Health Warning: प्रदूषण के कारण दिल्ली में 'पब्लिक हेल्थ इमरजेन्सी' घोषित, बाहर निकलें तो बरतें 10 सावधानियां

बढ़े हुए प्रदूषण के कारण EPCA ने दिल्ली में पब्लिक हेल्थ इमरजेन्सी घोषित कर दी है। कई इलाकों में हवा का स्तर इतना खराब है कि लोगों का दम घुटने लगा है। दिवाली की रात महज 6 घंटे में ही दिल्ली की हवा में प्रदूषण का स्तर सामान्य से लगभग 17 गुना ज्यादा

Anurag Anubhav
Written by: Anurag AnubhavPublished at: Oct 29, 2019Updated at: Nov 01, 2019
Health Warning: प्रदूषण के कारण दिल्ली में 'पब्लिक हेल्थ इमरजेन्सी' घोषित, बाहर निकलें तो बरतें 10 सावधानियां

दिल्ली की हवा में प्रदूषण का स्तर इस कदर बढ़ गया है कि शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट के एक पैनल ने एनसीआर में 'पब्लिक हेल्थ इमरजेन्सी' घोषित कर दिया है। एनवायरमेंट पॉल्यूशन (प्रिवेंशन एंड कंट्रोल) अथॉरिटी (EPCA) ने इस घोषणा के बाद दिल्ली एनसीआर में 5 नवंबर तक निर्माण कार्यों पर रोक लगा दिया गया है। इसके अलावा पूरी सर्दी भर पटाखे फोड़ने पर भी रोक लगाई गई है। दिल्ली के ज्यादातर इलाकों में गुरूवार की शाम को प्रदूषण "सीवियर +" या "इमरजेन्सी" के स्तर तक पहुंच गया था, जिसके बाद ये फैसला लिया गया।

दिवाली के दौरान महज 6 घंटे में दिल्ली की हवा में प्रदूषण का स्तर सामान्य से 17 गुना ज्यादा बढ़ गया था। दिल्ली के ज्यादातर इलाकों में पिछले हफ्ते रविवार की शाम तक प्रदूषण का स्तर सामान्य था। मगर दिवाली की शाम जैसे ही पटाखे फोड़ने का सिलसिला शुरू हुआ, वातावरण में प्रदूषण का स्तर बढ़ने लगा। AirVisual के ऑफिशियल आंकड़ों के अनुसार दिल्ली में शाम 5.30 बजे के आसपास एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 163 था, जबकि रात के 11.30 बजे तक यहां AQI 1005 तक पहुंच गया।

हवा में मौजूद हैं जहरीली गैसें

एक्सपर्ट्स के मुताबिक 60 AQI तक प्रदूषण के स्तर को सामान्य माना जाता है। इस अनुसार दिवाली के बाद दिल्ली की हवा 16 गुना ज्यादा जहरीली हो गई। दिल्ली के अलावा यही हाल अन्य बड़े महानगरों और शहरों का भी है। सिद्धार्थनगर के वरिष्ठ चिकित्साधिकारी डॉ. राम आशीष के अनुसार, "NCR में बढ़े एयर पॉल्यूशन का असर सबसे ज्यादा छोटे बच्चों, बुजुर्गों और सांस के मरीजों को प्रभावित करेगा। रौशनी और धुंए वाले पटाखों से कई तरह की हानिकारक गैसें निकलती हैं, जो सांस के जरिए जब किसी व्यक्ति के फेफड़ों में पहुंचती हैं, तो कई तरह के रोगों का कारण बन सकती हैं। इस प्रदूषित हवा में पैदा होने वाले नए शिशुओं को कई तरह की गंभीर बीमारियां होने की संभावना बनी रहती है।"

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मंगलवार को भी प्रदूषण का स्तर खतरनाक

गौरतलब है कि मंगलवार सुबह 12.30 बजे तक भी दिल्ली के कई इलाकों में प्रदूषण का स्तर 250 से 500 के आसपास बना हुआ है। ऐसी स्थिति में अगर आप घर से बाहर निकल रहे हैं, तो प्रदूषण से बचाव के लिए कुछ सावधानियां बरतनी बहुत जरूरी हैं।

प्रदूषण के बचना है, तो जरूर बरतें ये 10 सावधानियां

  • अगर जरूरी न हो, तो घर से बाहर न निकलें।
  • अगर आपका घर रोड के आसपास है या नजदीक कोई बिजी सड़क है, तो घर के खिड़की-दरवाजों को बंद रखें।
  • अगर बाहर निकलना जरूरी है, तो नाक और मुंह को मास्क या रूमाल से ढककर निकलें ताकि प्रदूषण के कण आपके फेफड़ों तक कम से कम पहुंचें।
  • छोटे बच्चों, गर्भवती महिलाओं और बुजुर्गों को घर से बाहर न निकलने दें। बच्चों को खुली हवा में, पार्क, छत आदि में खेलने से रोकें।
  • सुबह के समय एक्सरसाइज, रनिंग या जॉगिंग को कुछ दिन के लिए न कहें और घर पर ही हल्के-फुल्के व्यायाम करें या जिम जाएं।
  • कूड़े, कचरे में आग न लगाएं और न ही दूसरों को लगाने दें। ये आपके घर के आसापास के प्रदूषण को और ज्यादा बढ़ा देगा।
  • बाइक चला रहे हैं, तो हेलमेट के साथ-साथ मास्क और चश्मा जरूर लगाएं। प्रदूषण आपकी आंखों को भी नुकसान पहुंचा सकता है।
  • अगर आप अस्थमा (दमा) के मरीज हैं, तो अपने साथ इन्हेलर हर समय रखें।
  • धूम्रपान यानी बीड़ी, सिगरेट, हुक्का आदि का सेवन बिल्कुल बंद कर दें, क्योंकि ये चीजें आपके साथ-साथ आपके आसपास मौजूद लोगों के लिए खतरनाक हो सकती हैं।
  • दिवाली के बाद हवा में सोडियम, मर्करी, बेरियम, कैडमिडम, नाइट्रेट जैसे घातक केमिकल्स बढ़ जाते हैं। इसलिए आंखों में जलन, त्वचा में जलन, सिर दर्द, बुखार, सांस लेने में परेशानी, खांसी आदि होने पर डॉक्टर से मिलें और उचित इलाज कराएं, क्योंकि ये केमिकल्स आपके शरीर में घातक असर पैदा कर सकते हैं।

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