गर्भावस्था में इन 5 कारणों से धुंधली हो जाती है नजर, जानें जरूरी टिप्स

By  , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग
Sep 16, 2018
Quick Bites

  • प्रेगनेंसी में महिलाओं के शरीर में ढेर सारे परिवर्तन होते हैं।
  • गर्भावस्था में धुंधला दिखने की समस्या सामान्य है।
  • सव के बाद यह समस्या अपने आप ठीक हो जाती है।

मां बनना हर महिला के जीवन में बहुत खास होता है। लेकिन इस खुशी के लिए उन्हें गर्भावस्था में कई परेशानियों का सामना करना पड़ता है। प्रेगनेंसी में महिलाओं के शरीर में ढेर सारे परिवर्तन होते हैं इसलिए उनके कई तरह की समस्याएं आती हैं। गर्भावस्‍था के दौरान हार्मोन परिवर्तन के कारण शरीर में कई प्रकार के बदलाव होते हैं। आमतौर पर इस अवस्था में मार्निंग सिकनेस, पीठ दर्द और कमरदर्द की समस्याएं सामान्य हैं। मगर कुछ महिलाओं में गर्भावस्था में ब्लरी विजन यानी धुंधला दिखने की समस्या भी हो जाती है। आइए आपको बताते हैं क्यों होती है गर्भावस्था में नजर धुंधली और क्या हैं इससे बचाव के टिप्स।

क्यों होती है नजर धुंधली

गर्भावस्था में हर महिला के शरीर में ढेर सारे हार्मोनल बदलाव होते हैं। इन बदलावों की वजह से शरीर के कई अंगों पर प्रभाव पड़ता है। इसका असर आंखों पर भी पड़ता है। इस कारण देखने की क्षमता कम हो जाती है या फिर आंखें धुंधली हो जाती हैं। हालांकि यह बहुत सामान्‍य समस्‍या है जो प्रसव के बाद अपने-आप सामान्‍य हो जाती है। दरअसल गर्भावस्था के दौरान शरीर में खून का संचार और तरल पदार्थों का ज्‍यादा निर्माण होता है। ऐसे में नजर के धुंधलेपन का कारण भी ये तरल पदार्थ ही होता है।

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मोटा हो जाता है कॉर्निया

गर्भावस्था में शिशु के विकास के लिए शरीर में तरल पदार्थों का बनना ज्यादा शुरू हो जाता है। तरल पदार्थों की मात्रा बढ़ने के कारण आंखों के लेंस और कार्निया मोटे हो जाते हैं और जिसके कारण आईबॉल पर दबाव पड़ता है। हालांकि यह उच्‍च रक्‍तचाप के कारण भी हो सकता है। गर्भावस्‍था के दौरान न केवल नजर धुंधली हो जाती है बल्कि कुछ मामलों में आंखें सूख भी जाती हैं। इसलिए ऐसी परेशानी होने पर आपको अपने डॉक्टर से जरूर संपर्क करना चाहिए।

कॉन्टैक्ट लेंस का प्रयोग नहीं करना चाहिए

गर्भावस्‍था के दौरान आपकी नजर धुंधली हो गई तो कांटेक्‍ट लेंस का प्रयोग करने से अच्‍छा है आप चश्‍मा पहनिये। हालांकि चिकित्‍सक भी इस दौरान कांटैक्‍ट लेंस पहनने की सलाह बिलकुल नही देते हैं। इस मामले में आपको नेत्र रोग विशेषज्ञ (आफ्थैल्‍मोलॉजिस्‍ट) से संपर्क करना चाहिए। नेत्र रोग विशेषज्ञ आपको लूब्रीकेटिंग ड्रॉप का उपयोग करने की सलाह दे सकता है, जब आंखें सूखी हो जायें तो इसका प्रयोग कीजिए।

डिलीवरी के बाद ठीक हो जाती है समस्या

यह कोई गंभीर समस्‍या नही है, प्रसव के बाद यह अपने आप ठीक हो जाती है। लेकिन यदि गर्भावस्‍था के दौरान आपको देखने में ज्‍यादा दिक्‍कत हो रही है तो अपने चिकित्‍सक से एक बार परामर्श अवश्‍य लीजिए। प्रसव के बाद भी आपकी आंखें सामान्‍य नही हुई हैं तो आप कुछ सप्‍ताह तक आंखों के सामान्‍य होने के लिए इंतजार कर सकती हैं।

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पौष्टिक तत्वों से भरा हो आपका आहार

गर्भावस्‍था के दौरान नियमित व्‍यायाम और पोषणयुक्‍त आहार का सेवन करने से आंखों की यह समस्‍या कम ही होती है। गर्भवती महिलाओं को पानी ज्‍यादा मात्रा में पीना चाहिए और यदि फिर भी आंखों की यह समस्‍या हो रही हो तो चिकित्सक से अवश्‍य संपर्क करें। हालांकि आंखों की यह समस्‍या गर्भावधि मधुमेह या उच्‍च रक्‍तचाप का लक्षण भी हो सकता है। इसलिए जांच के बाद ही इसका उपचार कीजिए।

कई बार पड़ती है सर्जरी की जरूरत

यदि आपकी आंखें प्रसव होने के 6-7 महीने बाद तक भी सामान्‍य नही हुई हैं तो आप आंखों की सर्जरी करा सकती हैं। एक सामान्‍य सर्जरी से यह समस्‍या दूर हो जाएगी।

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