सफेद नमक से ज्यादा गुणकारी होता है हिमालयन साल्ट, न्यूट्रीशिनिस्ट से जानें इसके फायदे-नुकसान

समुद्री नमक से बेहतर है हिमालयन नमक। यह बीपी, हड़्डियों और मांसपेशियों की ऐंठन को दूर करता है। इसका नियमित सेवन शरीर से रोगों को खत्म करता है।

Meena Prajapati
Written by: Meena PrajapatiPublished at: Apr 14, 2021Updated at: Apr 14, 2021
सफेद नमक से ज्यादा गुणकारी होता है हिमालयन साल्ट, न्यूट्रीशिनिस्ट से जानें इसके फायदे-नुकसान

हिमालय की तलहटी से प्राप्त होने वाला हिमालयन नमक समुद्री नमक (sea salt) से ज्यादा गुणकारी होता है। गुलाबी दिखने वाला हिमालयन नमक (Himalayan salt) शरीर के कई रोगों को खत्म करता है। अभी तक आपने सफेद नमक के बारे में जाना होगा लेकिन अब धीरे-धीरे गुलाबी नमक यानी हिमालयन नमक के बारे में भी लोगों की समझ बन रही है। इसके फायदों को देखते हुए कई डायटीशियन इसे दवा के रूप में मरीजों को खाने की सलाह देते हैं। दिल्ली के अपोलो अस्पताल में न्यूट्रीशनिस्ट डॉ. पुनीता श्रीवास्तव का कहना है कि हिमालयन नमक में 84 जरूरी तत्त्व होते हैं। समुद्री नमक में सिर्फ सोडियम क्लोराइड होता है जबकि हिमालयन साल्ट में पोटैशियम, आयरन, कैल्शियम, मैग्नीशियम आदि होता है। यही वजह है कि हिमालयन नमक सफेद नमक से ज्यादा गुणकारी है। हिमालयन साल्ट खाने से बीपी, मोटापा, अनिद्रा, हड्डियों की समस्या आदि खत्म होती है। तो आइए न्यूट्रीशनिस्ट से जानते हैं इस गुलाबी नमक के फायदे।

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हिमालयन साल्ट के फायदे

हड्डियों को मजबूती

हिमालयन साल्ट को सेंधा नमक भी कहा जाता है। समुद्री नमक के मुकाबले इस नमक में कैल्शियम और मैग्नीशियम प्रचूर मात्रा में पाया जाता है। इसलिए यह हड्डियों के लिए अच्छा होता है। इस नमक को आप खाने में या नमक के पानी में पैरों को भिगोकर रख सकते हैं। खाने में इस नमक का सेवन करने से हड्डियों को मजबूती मिलती है।

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त्वचा के लिए फायदेमंद

हिमालयन साल्ट में कैल्शियम, मैग्नीशिय, पोटैशियम जैसे पोषक तत्त्व होते हैं जो त्वचा के लिए फायदेमंद होते हैं। गर्मी के मौसम में जब शरीर की नमी सूखने लगती है तब इस नमक के पानी में पैरों या हाथों को भिगोने से त्वचा में नमी वापस आती है।

मांसपेशियों की ऐंठन करे दूर

मांसपेशियों में जब ऐंठन होती है तो वह पूरे शरीर को परेशान कर देती है। हिमालयन साल्ट में कैल्शियम और जिंक की मात्रा अच्छी होती है। जो शरीर के लिए जरूरी है। इससे मांसपेशियों की ऐंठन दूर होती है।

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बीपी में फायदेमंद

न्यूट्रीशनिस्ट पुनीता का कहना है कि जिन लोगों को हाई बीपी की समस्या होती है, उन्हें डाक्टर ज्यादा नमक खाने से मना कर देते हैं, लेकिन हिमालयन साल्ट बीपी में भी मदद करता है। इसमें आयरन की मात्रा होती है जो बीपी के लिए जरूरी है। समुद्री नमक बीपी के मरीजों को मना किया जाता है पर हिमालयन साल्ट खाने की सलाह दी जाती है।

सूजन को करे कम

शरीर में सूजन आने पर हिमालयन साल्ट का प्रयोग किया जा सकता है। इसके सेवन से कमर दर्द, टखने, वेरिकोज वेन्स और पैरों की सूजन में फायदा मिलता है। इस नमक में इलैक्ट्रोलाइट्स की मात्रा संतुलित होती है, जिस वजह से सूजन में फायदा करता है।

मुंह का स्वास्थ्य

मुंह से जुड़ी परेशानियों को खत्म करने में भी हिमालयन साल्ट लाभकारी है। इसका कुल्ला करने से मुंह की दुर्गंध खत्म हो जाती है तो वहीं, बलगम की समस्या भी खत्म होती है।

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तनाव को करे कम

आजकल की जिंदगी में तनाव ज्यादा बढ़ गया है। इंसान जीता कम है टेंशन ज्यादा लेता है। यही वजह है कि वह कई बीमारियों का घर बन जाता है। हिमालयन नमक में इतने मिनरल्स होते हैं, कि वह तनाव को कम करता है और अनिद्रा की समस्या को भी भगाता है। अगर आपको भी अनिद्रा की समस्या है तो सोने से पहले हिमालयन साल्ट के पानी में पैर भिगोकर रखें। कुछ देर बाद निकाल लें। इसके बाद आपके मानसिक तनाव में कमी आएगी और नींद अच्छी आएगी।

हिमालयन साल्ट के साइड इफैक्ट

डॉ. पुनीता का कहना है कि अधिक मात्रा में हिमालयन साल्ट लेने से निम्न नुकसान हो सकते है-

ज्यादा सेंधा नमक खाने से हाइपरटेंशन, हार्ट की प्रॉब्लम, किडनी, स्ट्रोक की दिक्कत हो सकती है। इसलिए किसी विशेषज्ञ की सलाह से ही इसका प्रयोग करें।

हिमालयन साल्ट समुद्री नमक से ज्यादा बेहतर है। इसके संतुलित सेवन से शरीर के कई रोग समाप्त होते हैं। बीपी की परेशानी में यह सबसे अधिक लाभकारी है। हिमालयन साल्ट को सेंधा नमक भी कहा जाता है। यह हिमालय की तलहटी में पाया जाता है।

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