क्‍या अल्‍ट्रा-वायलेट लाइट से मर सकता है कोरोना वायरस? जानें क्‍या है सच: WHO

क्‍या अल्‍ट्रा-वायलेट किरणें या फिर अल्‍ट्रा-वायलेट लैंप की लाइट कोरोना वायरस को मार सकती है? इस पर कई दावे किए जा रहे हैं, लेकिन सच क्‍या है, जानें। 

Sheetal Bisht
Written by: Sheetal BishtPublished at: Apr 30, 2020Updated at: Apr 30, 2020
क्‍या अल्‍ट्रा-वायलेट लाइट से मर सकता है कोरोना वायरस? जानें क्‍या है सच: WHO

यह समय थोड़ा मुश्किल भरा है, जब लगभग पूरी दुनिया खतरनाक कोरोना वायरस की जंग लड़ रही है। लेकिन इस बीच, जो अजीब है वह ये है कि सोशल मीडिया पर इन दिनों तरह-तरह के दावे किए जा रहे हैं। जिनमें कहीं डिसइंफेक्टेंट्स को पीने या इंजेक्‍ट करने की बात कही जा रही है, तो कहीं अल्‍ट्रा-वायलेट लैंप को कोरोना वायरस से लड़ने में प्रभावी बताया जा रहा है। एक ओर देश और दुनिया के डॉक्‍टर व वैज्ञानिक कोरोना से बचाव का इलाज तलाश रहे हैं, तो वहीं इस तरह के तमाम नुस्‍खे इंटरनेट पर खूब वायरल हो रहे हैं। हाल में एक ऐसी खबर वायरल हो रही है कि सूर्य के प्रकाश में मौजूद अल्‍ट्रा-वायलेट किरणें हाथों और सतहों को डिसइंफेक्‍ट करने में मदद कर सकती हैं। आइए यहां हम आपको बताते हैं कि अल्‍ट्रा-वायलेट किरणों या UV सैनिटाइजर्स कोरोना वायरस को मार सकता है या नहीं?

Can UV Lights Disinfectants Corona Virus

क्‍या अल्‍ट्रा- वायलेट किरणों से मर सकता है कोरोना वायरस? 

सूर्य के प्रकाश में मौजूद अल्‍ट्रा- वायलेट या UV किरणें, जिन्‍हें पराबैंगनी किरणें भी कहा जाता है। यह अल्‍ट्रा- वायलेट किरणें एक तरह की इलेक्ट्रोमैग्नेटिक तरंगें हैं, जिनमें काफी अधिक मात्रा में ऊर्जा होती है। इन दिनों फेसबुक, ट्विट और व्‍हाट्सएप पर किए गए दावों में बताया जा रहा है कि अल्‍ट्रा- वायलेट लाइट या UV सैनिटाइजर्स आपके हाथों या अन्‍य चीजों को सैनिटाइज कर सकती हैं और कोरोना वायरस का खात्‍मा कर सकती हैं। जबकि हेल्‍थ एक्‍सपर्ट्स और अध्‍ययन कहते हैं कि सच यह है कि यह पराबैंगनी किरणें आपके लिए हानिकारक हो सकती हैं। ये अल्‍ट्रा- वायलेट किरणें आपकी त्वचा के लिए काफी खतरनाक मानी जाती हैं। 

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UV Light and Corona Virus

क्‍या कहता है WHO

विश्‍व स्‍वास्‍थ्‍य संगठन (World Health Organisation) की मानें, तो इन अल्‍ट्रा- वायलेट किरणों में इतनी ज्यादा एनर्जी होती है कि ये शरीर में कोशिकाओं को नष्‍ट करने लगती हैं। इतना ही नहीं यह आपकी त्‍वचा के लिए भी बेहद खतरनाक होत हैं और स्किन कैंसर जैसे कई घातक असर डाल सकती हैं।   

कोरोना वायरस से बचाव के तरीके 

जब तक कि इस घातक कोरोना वायरस का एक सटीक इलाज नहीं मिल जाता है, तक तक सावधानी ही सबसे बड़ा बचाव का तरीका है। हालांकि, अभी कोरोना वायरस से ठीक हुए लोगों के प्‍लाजमा के जरिए अन्‍य रोगियों के इलाज में मदद मिल रही है। लेकिन आप कोरोनो वायरस से बचाव के लिए यहां दी गई सभी जरूरी सावधानियां जरूरी अपनाएं। 

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घर में रहें और सुरक्षित रहें। 

किसी जगह या वस्‍तु को छूने के बाद 20 सैकेंड हाथों को पानी और साबुन से धोना और सैनिटाइजर का उपयोग। 

सोशल डिस्‍टेंसिंग बनाए रखें। 

घर बाहर निकलने पर मास्‍क और डिसपोजल दस्‍ताने पहनें और इस्‍तेमाल के बाद बंद बिन में फेंक दें। 

अपने मुं‍ह आंख और नाक को छूंने से बचें। 

फल-सब्जियों या अन्‍य बाहर से आने वाली वस्‍तुओं को सैनिटाइज या धोना न भूलें। 

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