कितने तरह के होते हैं कंडोम? जानें खासियत

सुरक्षित यौन संबंधों के लिए इन दिनों कंडोम का इस्तेमाल काफी बढ़ गया है। आज बाजार में कई तरह के कंडोम उपलब्ध हैं।

Ashu Kumar Das
Written by: Ashu Kumar DasPublished at: Jul 16, 2022Updated at: Jul 16, 2022
कितने तरह के होते हैं कंडोम? जानें खासियत

सुरक्षित यौन संबंध के लिए इन दिनों कंडोम का इस्तेमाल काफी बढ़ गया है। कंडोम का इस्तेमाल करने से ना सिर्फ अनचाहे गर्भधारण से बचा जा सकता है बल्कि स्किन टू स्किन कांटेक्ट होने सेक्शुअली ट्रांसमिटेड इंफेक्शन से भी बचा जा सकता है। कई रिसर्च में यह बात सामने आ चुकी है कि संबंध बनाते समय सही तरीके से कंडोम का इस्तेमाल किया जाए तो यह 90 से 95 प्रतिशत तक प्रेगनेंसी में बचाव कर सकते। आज बाजार में कई फ्लेवरकंडोम उपलब्ध । लेकिन क्या आप जानते हैं कि कंडोम 1 या 2 नहीं बल्कि 10  हैं, आइए जानते हैं बारे में...

लैटेक्स कंडोम

यह कंडोम की सबसे आम वैरायटी है। लैटेक्स कंडोम प्रेगनेंसी से बचने के लिए सबसे भरोसेमंद माना जाता है।  य जानकारों का मानना है कि लैटेक्स कंडोम के इस्तेमाल करते समय किसी भी क्रीम या ऑयल बेस्ड प्रोडक्ट्स नहीं यूज करना चाहिए। इससे कंडोम फट सकता है।

लैंब्सकीन कंडोम

इस कंडोम को एनिमल इंटेस्टाइन की लाइनिंग से बनाया जाता है। बाकी कंडोम के मुकाबले काफी पतला होता है। यौन संबंध के दौरान लैंब्सकीन कंडोम का इस्तेमाल करने से महसूस । हालांकि ये प्रेगनेंसी बचाने में कम असरदार मानें जाते हैं।

ग्लोइंग कंडोम

यह कंडोम लैटेक्स से बनते हैं। यह एक आम कंडोम की तरह ही होते हैं, लेकिन इसमें कई तरह के फ्लेवर मिलते हैं। ग्लोइंग कंडोम का इस्तेमाल सिर्फ एक च्वाइस की बात है। लेकिन मौज, मस्ती के लिए इसे यूज किया जा सकता है।

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फ्लेवर्ड कंडोम

फ्लेवर्ड कंडोम का इस्तेमाल ज्यादातर ओरल के लिए किया जाता है। एक आम कंडोम के मुकाबले इस पर एक फ्लेवर की कोटिंग चढ़ी हुई होती है। नेचुरल यौन संबंध के दौरान भी इसका प्रयोग हो सकता है। कई रिसर्च में यह बात सामने आई है कि फ्लेवर्ड कंडोम का इस्तेमाल करने से वजाइना में खुजली या इंफेक्शन जैसी समस्याएं हो सकती हैं।

रिब्ड कंडोम

इन कंडोम में बाहर की तरफ एक अलग तरह का टेक्सचर बना होता है, जो छोटे रेशों या उभार जैसे होते हैं। बाहरी टेक्सचर की वजह से यह ज्यादा घर्षण पैदा करता है, जिससे ऑर्गेज्म का अनुभव कम वक्त में संभव हो सकता है। लेकिन जिन लोगों को वजाइना में खुजली, इंफेक्शन या किसी तरह की परेशानी होती है उन्हें रिब्ड कंडोम के इस्तेमाल की सलाह नहीं दी जाती है।

अल्ट्रा थिन कंडोम

जब बात आती है थिन और अल्ट्रा थिन कंडोम की तो लोगों को लगता है कि वो एक जैसे ही हैं, लेकिन ये बात बिल्कुल गलत है। अल्ट्रा थिन काफी पतले होते हैं। संबंध बनाते समय अल्ट्रा थिन कंडोम का इस्तेमाल करना काफी कम लोग पसंद करते हैं, ऐसा इसलिए है क्योंकि यह जल्दी ही फट सकते हैं।

लुब्रिकेटेड कंडोम

इसके तो नाम से ही जाहिर है इस कंडोम की बाहरी और भीतरी सतह पर ल्यूब्रिकेन्ट अलग से लगाया है। लुब्रिकेटेड कंडोम सबसे किफायती और कम्फर्टेबल मानें जाते हैं। चिकनाई होने के कारण ये यौन संबंध को कम परेशानी भरा बना सकते हैं।

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कंडोम आपको यौन रोगों से बचाने और अनचाहे गर्भ से बचाने में मदद करते हैं। अपनी सेक्शुअल हेल्थ के लिए आपको असुरक्षित यौन संबंध नहीं बनाना चाहिए या बनाते समय कंडोम जैसे बाहरी गर्भनिरोधक उपाय का इस्तेमाल जरूर करना चाहिए।

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