Fri Sep 11, 2026 | 09:54 PM IST

बच्चों को बार-बार प्यास लगना कहीं किसी समस्या का संकेत तो नहीं? जानें इसका कारण और बचाव

बच्चों को बार-बार प्यास लगना डायबिटीज की निशानी हो सकती है। इसलिए उनके लक्षणों को पहचानकर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।

यदि आपके बच्चे को बार-बार प्यास लग रही है, तो सावधान हो जाएं। जी हां, बार-बार प्यास लगना बच्चे को खतरनाक बीमारी की ओर इशारा कर सकता है। बार-बार प्यास लगना, भूख अधिक लगना और बार-बार पेशाब जाना बच्चों में डायबिटीज की निशानी हो सकती है। बच्चों में डायबिटीज की शिकायत के कारण उनकी आंखें जाने की संभावना भी बढ़ जाती है। बच्चों के शरीर में शुगर का स्तर असामान्य रूप से बढ़ने के कारण उन्हें प्यास अधिक लगती है। इसलिए वे बार-बार जूस, कोल्ड्रिंक्स और पानी जैसी चीजों का डिमांड करते हैं। अगर आपके बच्चों को जरूरत से ज्यादा प्यास लग रही है, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें। ताकि समय पर डायबिटीज का इलाज कराया जा सके। बच्चों में डायबिटीज के अन्य लक्षण भी दिख सकते हैं। आइए जानते हैं इस बारे में -

भूख अधिक लगना

डायबिटीज से पीड़ित बच्चों को हमेशा भूख की शिकायत लगी रहती है। उन्हें कितना भी खाना खिलाया जाए, तो भी उनके शरीर में उर्जा की कमी होती है। उर्जा की कमी को दूर करने के लिए उनके शरीर को खाने की जरूरत होती है। इस वजह से उन्हें काफी अधिक भूख लगती है। डायबिटीज के कारण बच्चा कितना भी खा लें, लेकिन उसका वजन बढता नहीं है। डायबिटीज की वजह से पीड़ित बच्चों में इंसुलिन की मात्रा घटती है, जिसके कारण उनके शरीर में लगातार उर्जा की कमी बनी रहती है। वह अन्य बच्चों की तुलना में काफी सुस्त रहता हैं। अगर आपको अपने बच्चों में इस तरह के लक्षण दिखे, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें। 

इसे भी पढ़ें- हींग की पट्टी से ठीक हो सकता है शिशुओं का बुखार, जानें बच्चों में बुखार के लिए आजमाया हुआ ये आसान घरेलू नुस्खा

बार-बार टॉयलेट जाना भी हो सकती है डायबिटीज की निशानी

भूख और प्यास अधिक लगने के साथ-साथ बार-बार बाथरूम जाना भी बच्चों में डायबिटीज के प्रमुख लक्षण हो सकते हैं। शुगर के बड़े मरीजों में भी इस तरह के लक्षण देखे गए हैं। अगर आपको अपने बच्चे में यह लक्षण नजर आए, तो सतर्क हो जाएं। उन्हें डायबिटीज की परेशानी हो सकती है। यह शुरुआती यानी टाइप-1 डायबिटीज के लक्षण हो सकते हैं। इसलिए समय रहते उनका इलाज कराएं। 

डायबिटीज के प्रकार 

डायबिटीज दो तरह के दोते हैं। टाइप-1 डायबिटीज और टाइप-2 डायबिटीज। टाइप-1 डायबिटीज को कई लोग इन्सिपिडस के नाम से भी जानते हैं। टाइप-1 डायबिटीज के कारण शरीर में एंटी-डाययुरेटिक हार्मोन (ADH) की कमी हो जाती है। इसकी वजह से हमारा शरीर इंसुलिन का निर्माण करना बंद कर देता है।

वहीं, टाइप 2  डायबिटीज के मरीजों में इंसुलिन आवश्यकता से काफी कम बनता है। इस स्थिति में हमारा शरीर इंसुलिन की पहचान नहीं कर पाता है औऱ इसका इस्तेमाल करना बंद कर देता है। इसलिए टाइप-2 डायबिटीज को इंसुलिन प्रतिरोधकता भी कहा जाता है। 

इसे भी पढ़ें- बच्चों में बार-बार पेशाब आने की समस्या को न करें नजरअंदाज, हो सकता है इस बीमारी का संकेत

डायबिटीज से कैसे करें बच्चों का बचाव

  • नियमित रूप से एक्सरसाइज कराएं।
  • जंक फूड्स से दूर रखें।
  • स्ट्रेस से दूर रखें।
  • मोबाइल पर ज्यादा ना खेलने दें।
  • आउटडोर गेम खेलने के लिए कहें।
  • शुगर का सेवन कम कराएं।
  • सफेद रोटी, मिठाई, पेस्ट्री, सोडा और अन्य रिफाइंड्री चीजों का सेवन कम कराएं।

 Read More Articles on Childrens health

Read Next

Disclaimer

इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

Kishori Mishra

Kishori Mishra

सब एडिटर

जागरण न्यू मीडिया (Only My Health) में बतौर सब एडिटर काम कर रही किशोरी मिश्रा को डिजिटल मीडिया में 4 साल का अनुभव है। किशोरी को हेल्थ के साथ-साथ करियर और लाइफस्टाइल से जुड़ी खबरों की अच्‍छी समझ है। वह पिछले 4 वर्षों से इन विषयों पर लेख लिखती आ रही हैं। किशोरी ने भारतीय विद्या भवन, दिल्ली से हिन्दी जर्नजिल्म में पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा किया है।

Read More..

How we keep this article up to date:

We work with experts and keep a close eye on the latest in health and wellness. Whenever there is a new research or helpful information, we update our articles with accurate and useful advice.

  • Current Version

    Mar 26, 2021 17:49 IST

    Published By : Kishori Mishra

Medically reviewed content
200+ medical reviewers in network
17 Years of Trusted Health Content
Medically reviewed content
200+ medical reviewers in network
17 Years of Trusted Health Content
Medically reviewed content
200+ medical reviewers in network
17 Years of Trusted Health Content