शिशु को सुलाने के लिए सही पोजीशन क्या है? कौन सी पोजीशन हो सकती है असुरक्षित

अगर आपका शिशु भी गलत पोजीशन में सोता है तो यहां जानें शिशु को सुलाने की सही पोजीशन के बारे में। 

 
Kunal Mishra
Written by: Kunal MishraPublished at: Jun 09, 2021
शिशु को सुलाने के लिए सही पोजीशन क्या है? कौन सी पोजीशन हो सकती है असुरक्षित

अच्छी और सही पोजीशन में सोना सभी के लिए फायदेमंद होता है, लेकिन शिशु को सुलाने के मामले में विशेष ध्यान देना होता है। अक्सर माता-पिता शिशु के सोने को लेकर चिंतित रहते हैं। जो लाजमी भी है। शिशु का सही पोजीशन में सोना उनकी सेहत के लिहाज से अच्छा माना जाता है। क्या आप जानते हैं कि शिशु को कौन सी पोजीशन में सुलाना सुरक्षित होता है? क्या आपका शिशु सही पोजीशन में सोता है? अगर नहीं, तो इस लेख के माध्यम से हम आपको शिशु को सुलाने की सही और गलत पोजीशन के बारे में बात करने वाले हैं। हालांकि शिशु के लिए सीधे रहकर पेट के बल सोना अधिक फायदेमंद और सुरक्षित भी माना जाता है। चलिए जानते हैं शिशु के स्लीपिंग पोजीशन से जुड़ी बातें। 

baby

शिशु को सुलाने की सही पोजीशन? (Best Sleeping Position for Infant)

नवजात के लिए बेस्ट पोजिशन होती है पीठ के बल सोना। कई शोध और रिसर्च में पाया गया है कि नवजात को पीठ के बल ही सुलाना चाहिए। इससे उनमें सडन इंफेंट डेथ सिंड्रॉम (sudden infant death syndrome) का खतरा कम हो जाता है। पीठ के बल सोने से शिशु को सांस लेने में भी तकलीफ नहीं होती है। ऐसे में शिशु का दम नहीं घुटता है। अक्सर मां-बाप को अपने बच्चों को लेकर यही परेशानी होती है कि कहीं पीठ के बल सोने से वे उल्टी ना कर दें। लेकिन ऐसा नहीं होता। पीठ के बल सोने से नवजात मे रिफ्लक्स का कोई खतरा नहीं होता। अगर कोई फ्लूइड नवजात के मुंह में आ भी जाए तो वे उसे निगल लेते हैं। इसलिए हमेशा नवजात शिशु को पीठ के बल ही सुलाना चाहिए। जैसे-जैसे बच्चे बड़े होने लगते हैं वैसे-वैसे वे खुद ही करवट लेने लगते हैं। बच्चे बेड पर खुद ही रोल होकर अपनी स्लीपिंग पोजिशन चेंज कर लेते हैं। इसमें ज़्यादा घबराने वाली बात नहीं होती है। अगर बच्चे करवट लेकर सोने लगें तो उन्हें वापस प्यार से पीठ के बल सुला दें। अगर वे खेलते समय रोल हो रहे हैं तो उन्हें खेलने दें। ये उनके विकास के लिए अच्छा होता है। लेकिन सोते समय उन्हें पीठ के बल ही सुलाने की कोशिश करें खासकर जब शिशु नवजात हो। 

इसे भी पढ़ें - शिशुओं में रूखी त्वचा के आम कारण और इसे दूर करने के 5 घरेलू नुस्खे

शिशु के लिए कौन सी स्लीपिंग पोजीशन हो सकती है असुरक्षित (Unsafe Sleeping Position for Infants)

infantsleep

1. पेट के बल सोना (Sleeping on Tummy)

पेट के बल सोना शिशु के लिए सबसे हानिकारक स्लीपिंग पोजिशन होती है। पेट के बल सोते समय बच्चे को सांस लेने में बहुत दिक्कतें होती है। इस दौरान बच्चे का सारा वज़न उसके पेट पर पड़ जाता है, जिसका कुछ हद तक स्पाइन पर भी बुरा असर पड़ता है। पेट के बल सोने से sudden infant death का खतरा सबसे अधिक हो जाता है। ऐसे में अगर गद्दा साफ ना हो तो बच्चा गद्दे पर मौजूद माइक्रोब्स भी सांस लेते समय अपने अंदर ले सकता है। एक साल से कम उम्र के बच्चों को तो खासकर पीठ के बल ही लेटाना चाहिए। 

2. करवट लेकर सोना (Sleeing on Side)

करवट लेकर सोना भी शिशु के लिए नुकसानदायक हो सकता है। करवट लेने से शिशु का सारा भार शरीर के एक तरफ पड़ जाता है, जिससे त्वचा का रंग हल्का लाल या गुलाबी पड़ सकता है। कई घंटो तक एक तरफ  सोने से शिशु के दिमाग का विकास भी धीमा पड़ सकता है। इससे उन्हें सांस लेने में तकलीफ भी हो सकती है। लगभग एक साल की उम्र पार करने के बाद बच्चे जिस भी पोजिशन मे कंफर्टेबल हों उन्हे उसी पोजिशन मे सोने दें हालाकि ध्यान तब भी रखना पड़ेगा। 

इसे भी पढ़ें - 6 माह से बड़े बच्चों के लिए सूजी की खीर बनाने की रेसिपी, सेहत को मिलेंगे कई फायदे

शिशु को सुलाते समय ध्यान देने वाली बातें (Things to Keep in Mind while Putting Baby to Sleep)

  • शिशु के लिए सॉफ्ट और साफ सुथरे गद्दे का इस्तेमाल करें।
  • बच्चे के आस-पास सफाई रखें, कोई भी अनहाइजेनिक चीज़ नहीं रखें।
  • नवजात शिशु को अपने साथ ही सुलाएं उन्हें अकेला बिलकुल भी नहीं छोड़ें।
  • शिशु के साथ गहरा रिश्ता बनाने के लिए आप शिशु को अपने सीने से लगाकर भी सुला सकते हैं। यह बिल्कुल सेफ होता है।
  • शिशु को भरी मोटा कंबल ना उढ़ाएं, इससे उनका दम घुट सकता है।
  • नवजात शिशु के सिर के नीचे तकिया नहीं लगाना चाहिए, इससे उसे सांस लेने में परेशानी हो सकती है।
  • बच्चे को सुलाते समय कमरे की लाइट्स डिम रखें।  

बच्चों को सुलाने के लिए सबसे अच्छी पोजीशन उन्हें पीठ के बल सुलाना ही है। इस लेख में दिए गए तरीकों से आप शिशु को सुला सकते हैं।

Read more Articles on New Born Care in Hindi

Disclaimer