COVID 19: SBI ने माना 500, 2000 के नोटों से भी फैल सकता है कोरोना, जानें कितनी देर तक रह सकता है वायरस

COVID 19: लोगों के मन में इस तरह का संशय है कि कोरोना हवा, नोट या फिर किस सतह पर कितनी देर जिंदा रह सकता है, जानें सभी जवाब।

Jitendra Gupta
Written by: Jitendra GuptaUpdated at: Mar 23, 2020 12:16 IST
COVID 19: SBI ने माना 500, 2000 के नोटों से भी फैल सकता है कोरोना, जानें कितनी देर तक रह सकता है वायरस

देश-दुनिया में महामारी की तरह फैला कोरोनावायरस (coronavirus) प्लास्टिक और स्टेनलेस स्टील पर तीन दिन तक जिंदा रह सकता है। न्यू इंग्लैंड जर्नल ऑफ मेडिसिन में प्रकाशित एक अध्ययन में इस बात का खुलासा हुआ है। हालांकि ये वायरस हवा में महज तीन घंटों के लिए ही जिंदा रहता है लेकिन किसी को भी प्रभावित कर सकता है। यूएस नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ हेल्थ द्वारा फंडेड ये अध्ययन पिछले सप्ताह ऑनलाइन पोस्ट किया गया था लेकिन जरूरी जानकारियां मंगलवार को सामने आई हैं। वहीं कोरोनावायरस नोटों या सिक्कों पर कितनी देर तक जिंदा रह सकता है, इस बात की तसदीक अभी तक नहीं हुई है। लेकिन आप कैश की जगह कुछ विकल्पों को अपनाकर खुद को सुरक्षित रख सकते हैं। इस बीच सार्वजनिक सेक्टर के देश के सबसे बड़े बैंक स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (एसबीआई ) ने अलर्ट जारी कर लोगों से कहा है कि वह कैश से दूरी बनाएं और ज्यादा से ज्यादा डिजिटल बैंकिंग का प्रयोग करें। एसबीआई ने एक रिसर्च में कहा है कि कागज वाले नोटों से भी कोरोना फैल सकता है। दरअसल इस रिसर्च के पीछे ये तर्क दिया जा रहा है कि नोटों के जरिए कोरोना वायरस एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में बड़ी आसानी से संचारित हो सकता है। एसबीआई की रिसर्च के अनुसार, एक्सपर्ट कह रहे हैं कि ये वायरस बड़ी तेजी से एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में फैलता है और  कागजी नोट दिनचर्या में बहुत ज्यादा प्रयोग होते हैं इसलिए वायरस एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति तक आसानी से फैल सकता है। इसलिए लोगों को कैश से बचना चाहिए।

 

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अध्ययन के निष्कर्ष शोधकर्ताओं को ये समझने में मदद करते हैं कि कोरोनावायरस कितने वक्त तक सतह और हवा में जिंदा रह सकता है। हालांकि शोधकर्ताओं का कहना है कि अभी और अधिक शोध किए जाने की जरूरत है। अध्ययन से कुछ जरूरी बातें सामने आई हैं, जो कि इस प्रकार हैंः 

  • कोरोनावायरस स्टेनलेस स्टील और प्लास्टिक पर 72 घंटे तक जिंदा और सक्रिय रहता है। 
  • तांबे पर कोरोना का वायरस चार घंटे और कार्डबोर्ड पर 24 घंटे तक जिंदा और सक्रिय रहता है। 
  • हमारे प्रयोग की अवधि के दौरान हवा में ये वायरस तीन घंटे तक जिंदा रहा।

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क्या कहता है अध्ययन

अध्ययन के मुताबिक, कोरोनावायरस हवा और किसी भी सामग्री के जरिए फैल सकता है। चूंकि वायरस घंटों तक सतह और हवा में जिंदा रहता है इसलिए इसके फैलने का खतरा बहुत ज्यादा है। ये निष्कर्ष 2002 में फैलने कोरोनावायरस के समान ही हैं, जिसमें अस्पताल या किसी भीड़-भाड़ वाले स्थान पर एक संक्रमित व्यक्ति कई सैकड़ों लोगों के संक्रमण का कारण बन सकता है।

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नोट पर कितनी देर रहता है कोरोना वायरस

इंग्लैंड की लांसेस्टर यूनिवर्सिटी में वीरोलॉजिस्ट मोहम्मद मुनीर का कहना है कि कोरोनावायरस संक्रमित वस्तु के माध्यम से बहुत तेजी से फैल रहा है और नोटों या फिर सिक्कों पर ये वायरस कितनी देर तक जिंदा रह सकता है इस बात की भी जानकारी नहीं है। इसलिए कैश से वायरस को हटाने का प्रभावी तरीका ढूंढ पाना बेहद ही मुश्किल है।

उन्होंने कहा, '' बहुत सी जगह डेली की खरीदारी का ज्यादातर हिस्सा ऑनलाइन हो गया है, जो वास्तव में नोटों के प्रयोग को प्रभावित कर रहा है और संक्रमण थोड़ा कम तेजी से फैल रहा है।'' उन्होंने बताया कि पैसों का लेन-देन कई हाथों से गुजरता है, जो ज्यादा लोगों को अपनी चपेट में ले सकता है। और आप मानें या न मानें पैसों का लेन-देन व्यक्ति दर व्यक्ति के संपर्क को बढ़ाता है।

वायरस को फैलने से रोकने के लिए अपनाएं ये तरीके

वायरस को फैलने से रोकने के लिए हाथ धोएं या फिर एल्कोहल बेस्ड सैनिटाइजर का प्रयोग करें। वायरस दूषित सतहों, दरवाज़े के हैंडल, कुर्सी के हैंडस और एक-दूसरे को इलेक्ट्रॉनिक्स का सामान देने से फैल सकता है। वायरस के प्रसार को रोकने के लिए हाथ की स्वच्छता एक उपयुक्त साधन है।

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कोरोना फैलने का मुख्य कारण

यूएस सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रीवेंशन का कहना है कि कोरोनोवायरस के फैलने का मुख्य कारण खांसी या छींक के दौरान आपके अंदर से निकली हुई पानी की बूंदें हैं। सीडीसी की वेबसाइट के मुताबिक,  ऐसा संभव है कि कोई व्यक्ति किसी सतह या वस्तु को छूकर COVID -19 वायरस का शिकार हो सकता है। बशर्ते उसने किसी प्रभावित सतह को छूने के बाद अपना मुंह, नाक, या आंखों को छुआ हो। हालांकि इसे वायरस के फैलने का मुख्य कारण नहीं माना गया है।

कोरोना से बचने के लिए क्या करें

सीडीसी के मुताबिक, अगर कोई व्यक्ति बीमार है तो उसे अपने घर को कीटाणुमुक्त बनाना चाहिए, जिसके लिए उसे अपने टेबल, खाने-पीने की वस्तुओं, लाइट स्विच, डॉर्कबॉब्स और कैबिनेट हैंडल जैसी वस्तुओं को साफ और कीटाणुरहित बनाना चाहिए क्योंकि इन सतह को आप दिन में बीार-बार छूते हैं।

सफाई साबुन और पानी के साथ होनी चाहिए और कीटाणुशोधन कुछ ब्लीच या एल्कोहल बेस्ड प्रोडक्ट से करनी चाहिए।

द जर्नल ऑफ हॉस्पिटल इन्फेक्शन में पिछले महीने प्रकाशित एक अध्ययन में पाया गया कि कोरोनावायरस निर्जीव सतहों पर 9 दिनों तक जिंदा रह सकता है जैसे धातु, कांच या प्लास्टिक। हालांकि अगर ये सतह कीटाणुरहित नहीं होती तब खतरा ज्यादा है।

विश्व स्वास्थ्य संगठन में संक्रामक रोग महामारी विशेषज्ञ डॉ. मारिया वान केरखोव ने सोमवार को मीडिया ब्रीफिंग के दौरान कहा था कि शोधकर्ताओं ने यह जांच करना जारी रखा है कि कोरोनोवायरस कब तक सतहों पर और यहां तक कि हवा में भी घूम सकता है।  उनका कहना है कि जैसा कि आप जानते हैं कि यह एक ऐसा वायरस है, जो बूंदों के माध्यम से फैलता है। जब ये बूंदे एक संक्रमित व्यक्ति के मुंह या नाक से बाहर आती हैं, तो एक निश्चित दूरी तय करती हैं और जिस स्थान पर गिरती है वहां ठहर जाती हैं। ऐसी स्थिति में स्वास्थ्य देखभाल सुविधाएं बहुत ही महत्वपूर्ण है और डॉक्टरों व नर्सों को अतिरिक्त सावधानी बरतने की जरूरत है जैसे कि मास्क पहनना।

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