Doctor Verified

क्‍या वायरल इंफेक्‍शन का असर हार्ट पर भी पड़ता है? जानें डॉक्‍टर से

ज्‍यादातर लोगों को वायरल इंफेक्‍शन कभी न कभी हुआ होगा। लेक‍िन क्‍या इसका बुरा असर हार्ट पर पड़ता है? जानते हैं डॉक्‍टर से सही जवाब।  

Yashaswi Mathur
Written by: Yashaswi MathurUpdated at: Jan 03, 2023 10:00 IST
क्‍या वायरल इंफेक्‍शन का असर हार्ट पर भी पड़ता है? जानें डॉक्‍टर से

3rd Edition of HealthCare Heroes Awards 2023

अक्‍सर हम वायरल संक्रमण (Viral Infection) को हल्‍के में लेते हैं। वायरल संक्रमण के लक्षण कुछ ही द‍िनों में ठीक हो जाते हैं या कई बार लक्षण इतने कम होते हैं है क‍ि हमें वायरस की चपेट में आने का पता भी नहीं चलता। इसका एक उदाहरण है कोरोना वायरस (Corona Virus)। संक्रम‍ण के कारण कोई लक्षण नजर नहीं आ रहा है, तो उसका नुकसान भी शरीर पर नहीं पड़ेगा। ये सोचना एक भ्रम है। जरूरी नहीं है क‍ि संक्रमण के लक्षण नहीं नजर आने पर वो आपके शरीर को नुकसान न पहुंचा रहा हो। अगर बार-बार संक्रमण का श‍िकार हो जाते हैं, तो हार्ट डैमेज होने की आशंका बढ़ सकती है। आगे लेख में हम जानेंगे क‍ि क्‍या वायरल इंफेक्‍शन वाकई हार्ट (Heart) को प्रभाव‍ित करता है या नहीं। इस व‍िषय पर बेहतर जानकारी के ल‍िए हमने लखनऊ के केयर इंस्‍टिट्यूट ऑफ लाइफ साइंसेज की एमडी फ‍िजिश‍ियन डॉ सीमा यादव से बात की।

heart diseases in hindi

क्‍या वायरल संक्रमण हार्ट को नुकसान पहुंचाता है?

वायरल संक्रमण रेस्‍प‍िरेटरी स‍िस्‍टम को तो प्रभाव‍ित करता ही है। साथ ही ये हमारे हार्ट पर भी बुरा असर छोड़ता है। कई केस में ये देखा गया है क‍ि मरीज को अस्‍पताल में वायरल संक्रमण के कारण भर्ती क‍िया गया और अंत में हार्ट कंडीशन के कारण उसकी जान जोख‍िम में पड़ गई। ज‍िन लोगों को हाई बीपी या कोरोनरी हार्ट ड‍िसीज होता है उन्‍हें वायरल संक्रमण से तुरंत न‍िपटने की जरूरत होती है। ऐसा न करने पर वारयल संक्रमण स्‍ट्रोक (Stroke), हार्ट फेल‍ियर (Heart Failure), हार्ट अटैक (Heart Attack) जैसी गंभीर समस्‍याओं का कारण बन सकता है। छोटे श‍िशुओं को भी वायरल संक्रमण की चपेट में आने से बचाए रखना चाह‍िए। श‍िशुओं की इम्‍यून‍िटी कमजोर होती है और वायरल इंफेक्‍शन आसानी से उनके हार्ट को प्रभाव‍ित कर सकता है।

इसे भी पढ़ें- हार्ट को स्‍वस्‍थ रखने के ल‍िए अपनाएं डॉक्‍टर के सुझाए ये 5 काम

कैसे पता लगाएं क‍ि वायरल संक्रमण हार्ट को प्रभाव‍ित कर रहा है?

डॉक्‍टर की सलाह पर हार्ट की स्‍थ‍ित‍ि की जांच करने के ल‍िए चेस्‍ट का एक्‍सरे क‍िया जाता है। इसके अलावा हार्ट का अल्‍ट्रासाउंड करके भी देखा जाता है ज‍िससे डॉक्‍टर को हार्ट में ब्‍लड फ्लो की स्‍थ‍ित‍ि का पता चलता है। इस जांच को इकोकार्डियोग्राम के नाम से जाना जाता है। कुछ मामलों में डॉक्‍टर को बायोप्‍सी करने की भी जरूरत पड़ती है ज‍िससे इस बात का पता चलता है क‍ि कौनसा वायरस, हार्ट को नुकसान पहुंचा रहा है। संक्रमण की जांच के ल‍िए ब्‍लड टेस्‍ट भी क‍िया जाता है। इसके अलावा द‍िल की धड़कन की जांच करने के ल‍िए इलेक्ट्रोकार्डियोग्राफी जांच की जाती है। 

हार्ट में वायरस के कारण होने वाली बीमारी 

हार्ट में इंफेक्‍शन भी वायरस के कारण हो सकता है ज‍िसमें एक प्रमुख बीमार‍ी के बारे में हम जानते हैं। इस बीमारी का नाम है मायोकार्डिटिस। इस बीमारी में दिल की मांसपेशियों में सूजन की समस्या हो जाती है। इस बीमारी के कारण चेस्‍ट में दर्द, अन‍ियम‍ित हार्टबीट, थकान, बुखार और फ्लू जैसे लक्षण नजर आते हैं। वायरल संक्रमण (Viral Infection) के कारण हेल्‍दी सेल्‍स नष्‍ट हो जाते हैं। कई तरह के वायरल इंफेक्‍शन हार्ट पर बुरा असर डाल सकते हैं। जैसे एचआईवी, हर्पीस आद‍ि।          

वायरल इंफेक्‍शन का इलाज जल्‍दी करवाएं 

वायरल इंफेक्‍शन (Viral Infection) को एक अंग से दूसरे अंग में फैलने के ल‍िए ज्‍यादा समय की जरूरत नहीं होती है। तेजी से फैलने वाले वायरल इंफेक्‍शन से लड़ने का एकमात्र तरीका है च‍िक‍ित्‍सा सहायता लें। ज्‍यादातर वायरल संक्रमणों का इलाज दवा के जर‍िए क‍िया जाता है। एंटीवायरल दवाओं की मदद से वायरस को खत्‍म क‍िया जाता है। एंटीइंफ्लेमेटरी दवाओं से सूजन कम की जाती है। वहीं जब दवाओं से काम नहीं चलता, तो मरीज को अस्‍पताल में भर्ती भी क‍िया जाता है।   

हां, वायरल इंफेक्‍शन हार्ट को प्रभाव‍ित करता है। वायरल संक्रमण को हल्‍के में न लें। जल्‍द से जल्‍द इसका इलाज करवाएं।

Disclaimer