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क्‍या ब्रेन ट्यूमर का असर मेमोरी और स्‍पीच पर पड़ता है? डॉक्‍टर से जानें पूरा सच

ब्रेन ट्यूमर होने पर क्‍या व्‍यक्‍त‍ि के मेमोरी और स्‍पीच पर कोई असर पड़ता है? डॉक्‍टर से जानते हैं इसका पूरा सच  

Yashaswi Mathur
Written by: Yashaswi MathurPublished at: Jun 07, 2022Updated at: Jun 07, 2022
क्‍या ब्रेन ट्यूमर का असर मेमोरी और स्‍पीच पर पड़ता है? डॉक्‍टर से जानें पूरा सच

8 जून को ब्रेन ट्यूमर डे मनाया जाता है और इस द‍िन का उद्देश्‍य है लोगों के बीच इस खतरनाक और जानलेवा बीमारी के बारे में जागरूकता फैलाना और इसी कड़ी में हम ब्रेन ट्यूमर के द‍िमाग पर असर के ऊपर बात करेंगे। ब्रेन ट्यूमर का असर शरीर पर तो पड़ता ही है या इसका गहरा असर हमारी मेमोरी और स्‍पीच पर भी पड़ता है। अगर क‍िसी व्‍यक्‍त‍ि को ब्रेन ट्यूमर है तो बोलने में, अपनी बात समझाने में या क‍िसी बात को याद रखने में परेशानी आ सकती है। इस समस्‍या के कारण व्‍यक्‍त‍ि मानस‍िक तौर पर कमजोर हो सकता है। इस लेख में हम जानेंगे क‍ि ब्रेन ट्यूमर क्‍या सच में मेमोरी और स्‍पीच पर कोई असर डालता है या ये केवल व्‍यक्‍तगत परेशानी है। इस व‍िषय पर बेहतर जानकारी के ल‍िए हमने लखनऊ के केयर इंस्‍टिट्यूट ऑफ लाइफ साइंसेज की एमडी फ‍िजिश‍ियन डॉ सीमा यादव से बात की। 

brain tumor symptoms

ब्रेन ट्यूमर के कई लक्षण होते हैं ज‍िनमें से एक लक्षण ये भी है क‍ि मेमोरी खो जाने की समस्‍या या स्‍पीच में परेशानी आ सकती है। अगर आपको मेमोरी या स्‍पीच से जुड़ी कोई समस्‍या आ रही तो इसका एक कारण ये भी हो सकता है क‍ि आपको ब्रेन ट्यूमर की श‍िकायत हो। ब्रेन ट्यूमर होने पर आपको कई समस्‍याएं हो सकती हैं जैसे-  

ब्रेन ट्यूमर के कारण मेमोरी से जुड़ी समस्‍याएं (Brain tumor causes memory problems)

अगर आपको मेमोरी से जुड़ी श‍िकायत है तो ये भी ब्रेन ट्यूमर का ही एक कारण हो सकता है। मेमोरी को क्र‍िएट करने और उसे याद रखने में परेशानी होना भी ब्रेन ट्यूमर का एक साइड इफेक्‍ट हो सकता है। कई लोगों को ब्रेन ट्यूमर होने पर कुछ भी याद करने में परेशानी की समस्‍या हो सकती है।       

ब्रेन ट्यूमर के कारण स्पीच से जुड़ी समस्‍याएं (Brain tumor causes speech problems)

ब्रेन ट्यूमर हो जाने पर व्‍यक्‍त‍ि को बोलने में भी कई समस्‍याओं का सामना करना पड़ सकता है। अगर क‍िसी व्‍यक्‍त‍ि को ब्रेन ट्यूमर है तो उसे शब्‍दों को कहने और उनका साउंड बनाने में परेशानी आ सकती है। सही शब्‍द चुनने में भी तकलीफ होना ब्रेन ट्यूमर का ही एक साइड इफेक्‍ट है। अगर ल‍िखने या पढ़ने में तकलीफ हो रही है तो ये भी स्‍पीच से जुड़ी समस्‍या के कारण हो सकता है।

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बात करने के तरीका बदल सकता है (Brain tumor causes communication problem)

ब्रेन के हर सेक्‍शन के अलग फंक्‍शन हैं और सभी कम्‍यून‍िकेट करने का काम करते हैं। ब्रेन ट्यूमर का असर बोलने के तरीके और भाषा पर पड़ता है। ब्रेन ट्यूमर होने का गहरा असर आपके कम्‍यून‍िकेशन पर भी आता है। स्‍पीच और लैंग्‍वेज पर ब्रेन ट्यूमर का असर पड़ने से व्‍यक्‍त‍ि बातचीत करना कम देता है और ज्‍यादा कम्‍यून‍िकेट करने से बचना चाह‍ता है।   

स्‍पीच और मेमोरी से जुड़ी श‍िकायत होने पर क्‍या करें?

इस समस्‍या का इलाज डॉक्‍टर आपको बेहतर तरीके से बता सकते हैं, आपको मेमोरी या स्‍पीच से जुड़ी श‍िकायत है तो आप मेड‍िटेशन करें और दवाओं का सेवन करते रहें। कई सेल्‍फ हेल्‍प तकनीक और थैरेपी हैं ज‍िनकी मदद से स्‍पीच और लैंग्‍वेज की समस्‍या को ठीक क‍िया जा सकता है।  जब क‍िसी व्‍यक्‍त‍ि को स्‍पीच और मेमोरी की श‍िकायत होती है तो उस व्‍यक्‍त‍ि की मेंटल हेल्‍थ पर भी इसका गहरा असर होता है। ज‍िस व्‍यक्‍त‍ि को ब्रेन ट्यूमर की श‍िकायत है उसके ल‍िए ये मुश्‍क‍िल बीमारी है क्‍योंक‍ि ये व्‍यक्‍त‍ि को शरीर और मानस‍िक तौर दोनों से कमजोर कर देती है।

ऐसा नहीं है क‍ि ब्रेन ट्यूमर से पीड़‍ित हर व्‍यक्‍त‍ि को स्‍पीच और लैंग्‍वेज की समस्‍या हो, ट्यूमर के साइज पर भी न‍िर्भर करता है क‍ि व्‍यक्‍त‍ि में कैसे लक्षण नजर आएंगे। लेख पसंद आया हो तो शेयर करना न भूलें, ज्‍यादा जानकारी के ल‍िए आप ब्रेन ट्यूमर से जुड़े अन्‍य लेख भी हमारी वेबसाइट पर जाकर पड़ सकते हैं।    

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