डायबिटीज रोगी को नहीं, बल्कि इन लोगों को नुकसान पहुंचा सकता है शकरकंद

शकरकंद डायबिटीज रोगियों के लिए नुकसानदेय है, ऐसी गलत धारणाएं लोगों के मन में है। लेकिन कुछ लोगों के लिए यह नुकसानदेय भी हो सकता है। 

Kishori Mishra
Written by: Kishori MishraPublished at: Nov 18, 2020
डायबिटीज रोगी को नहीं, बल्कि इन लोगों को नुकसान पहुंचा सकता है शकरकंद

शकरकंद स्वाद में मीठा होता है, इसलिए ज्यादातर लोगों का यह मानना है कि डायबिटीज रोगियों के लिए शकरकंद नुकसानदायक हो सकता है। लेकिन आपको बता दें कि यह धारणा बिल्कुल गलत है। नेशनल सेंटल ऑफ बायोटेक्नॉलजी इंफॉर्मेशन (NCBI) ने साल 2013 में एक रिसर्च प्रकाशित किया था। इस रिसर्च के आधार पर बताया गया है कि शकरकंद (Sweet Potatoes) डायबिटीज रोगियों के लिए फायदेमंद है। अमेरिका स्थित इस मेडिसिन लैबोरेट्री के मुताबिक शकरकंद में ब्लड शुगर को कंट्रोल करने के गुण पाए जाते हैं। ऐसे में यह डायबिटीज रोगियों के लिए नुकसानदेय नहीं बल्कि फायदेमंद होता है। इतना ही नहीं आयुर्वेद में भी डायबिटीज रोगियों के लिए शकरकंद फायदेमंद बताया गया है।

एनसीबीआई की रिपोर्ट के मुताबिक, शकरकंद में फ्लेवोनॉइड्स नामक तत्व होता है, जो हमारे शरीर के ब्लड में ग्लूकोज का लेवल बढ़ने नहीं देताहै। शकरकंद आलू की तरह जमीन के अंदर पैदा होता है, इसलिए इसमें पृथ्वी में मौजूद सभी पोषक तत्व पाए जाते हैं। अपने इन्हीं गुणों के कारण इसमें कई बीमारियों को दूर करने की क्षमता होती है। वहीं, आयुर्वेद के मुताबिक शकरकंद में इंसुलिन को नियंत्रित करने की क्षमता होती है। हालांकि, कुछ मरीजों को शकरकंद से दूर रहना चाहिएं, क्योंकि यह उन्हें नुकसान पहुंचा सकती है। आइए आयुर्वेदिक विशेषज्ञ डॉ. राहुल चतुर्वेदी से जानते हैं किन मरीजों को शकरकंद का नहीं करना चाहिए। 

इन मरीजों को शकरकंद से रहना चाहिए दूर

लिवर की समस्या से ग्रसित मरीज

डॉ. राहुल चतुर्वेदी बताते हैं कि लिवर की समस्या से ग्रसित मरीजों को शकरकंद का सेवन नहीं करना चाहिए। इस बीमारी से ग्रसित मरीज अगर शकरकंद का सेवन करते हैं, तो पेट की परेशानी जैसे- दस्त, उल्टी जैसी शिकायतें बढ़ सकती हैं। लिवर से जुड़ी परेशानी दूर होने का बाद आप शकरकंद खा सकते हैं। 

इसे भी पढ़ें - खाना खाने के बाद नहीं करना चाहिए इन 5 चीजों का सेवन, वरना सेहत को हो सकता है नुकसान

पथरी से ग्रसित मरीज

डॉ. चतुर्वेदी बताते हैं कि शकरकंद में ऑक्सलेट की उच्च मात्रा होती है। शरीर में अधिक ऑक्सलेट होने से यह दाने का रूप धारण कर सकती है। शरीर में मौजूद कैल्शियम और ऑक्सलेट मिलकर पथरी का निर्माण कर देते हैं। ऐसे में जो लोग पथरी की समस्या से ग्रसित हैं, उन्हें शकरकंद खाने से परेशानी बढ़ सकती है। ऐसे में डॉक्टर की सलाह लेकर ही शकरकंद का सेवन करें।

इसे भी पढ़ें - मेटाबॉलिज्म सिंड्रोम की काट है विटामिन डी और सी, जानिए दोनों में से कौन सा है सबसे असरदार

मैनिटोल से एलर्जी 

कुछ लोगों को मैनिटोल से एलर्जी होती है। मैनिटोल प्राकृतिक शुगर होता है। ऐसे में अगर आपका शरीर मैनिटोस के प्रति संवेदनशील है, तो शकरकंद का सेवन ना करें। इससे आपकी एलर्जी बढ़ सकती है। 

डायबिटीज रोगी गलत तरीके से ना करें शकरकंद का सेवन

शकरकंद में ग्लासेमिक इंडेक्स का लेवल कम होता है, लेकिन अगर आप इसे सही तरीके से नहीं पकाते हैं, तो इसका ग्लासेमिक इंडेक्स प्रभावित हो सकता है।  एक्सपर्ट की मानें तो उबले हुए शकरकंद का ग्लासेमिक इंडेक्स लेवल 44 होता है। वहीं, अगर आप इसे 45 मिनट से अधिक पकाते हैं, तो इसका ग्लासेमिक इंडेक्स स्तर 94 हो जाता है।  ऐसे में यह डायबिटीज रोगियों के लिए नुकसानदेय हो सकता है। डॉ. राहुल अगर आप शकरकंद को सही मात्रा में उचित तरीके से पकाते हैं, तो यह आपके लिए फायदेमंद साबित हो सकता है और इससे आपको किसी तरह की हानि नहीं पहुंचती है। 

शकरकंद के फायदे

  • वजन बढ़ाने में गुणकारी
  • कैंसररोधी गुण
  • डायबिटीज रोगियों के लिए फायदेमंद
  • ब्रोंकाइटिस में है फायदेमंद
  • अस्थमा रोगियों के लिए असरकारी
  • गठिया रोग में हैं फायदेमंद
  • सर्दियों में जरूर खाएं शकरकंद

Read More Article On Healthy Diet In Hindi

Disclaimer