COVID-19: कोरोना सर्वाइवर ने बताए पहले दिन से लेकर 10 दिन में कैसे बदलते हैं कोरोना के लक्षण, आप भी जानें

Coronavirus: अगर आप कोरोना के शुरुआती संकेतों को लेकर चिंतित हैं, तो जानें 1 से 10 दिन तक होने वाले बदलावों के बारे में। 

Jitendra Gupta
Written by: Jitendra GuptaPublished at: Mar 24, 2020
COVID-19: कोरोना सर्वाइवर ने बताए पहले दिन से लेकर 10 दिन में कैसे बदलते हैं कोरोना के लक्षण, आप भी जानें

मौजूदा वक्त में कोरोनावायरस (Coronavirus) निश्चित रूप से भारत समेत दुनिया के सामने एक सबसे बड़ी चुनौती है, जिसका सामना सभी देश की सरकारें मिलकर करने में जुटी हैं। फ्रांस, इटली, चीन, न्यूजीलैंड, पोलैंड और भारत के कई राज्य पूरी तरीके से लॉकडाउन हैं और ज्यादातर लोग अपने घरों के अंदर बंद रहने के लिए मजबूर हैं। सबसे ज्यादा चिंता की बात तो ये है कि ज्यादातर लोगों को कोरोना के लक्षणों की जानकारी नहीं है। लेकिन अगर आपको अपने स्वास्थ्य में अचानक बदलाव दिखाई देता है तो आपरो खुद से ही जांच करानी चाहिए। अगर आप कोरोना के शुरुआती संकेतों को लेकर चिंतित हैं, तो अमेरिका की रहने वाली 22 साल की एक लड़की, जो कोरोनापॉजिटिव पाई गई है आपको पहले दिन से 10 दिन  तक शरीर में होने वाले बदलावों के बारे में बता रही है। अगर आपको महसूस हो रहा है कि आपके साथ भी ऐसा हो रहा है तो आप भी अपना कोरोना टेस्ट करा सकते हैं।

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हाल ही में अमेरिका की रहने वाली 22 साल की बोंडा हैलीटी नाम की एक महिला ने कोरोनावायरस के लक्षणों से ठीक होने की अपनी कहानी को सोशल मीडिया पर शेयर किया है। साथ ही उसने अपने इन ट्विट्स से लोगों को इस महामारी के प्रकोप के दौरान तनाव दूर करने के लिए प्रोत्साहित भी किया है। बोंडा ने तब ट्वीट करना शुरू किया जब उसे इस घातक बीमारी के शुरुआती लक्षण दिखाई देना  शुरू हुए । उसने शुरुआत में इंटरनेट पर अपने लक्षणों के बारे में पढ़ा और घर पर ही आराम करना शुरू किया लेकिन जैसे-जैसे लक्षण गंभीर होते गए तब उसने डॉक्टर से मिलकर अपने परेशानी बताई और जांच में  वह कोरोना पॉजिटिव पाई गई। 

अमेरिका महिला द्वारा अपना अनुभव साझा करने से लोगों को कोरोनोवायरस के वास्तविक लक्षणों को समझने में मदद मिल सकती है और साथ ही किस स्थिति में क्या करना चाहिए इसकी जानकारी भी मिलती है। इतना ही नहीं महिला की इस जानकारी से लोगों के बीच इस बीमारी के प्रकोप के दौरान सर्दी और खांसी से घबराने को लेकर भी जागरूकता बढ़ेगी।

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महि्ला ने ट्विटर पर कोरोना के बारे में बात करते हुए कहा कि मैं 22 साल की हूं और मैं कोरोना पॉजिटिव पाई गई थी। सोशल मीडिया पर ये जानकारी पोस्ट करते हुए मेरे मन में अजीब सा द्वंद था लेकिन मैं अपना अनुभव साझा करना चाहती हूं ताकि मेरी उम्र के लोगों में जागरूकता बढ़े और वे इस महामारी के कारण तनाव / चिंता से राहत पा सकें। 

पहले दिन से लेकर 10वें दिन तक कोरोना के संकेतों के बारे में युवती ने बड़ी सहजता के साथ बताया हैः 

पहला दिन: हल्की सूखी खांसी और गले में खराश के साथ कोरोना के संकेतों की शुरुआत होती है। मैं उस रात बहुत थकी हुई थी। 

दूसरा दिनः  मुझे अपना सिर बहुत भारी लगा और मैंने धीरे-धीरे खांसा ताकि मेरा दर्द और न बढ़े। उस रात, मुझे ठंड लगी और बुखार भी हो गया। इसके अलावा मेरी आंखे भी दुख रही थी, जो कि शरीर से बाहर दिखाई देने वाले एक मुख्य संकेत है। इस दौरान चलने पर भी मुझे दिक्कत हो रही थी। जब मैंने इस बारे में गूगल किया तो मुझे  लगा शायद ये माइग्रेन है। लेकिन रात भर दर्द होता रहा और मैं बिल्कुल भी नहीं सोई।  अगली सुबह मैंने सोती रही।

तीसरा दिन: मेरे अंदर एनर्जी बहुत कम थी। मैं सोती रही और मुझे बुखार था । इस वक्त मेरे लक्षण में सूखी खांसी, माइग्रेन, बुखार, ठंड लगना, मतली शामि ल थे। मैंने डॉक्टर के पास जाने का फैसला किया जहां फ्लू की रिपोर्ट नेगिटिव आई। डॉक्टर ने मुझे बताया कि शायद मुझे किसी प्रकार का संक्रमण है और उन्होंने मुझे एंटीबायोटिक्स के साथ 800 मिलीग्राम की आईबुफ्रिन लेने की सलाह दी। मैंने हाइड्रेटेड रहने का फैसला किया और विटामिन व प्रोबायोटिक्स का स्टॉक कर लिया। उस रात मुझे फिर बुखार चढ़ गया।

चौथा दिन: आखिरकार मेरा बुखार उतर गया था लेकिन मुझे एक नया लक्षण दिखाई दिया, सांस लेने में तकलीफ। यह बेहद परेशान करने वाला था, मुझे ऐसा महसूस हुआ कि किसी ने मेरे सीने पर ईंटें रख दी है। मैंने खुद ही जांच करने की कोशिश की और एक ऑनलाइन तरीका ढूंढ निकाला (अपनी सांस रोको और 10 तक गिनें), जिसे मैंने बिना किसी जटिलता के पूरा किया। इस वक्त मैं कोरोना की जांच कराना चाहती थी लेकिन कोरोना का टेस्ट करना बहुत मुश्किल था। मैंने खुद को अलग रखने और हाइड्रेट रहने का फैसला किया। 

पांचवा दिन: लक्षण: गले में खराश, खांसी, सांस लेने में तकलीफ। मैं फिर उसी डॉक्टर के पास गई और जांच करवाने को लेकर बहुत अडिग रही। जिसके बाद डॉक्टर से मैंने छाती के एक्स-रे कराने को कहा लेकिन सब कुछ सामान्य निकला। मुझे अकेले रहने की सलाह दी गई और बाकी के टेस्ट के नतीजे 5-6 दिन बाद लेने को कहा गया।

छठा दिनः  एंटीबायोटिक दवाओं और आईब्रूफिन के निरंतर उपयोग के साथ मेरे लक्षण थे: गले में खराश, खांसी, सांस लेने में तकलीफ। हालांकि मेरा एनर्जी लेवल बढ़ने लगा था।दिद

सातवां दिनः  लक्षण: गले में खराश, हल्की खांसी, सांस लेने में तकलीफ। एनर्जी लेवल का बढ़ना।

आठवां दिनः  लक्षण: हल्की खांसी, महसूस हुआ कि जान में जान आ रही है। अब धीरे-धीरे एनर्जी बढ़ रही थी। 

नौवा दिनः लक्षण: मेरी खांसी बढञ गई थी और एनर्जी नार्मल थी। 

10 वां दिनः लक्षण: हल्की खांसी, बलगम, सामान्य ऊर्जा का स्तर। मेरी जांच की रिपोर्ट पॉजिटिव आई थी। 

मैंने खुद को अलग रखना और खुद की देखभाल करना जारी रखा। आज मैं बहुत अच्छी और स्वस्थ महसूस कर रही हूं। हालांकि मुझे पूरी तरह से फिट होने के लिए दोबारा टेस्ट कराने की जरूरत है। 

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