मां का दूध नहीं पीते हैं और कई माएं अपने शिशु को किसी कारण अपना दूध नहीं पिला पाती हैं। ऐसे में शिशु को बाहर का दूध पिलाया जाता है, जिस कारण वे बाहर को दूध को पचा नहीं  पाता हैं और उसे डायरिया हो जाते हैं।
  • कभी-कभी शिशु पॉइजनिंग का शिकार हो जाते हैं जिस कारण उन्हें डायरिया हो जाता है। 
  • शिशु दूषित भोजन, पानी और खेलते हुए जमीन या जगह को छूकर अपना हाथ मुंह में डालता है, तो इससे भी शिशु को डायरिया हो जाता है। 
  • शिशु को जूस देने से भी दस्त हो जाते हैं। 
  • शिशु को डिब्बाबंद दूध देने से भी ये परेशानी हो जाती है। 
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नवजात शिशु को डायरिया से कैसे बचाएं

  • शिशु को बर्तन में दूध या अन्य चीज देने से पहले बर्तन को अच्छे से धोएं। 
  • शिशु के सभी बर्तनों को स्टरलाइज करें। 
  • शिशु को उबला या फिल्टर्ड पानी ही दें। 
  • शिशु अगर मां का दूध नहीं पीता तो उसे दूध की बोतल में दूध न पिलाएं। उसे स्टील के बर्तन (कटोरी- चम्मच) से दूध पिलाएं। 
  • शिशु के हाथों को बार-बार साबुन से धोते रहें। 
  • शिशु के बिस्तर को साफ रखें। 
  • डॉक्टर से पूछ कर शिशु को ORS का घोल पिलाएं। 

नवजात शिशु को दस्त में डॉक्टर के पास कब ले जाएं? 

  • अगर आपका शिशु कुछ महीनों का है तो या साल से कम है और आपके शिशु को दस्त -उल्टी हो गए हैं तो तुरंत डॉक्टर के पास ले जाएं। 
  • शिशु हर घंटे में मल त्याग रहा है तो ऐसे समय पर डॉक्टर पर जाएं। 
  • डायरिया के दौरान शिशु के अंदर पानी की कमी हो जाती है। जिस वजह से शिशु को पेशाब नहीं आता। ऐसे समय में शिशु को 6 घंटे तक पेशाब न आएं तो तुरंत डॉक्टर को दिखाएं। 
  • शिशु को बार-बार उल्टी हो रही हो । 
  • मल में खून दिख रहा हो। 
  • शिशु को बुखार हो तो डॉक्टर को जरूर दिखाएं। 
  • डायरिया होने के दौरान कई शिशु में हाथों और पैरों का रंग फीका पड़ जाता है, जो काफी खतरनाक माना जाता है। ऐसे समय पर डॉक्टर को जरूर दिखाएं। 

इस तरह लक्षणों को सही समय पर पहचानकर इलाज कराकर आप शिशु को डायरिया से होने वाली गंभीर समस्याओं से बचा सकते हैं।

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